तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में नामांकन के लिए केवल पांच दिन: सीईओ पटनायक की महत्वपूर्ण जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- नामांकन का समय केवल पांच कार्यदिवस है।
- चुनाव 23 अप्रैल को होंगे।
- मतगणना 4 मई को की जाएगी।
- चुनाव में पारदर्शिता के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।
- उम्मीदवारों को नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।
चेन्नई, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अर्चना पटनायक ने सोमवार को नामांकन संबंधी जानकारी साझा की। पटनायक ने स्पष्ट किया कि 23 अप्रैलपांच कार्यदिवस है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने नामांकन दाखिल करने के लिए आठ दिन की समय सीमा निर्धारित की थी।
उन्होंने कहा कि नामांकन दाखिल करने की अवधि 30 मार्च से 6 अप्रैल तक निर्धारित की गई है। हालांकि, इनमें से तीन दिन सार्वजनिक अवकाश हैं, जिससे उम्मीदवारों के पास नामांकन पत्र जमा करने के लिए केवल पांच कार्यदिवस ही शेष रह जाते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को यह घोषणा की कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में आयोजित किए जाएंगे और मतगणना 4 मई को होगी।
चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं की औपचारिक शुरुआत होने की उम्मीद है।
पटनायक ने बताया कि राज्य के सभी चुनाव अधिकारी चुनावी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां कर रहे हैं।
अधिकारियों को चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें नामांकन प्रक्रिया, चुनाव प्रचार व्यय की निगरानी और आदर्श आचार संहिता का प्रवर्तन शामिल है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया में बेहिसाब धन के प्रभाव को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन एजेंसियों ने राज्यभर में चलाए गए निरीक्षण अभियानों के दौरान एक ही दिन में 1.26 करोड़ रुपए नकद जब्त किए हैं।
पटनायक के अनुसार, जब्त की गई राशि वैध दस्तावेजों के बिना ले जाई जा रही थी, जिसके चलते अधिकारियों ने चुनाव निगरानी उपायों को और सख्त करते हुए धन को जब्त कर लिया।
चुनाव अवधि के दौरान मतदाताओं को अवैध नकदी, शराब या अन्य प्रलोभनों के वितरण को रोकने के लिए अधिकारियों ने चेक पोस्ट, परिवहन केंद्रों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है।
इन प्रयासों के तहत तमिलनाडु भर में निगरानी दल, हवाई दस्ते और स्थिर निगरानी इकाइयां तैनात की गई हैं।
पटनायक ने उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों से चुनाव नियमों का कड़ाई से पालन करने और चुनाव प्रचार के खर्चों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने जनता से निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावी प्रक्रिया बनाए रखने में चुनाव अधिकारियों के साथ सहयोग करने की भी अपील की।