26 जून 2026
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आंध्र प्रदेश में नशा तस्करी पर जीरो टॉलरेंस: चंद्रबाबू नायडू का संकल्प, 29,840 एकड़ में वैकल्पिक फसलें

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आंध्र प्रदेश में नशा तस्करी पर जीरो टॉलरेंस: चंद्रबाबू नायडू का संकल्प, 29,840 एकड़ में वैकल्पिक फसलें

सारांश

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नशा विरोधी दिवस पर जीरो टॉलरेंस नीति का संकल्प दोहराया। चैतन्यम अभियान के तहत 29,840 एकड़ में वैकल्पिक फसलें और 325 परिवारों का पुनर्वास — यह सिर्फ दमन नहीं, पुनर्निर्माण की भी कहानी है।

मुख्य बातें

चंद्रबाबू नायडू ने 26 जून 2026 को आंध्र प्रदेश में नशा तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की।
चैतन्यम अभियान के तहत अल्लूरी सीताराम राजू जिले में गांजे की खेती पूरी तरह समाप्त की गई।
29,840 एकड़ भूमि पर वैकल्पिक फसलें लगाई गई हैं।
गांजे की खेती में लिप्त 325 परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है।
मंत्री नारा लोकेश ने आक्रामक कानून प्रवर्तन, सीमा निगरानी और सामुदायिक पुनर्वास कार्यक्रमों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 26 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश में नशीली दवाओं की तस्करी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई राज्य के युवाओं के सपनों, स्वास्थ्य और भविष्य की रक्षा के लिए है।

मुख्यमंत्री का संकल्प

नायडू ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में कहा, 'आंध्र प्रदेश में नशीली दवाओं को पनपने देने के दिन अब बीत चुके हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार तस्करों को न्याय के कटघरे में लाने के साथ-साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों को सम्मान के साथ पुनर्वास का अवसर देने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

मंत्री लोकेश की घोषणाएँ और प्रमुख पहलें

मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री नारा लोकेश ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश सरकार आक्रामक कानून प्रवर्तन अभियानों, कड़ी सीमा निगरानी और व्यापक सामुदायिक पुनर्वास कार्यक्रमों के ज़रिये नशे के नेटवर्क को ध्वस्त कर रही है।

लोकेश ने चैतन्यम अभियान का विशेष उल्लेख किया, जिसके तहत अल्लूरी सीताराम राजू जिले में गांजे की खेती पूरी तरह समाप्त की गई है। 29,840 एकड़ भूमि पर वैकल्पिक फसलें लगाई गई हैं और गांजे की खेती में लिप्त 325 परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है।

सरकार का व्यापक दृष्टिकोण

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल दमन नहीं, बल्कि कमज़ोर समुदायों के लिए वैध आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। सरकार ने प्रत्येक नागरिक, शिक्षण संस्थान और नागरिक समाज समूह से इस मिशन में सहयोग का आह्वान किया है।

आगे की राह

आंध्र प्रदेश सरकार का यह अभियान राज्य में नशामुक्त और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इन नीतियों की वास्तविक सफलता तभी मापी जा सकेगी जब ज़मीनी स्तर पर तस्करी के मामलों में ठोस कमी दर्ज हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी ज़मीनी नतीजे हैं — तस्करी के मामलों में दर्ज गिरावट, न केवल एकड़ों में वैकल्पिक फसलें। चैतन्यम अभियान की उपलब्धियाँ उत्साहजनक हैं, परंतु अल्लूरी सीताराम राजू जैसे एक जिले से पूरे राज्य की तस्वीर नहीं बनती। आंध्र प्रदेश की तटीय सीमाएँ और पड़ोसी राज्यों से आने वाले नशे के रास्ते एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं, जिन पर सरकार का रोडमैप अभी स्पष्ट नहीं है। पुनर्वास को दमन के बराबर तवज्जो देना सही दिशा है, लेकिन इसकी स्वतंत्र निगरानी और पारदर्शी डेटा के बिना यह संकल्प महज़ वार्षिक दिवस की औपचारिकता बनकर रह सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश की नशा तस्करी विरोधी जीरो टॉलरेंस नीति क्या है?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश सरकार ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ कड़े कानून प्रवर्तन, सीमा निगरानी और सामुदायिक पुनर्वास कार्यक्रमों की नीति अपनाई है। इसके तहत तस्करों पर सख्त कार्रवाई और नशे की लत से पीड़ितों को सम्मानजनक पुनर्वास का अवसर दिया जा रहा है।
चैतन्यम अभियान क्या है और इसकी उपलब्धियाँ क्या हैं?
चैतन्यम अभियान आंध्र प्रदेश सरकार का गांजा उन्मूलन कार्यक्रम है, जिसके तहत अल्लूरी सीताराम राजू जिले में गांजे की खेती पूरी तरह समाप्त की गई है। 29,840 एकड़ भूमि पर वैकल्पिक फसलें लगाई गई हैं और 325 परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है।
नारा लोकेश ने नशा विरोधी दिवस पर क्या कहा?
मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री नारा लोकेश ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सरकार आक्रामक कानून प्रवर्तन, कड़ी सीमा निगरानी और व्यापक सामुदायिक पुनर्वास के ज़रिये नशे के नेटवर्क को नष्ट कर रही है। उन्होंने नागरिकों, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाज से इस मिशन में सहयोग का आह्वान किया।
यह घोषणा किस अवसर पर की गई?
यह घोषणा 26 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर की गई। यह दिवस हर वर्ष 26 जून को विश्व स्तर पर मनाया जाता है।
आंध्र प्रदेश सरकार नशे की लत से पीड़ितों की मदद कैसे कर रही है?
सरकार नशे की लत से जूझ रहे लोगों को सामुदायिक पुनर्वास कार्यक्रमों के ज़रिये सहायता दे रही है, ताकि वे सम्मान के साथ उबर सकें। इसके अलावा कमज़ोर समुदायों के लिए वैध आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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