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ट्राई के प्रीपेड रिचार्ज सुधार पर राघव चड्ढा ने किया सरकार का धन्यवाद, बोले — उपभोक्ताओं की माँगें मानी गईं

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ट्राई के प्रीपेड रिचार्ज सुधार पर राघव चड्ढा ने किया सरकार का धन्यवाद, बोले — उपभोक्ताओं की माँगें मानी गईं

सारांश

13 बार नहीं, अब 12 बार — ट्राई के नए संशोधन ने उस पुरानी शिकायत का जवाब दिया जो करोड़ों प्रीपेड यूजर्स को सालों से परेशान कर रही थी। राघव चड्ढा ने मार्च में संसद में मुद्दा उठाया, और अब सरकार ने वॉइस-ओनली प्लान और 30-दिन चक्र सहित बदलाव लागू किए हैं।

मुख्य बातें

ट्राई ने 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' जारी किए।
30 दिन के रिचार्ज प्लान को मानक बनाने से अब साल में 13 की बजाय 12 बार रिचार्ज काफी होगा।
डेटा न चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए अब केवल वॉइस और एसएमएस वाले अलग प्लान उपलब्ध होंगे।
BJP सांसद राघव चड्ढा ने 11 मार्च 2026 को संसद में यह मुद्दा उठाया था और सरकार का आभार व्यक्त किया।
चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट और वीडियो साझा कर उपभोक्ताओं को राहत मिलने पर खुशी जताई।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 27 सितंबर 2026 को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा जारी 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार और ट्राई का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि इस फैसले से देशभर के प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं को ठोस राहत मिलेगी।

सांसद ने एक्स पर क्या लिखा

राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'सरकार ने हाल ही में टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026 पेश किए हैं, जिससे ग्राहकों को कई सुविधाएं मिलेंगी।' उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें उन्होंने नए नियमों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

नए नियमों से उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा

चड्ढा के अनुसार, नए संशोधन से 30 दिन के रिचार्ज प्लान को मानक बनाए जाने से उपभोक्ताओं को साल में 13 की बजाय अब केवल 12 बार रिचार्ज कराना होगा। इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं को डेटा की आवश्यकता नहीं है, उनके लिए अब केवल वॉइस और एसएमएस वाले अलग प्लान उपलब्ध होंगे। कम बजट वाले और बुजुर्ग उपभोक्ता, जिन्हें मुख्यतः बेसिक वॉइस कॉल की ज़रूरत होती है, उन्हें अब अधिक किफायती विकल्प मिलेंगे।

संसद में पहले उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि राघव चड्ढा ने 11 मार्च 2026 को संसद में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने तब कहा था कि साल में 12 महीने होते हैं, लेकिन 28 दिन के रिचार्ज चक्र के कारण उपभोक्ताओं को 13 बार रिचार्ज करवाना पड़ता है। साथ ही, उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता डेटा का उपयोग नहीं करते, फिर भी उन्हें डेटा-बंडल प्लान खरीदने पर मजबूर किया जाता है। इससे भी बड़ी समस्या यह थी कि रिचार्ज समाप्त होने पर आउटगोइंग के साथ इनकमिंग कॉल भी बंद हो जाती थी।

उपभोक्ताओं की आवाज़ बनने का दावा

अपनी पोस्ट में चड्ढा ने कहा, 'आप में से कई लोगों ने सीमित और इनफ्लेक्सिबल रिचार्ज विकल्पों के बारे में अपनी चिंताएं मेरे साथ साझा की थीं। मैंने 11 मार्च को संसद में यह मुद्दा उठाया था और ग्राहकों के लिए अधिक विकल्प और सस्ते प्लान की माँग की थी। ग्राहकों की बेहतर पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन चिंताओं का समाधान करने के लिए मैं भारत सरकार और ट्राई का आभारी हूं।' यह ऐसे समय में आया है जब टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बार-बार की गई रिचार्ज दरों में वृद्धि को लेकर उपभोक्ताओं में पहले से ही असंतोष बना हुआ था।

आगे क्या होगा

ट्राई के इस संशोधन के लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को अपनी प्लान संरचना को नए नियमों के अनुरूप बदलना होगा। उपभोक्ता अधिकार संगठनों ने इस कदम को सकारात्मक दिशा में उठाया गया कदम बताया है, हालांकि क्रियान्वयन की समयसीमा और कंपनियों की प्रतिक्रिया पर नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि टेलीकॉम कंपनियाँ 'वॉइस-ओनली' प्लान को वाकई किफायती दाम पर पेश करेंगी या नियम की आड़ में नई बाधाएं खड़ी करेंगी। गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में प्रमुख ऑपरेटरों ने दरें लगातार बढ़ाई हैं और ट्राई की नज़र पर सवाल उठते रहे हैं। एक सांसद के संसदीय हस्तक्षेप के बाद नियामक का सक्रिय होना उत्साहजनक है, पर क्रियान्वयन और उपभोक्ता जागरूकता के बिना यह राहत कागज़ी ही रहेगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्राई के नए प्रीपेड रिचार्ज नियम 2026 क्या हैं?
ट्राई ने 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' जारी किए हैं, जिनके तहत 30 दिन के रिचार्ज को मानक बनाया गया है, केवल वॉइस और एसएमएस वाले अलग प्लान उपलब्ध होंगे, और कम बजट वाले उपभोक्ताओं के लिए किफायती विकल्प सुनिश्चित किए जाएंगे।
नए नियमों से प्रीपेड यूजर्स को क्या फायदा होगा?
30 दिन के रिचार्ज चक्र के कारण अब उपभोक्ताओं को साल में 13 की बजाय केवल 12 बार रिचार्ज कराना होगा। इसके अलावा, जिन्हें डेटा की ज़रूरत नहीं, उनके लिए अलग और सस्ते वॉइस-ओनली प्लान मिलेंगे।
राघव चड्ढा ने यह मुद्दा कब और कैसे उठाया था?
BJP सांसद राघव चड्ढा ने 11 मार्च 2026 को संसद में प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं की समस्याएं उठाई थीं। उन्होंने 28 दिन के रिचार्ज चक्र, डेटा-बंडल की अनिवार्यता और रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल बंद होने जैसी समस्याओं को रेखांकित किया था।
क्या रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल बंद होने की समस्या भी दूर होगी?
राघव चड्ढा ने संसद में यह मुद्दा उठाया था कि रिचार्ज समाप्त होने पर आउटगोइंग के साथ इनकमिंग कॉल भी बंद हो जाती है। नए संशोधन के तहत इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि क्रियान्वयन का विवरण कंपनियों के नए प्लान ढाँचे पर निर्भर करेगा।
ये नए टेलीकॉम नियम कब से लागू होंगे?
ट्राई ने 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' जारी कर दिए हैं। टेलीकॉम कंपनियों को अपनी प्लान संरचना नए नियमों के अनुरूप बदलनी होगी, और उपभोक्ताओं को बदलाव दिखना शुरू होगा।
राष्ट्र प्रेस
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