क्या त्रिपुरा में 48वें कोकबोरोक दिवस पर उत्साह का माहौल है?

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क्या त्रिपुरा में 48वें कोकबोरोक दिवस पर उत्साह का माहौल है?

सारांश

त्रिपुरा में 48वें कोकबोरोक दिवस के अवसर पर उत्साह और गर्व का माहौल है। यह दिन त्रिपुरी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाता है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और अन्य नेताओं ने इस महत्वपूर्ण दिन पर शुभकामनाएं दी हैं। आइए जानें इस दिन का महत्व और इसके पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • कोकबोरोक दिवस की महत्ता को समझें।
  • त्रिपुरा की संस्कृति और विरासत का सम्मान करें।
  • कोकबोरोक भाषा का संरक्षण और प्रचार करें।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा में 48वें कोकबोरोक दिवस के मौके पर सोमवार को उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिल रहा है। हर साल 19 जनवरी को मनाए जाने वाला यह दिन, 1979 में कोकबोरोक भाषा को त्रिपुरा की आधिकारिक भाषा के रूप में पहली बार मान्यता मिलने की याद दिलाता है। कोकबोरोक, त्रिपुरा के मूल निवासी त्रिपुरी समुदाय की एक प्राचीन और जीवंत भाषा है, जिसे हजारों वर्षों से बोला जा रहा है। इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने त्रिपुरा के नागरिकों को शुभकामनाएं दी।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "कोकबोरोक दिवस के मौके पर त्रिपुरा के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह विशेष दिन कोकबोरोक भाषा का जश्न मनाता है। यह एक प्राचीन, सांस्कृतिक रूप से जीवंत स्वदेशी भाषा है, जो हजारों सालों से बोली जा रही है और यह भारत की विविधता और साझा मूल्यों की समृद्धि को उजागर करती है।"

कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में लिखा, "हम कोकबोरोक दिवस पर त्रिपुरा में अपने बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। यह दिन 1979 में कोकबोरोक को आधिकारिक भाषा के रूप में मिली शुरुआती मान्यता की याद दिलाता है। यह दिन एकता लाए और हमारी विविध संस्कृतियों और समृद्ध विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा दे।"

त्रिपुरा के जनजातीय कल्याण मंत्री विकास देववर्मा ने लिखा, "कोकबोरोक दिवस के अवसर पर त्रिपुरा के सभी लोगों को प्यार और शुभकामनाएं। यह दिन राज्य में खुशियां और समृद्धि लाए। 48वें कोकबोरोक दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। कोकबोरोक हमारे लोगों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और पहचान को दर्शाता है। इस महत्वपूर्ण दिन पर, आइए हम इस कीमती भाषा को संरक्षित करने, बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराएं। साथ मिलकर, हम गर्व और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते हैं।

Point of View

जो न केवल त्रिपुरी समुदाय के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। यह दिन हमें हमारी विविधता और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करने की याद दिलाता है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

कोकबोरोक दिवस क्यों मनाया जाता है?
कोकबोरोक दिवस 19 जनवरी को मनाया जाता है, जो कोकबोरोक भाषा को त्रिपुरा की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता मिलने की याद दिलाता है।
कोकबोरोक भाषा का महत्व क्या है?
कोकबोरोक भाषा त्रिपुरी समुदाय की प्राचीन और जीवंत भाषा है, जो हजारों वर्षों से बोली जा रही है।
कौन-कौन से नेता इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हैं?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और त्रिपुरा के जनजातीय कल्याण मंत्री विकास देववर्मा ने इस अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं।
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