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त्रिपुरा में नशा और अपराध पर जीरो टॉलरेंस: सीएम माणिक साहा ने विशेष टास्क फोर्स और CCTV निगरानी के दिए निर्देश

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त्रिपुरा में नशा और अपराध पर जीरो टॉलरेंस: सीएम माणिक साहा ने विशेष टास्क फोर्स और CCTV निगरानी के दिए निर्देश

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 5 अगस्त को टास्क मॉनिटरिंग बैठक में नशा तस्करी और अपराध पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान किया — विशेष टास्क फोर्स, जीबीपी अस्पताल क्षेत्र में 24 घंटे CCTV और जल जीवन मिशन को 100% पूरा करने के निर्देश। शासन को नागरिक केंद्रित बनाने की स्पष्ट मंशा।

मुख्य बातें

सीएम माणिक साहा ने 5 अगस्त 2026 को नशा और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति की घोषणा की।
पुलिस को विशेष टास्क फोर्स गठित करने और जीबीपी अस्पताल क्षेत्र में 24 घंटे CCTV निगरानी व अतिरिक्त तैनाती के निर्देश।
जल जीवन मिशन का 85-86% काम पूरा; खोवई जिले में पेयजल समस्या के लिए नवाचार की अपील।
हर घर तिरंगा अभियान 9 से 17 अगस्त तक; राज्य स्तरीय कार्यक्रम 11 अगस्त को उज्जयंत पैलेस में।
छबिमुड़ा, उनाकोटी, डंबूर, नीरमहल जैसे पर्यटन स्थलों की नियमित निगरानी और स्वच्छता के निर्देश।
सभी आठ जिलों के जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल बैठक में शामिल।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 5 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध 'किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी'। अगरतला स्थित राज्य सचिवालय से आयोजित टास्क मॉनिटरिंग सिस्टम की वर्चुअल बैठक में उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन को समन्वित कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए।

मुख्य निर्देश और कार्ययोजना

मुख्यमंत्री ने पुलिस और जिला प्रशासन को अपराध-प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने, नियमित गश्त बढ़ाने और स्कूल-कॉलेज सहित संवेदनशील स्थानों के आसपास निगरानी सुदृढ़ करने को कहा। उन्होंने अगरतला के जीबीपी अस्पताल परिसर में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस तैनाती पर विशेष जोर दिया ताकि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। साहा ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे से जुड़े अपराधों के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति प्रशासन के हर स्तर पर अपनाई जाए।

पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई और निगरानी

मुख्यमंत्री ने पर्यटन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि त्रिपुरा के पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने सभी विभागों और जिला प्रशासन को छबिमुड़ा, उनाकोटी, डंबूर और नीरमहल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के ज़रिए स्वच्छ एवं पर्यटकों के अनुकूल बनाए रखने का निर्देश दिया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

स्वतंत्रता दिवस की तैयारी और शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा

साहा ने जिला अधिकारियों को 9 से 17 अगस्त तक चलने वाले हर घर तिरंगा अभियान और वंदे मातरम की 150वीं जयंती के कार्यक्रमों की व्यापक तैयारी करने को कहा। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 11 अगस्त को उज्जयंत पैलेस में आयोजित होगा, जिसमें लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचना, साफ-सफाई और समग्र शैक्षिक माहौल पर नियमित नज़र रखने के निर्देश दिए और ड्यूटी में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।

बुनियादी सेवाएँ और विकास परियोजनाएँ

बैठक में सड़क, बिजली आपूर्ति और पेयजल सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जल जीवन मिशन के तहत साहा ने बताया कि परियोजना का लगभग 85-86 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेज़ी से पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से खोवई जैसे जिलों में पेयजल समस्या के समाधान हेतु नवाचार और व्यावहारिक उपाय अपनाने को कहा। कैलाशहर हवाई अड्डे को संचालित करने की दिशा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई और संबंधित विभागों से विस्तृत जानकारी माँगी गई।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सूचना व सांस्कृतिक मामलों के सचिव किरण गित्ते ने टास्क मॉनिटरिंग सिस्टम के कामकाज पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, प्रमुख सचिव, सचिव, निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के सभी आठ जिलों के जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनता के साथ विनम्रता, धैर्य और संवेदनशीलता के साथ पेश आने की अपील की, और नागरिक केंद्रित शासन को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ म्यांमार सीमा से मादक पदार्थों की आवक एक पुरानी चुनौती रही है। टास्क फोर्स और CCTV जैसे उपाय तात्कालिक रूप से प्रभावशाली दिखते हैं, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की जवाबदेही में है — अब तक ऐसी घोषणाएँ अक्सर ज़मीनी बदलाव लाने में पीछे रही हैं। जल जीवन मिशन का 85-86% काम पूरा होना सकारात्मक है, लेकिन खोवई जैसे जिलों में बची हुई 14-15% की खाई वहाँ के लोगों के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा में नशा और अपराध पर जीरो टॉलरेंस का क्या मतलब है?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 5 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर कोई ढील नहीं दी जाएगी। इसके तहत विशेष टास्क फोर्स गठन, नियमित गश्त और CCTV निगरानी को अनिवार्य किया गया है।
त्रिपुरा में विशेष टास्क फोर्स क्यों बनाई जाएगी?
सीएम साहा ने नशा तस्करी और संगठित आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन को टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम उन क्षेत्रों में विशेष रूप से लागू होगा जहाँ अपराध की घटनाएँ अधिक रही हैं।
जल जीवन मिशन त्रिपुरा में कितना पूरा हो चुका है?
मुख्यमंत्री के अनुसार त्रिपुरा में जल जीवन मिशन का लगभग 85-86 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य तेज़ी से पूरा करने और खोवई जैसे जिलों में पेयजल समस्या के लिए नवाचार अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
हर घर तिरंगा अभियान त्रिपुरा में कब होगा?
त्रिपुरा में हर घर तिरंगा अभियान 9 से 17 अगस्त तक चलेगा। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 11 अगस्त को उज्जयंत पैलेस में आयोजित होगा, जिसमें लोगों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया है।
त्रिपुरा के किन पर्यटन स्थलों की निगरानी के निर्देश दिए गए?
सीएम साहा ने छबिमुड़ा, उनाकोटी, डंबूर और नीरमहल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के ज़रिए स्वच्छ व पर्यटकों के अनुकूल बनाए रखने के निर्देश दिए। यह राज्य में पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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