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टीवीके की 85% सीटों पर नजर, जनवरी 2027 स्थानीय निकाय चुनाव में सहयोगियों से तनातनी

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टीवीके की 85% सीटों पर नजर, जनवरी 2027 स्थानीय निकाय चुनाव में सहयोगियों से तनातनी

सारांश

टीवीके 85% सीटों पर खुद लड़ने की तैयारी में है — लेकिन कांग्रेस और मुस्लिम लीग जैसे सहयोगी मेयर पदों समेत अधिक हिस्सेदारी माँग रहे हैं। जनवरी 2027 के स्थानीय निकाय चुनाव नई पार्टी के लिए असली जमीनी परीक्षा होंगे।

मुख्य बातें

तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) जनवरी 2027 के स्थानीय निकाय चुनावों में 85 प्रतिशत सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।
शेष 15 प्रतिशत सीटें गठबंधन सहयोगियों के लिए प्रस्तावित हैं, जिसे कांग्रेस और मुस्लिम लीग ने अपर्याप्त बताया है।
सहयोगी दल मेयर जैसे नेतृत्व पदों और कुछ नगर निगमों पर नियंत्रण की भी माँग कर रहे हैं।
टीवीके सभी नगर निगमों पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहती है — जो गठबंधन बातचीत में बड़ा विवाद बन सकता है।
उम्मीदवार चयन में स्थानीय जनाधार और समुदाय से जुड़ाव को सीएम विजय की लोकप्रियता से अधिक महत्त्व दिया जाएगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) जनवरी 2027 में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी में जुट गई है। पार्टी नेतृत्व लगभग 85 प्रतिशत सीटों पर स्वयं चुनाव लड़ने का इरादा रखता है, जबकि शेष 15 प्रतिशत सीटें गठबंधन सहयोगियों के लिए प्रस्तावित हैं — एक फॉर्मूला जो बातचीत की मेज पर पहले ही विवाद का कारण बनता दिख रहा है।

सीट-बंटवारे का प्रस्तावित फॉर्मूला

पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, कांग्रेस और मुस्लिम लीग सहित गठबंधन के सहयोगी दल अधिक सीटों के साथ-साथ मेयर जैसे नेतृत्व पदों पर भी हिस्सेदारी की माँग कर रहे हैं। कुछ सहयोगी दल तो कुछ नगर निगमों और नगर पालिकाओं पर अपना सीधा नियंत्रण रखने पर भी विचार कर रहे हैं।

दूसरी ओर, टीवीके सभी नगर निगमों पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहती है। इससे नेतृत्व पदों का बंटवारा गठबंधन के भीतर एक और संभावित विवाद का केंद्र बन सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के सहयोगी दलों से बातचीत करने की उम्मीद है, ताकि उन्हें 15 प्रतिशत सीटों के प्रस्तावित फॉर्मूले पर राजी किया जा सके।

सहयोगी दलों का तर्क

गठबंधन के सहयोगी दल टीवीके को सत्ता में लाने में अपने योगदान का हवाला देते हुए अधिक प्रतिनिधित्व की माँग पर अड़े हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब टीवीके एक अपेक्षाकृत नई पार्टी है और अपनी जमीनी उपस्थिति को साबित करने की कोशिश में है — ऐसे में सहयोगियों की माँगों को सिरे से नकारना उसके लिए राजनीतिक रूप से जटिल हो सकता है।

उम्मीदवार चयन और चुनावी तैयारी

गठबंधन की बातचीत के साथ-साथ टीवीके ने ऐसे उम्मीदवारों की पहचान करना शुरू कर दिया है जो द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के स्थापित नेटवर्क को चुनौती दे सकें। मंत्री, विधायक और जिला सचिव चुनाव तैयारियों का नेतृत्व करेंगे।

उन निर्वाचन क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है जहाँ टीवीके की जीत की संभावना प्रबल है। उम्मीदवार के चयन में स्थानीय प्रभाव और समुदाय के साथ निरंतर जुड़ाव को प्रमुख कसौटी माना जाएगा। पार्टी उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी जिनका पहले से ही क्षेत्र में मजबूत जनाधार है।

स्थानीय निकायों की रणनीतिक अहमियत

नगर निगमों, नगर पालिकाओं और पंचायतों में पद टीवीके के दीर्घकालिक विस्तार के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन संस्थाओं में मजबूत उपस्थिति से संगठन को अधिक संगठित करने और विभिन्न समुदायों — विशेषकर महिलाओं, कामगारों और युवाओं — से संबंध प्रगाढ़ करने में मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि पार्टी पदाधिकारियों ने स्वयं स्वीकार किया है कि केवल सीएम विजय की व्यक्तिगत लोकप्रियता ही स्थानीय निकाय चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त नहीं होगी — क्योंकि इन चुनावों में उम्मीदवारों की जनता तक पहुँच और स्थानीय निवासियों के साथ व्यक्तिगत संबंध कहीं अधिक निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

आगे क्या होगा

आने वाले हफ्तों में गठबंधन के भीतर सीट-बंटवारे पर औपचारिक बातचीत शुरू होने की उम्मीद है। यदि सहयोगी दलों को 15 प्रतिशत का प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं हुआ, तो टीवीके को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है — जो जनवरी 2027 से पहले पार्टी के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह रणनीतिक जोखिम से भरी भी है। कांग्रेस और मुस्लिम लीग जैसे सहयोगी दलों का समर्थन टीवीके को सत्ता तक पहुँचाने में अहम रहा है — उन्हें महज 15 प्रतिशत में समेटना गठबंधन की बुनियाद को कमजोर कर सकता है। स्थानीय निकाय चुनाव नेतृत्व-केंद्रित नहीं, बल्कि उम्मीदवार-केंद्रित होते हैं — और टीवीके के पास अभी तक DMK या AIADMK जैसा जमीनी कैडर नहीं है। यह चुनाव यह भी तय करेगा कि 'विजय फैक्टर' स्थानीय जनतांत्रिक राजनीति में कितना उतरता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीवीके स्थानीय निकाय चुनाव में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है?
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) जनवरी 2027 के तमिलनाडु स्थानीय निकाय चुनावों में लगभग 85 प्रतिशत सीटों पर स्वयं चुनाव लड़ने का इरादा रखती है। शेष 15 प्रतिशत सीटें गठबंधन सहयोगियों के लिए प्रस्तावित हैं।
टीवीके के गठबंधन सहयोगी क्या माँग कर रहे हैं?
कांग्रेस और मुस्लिम लीग सहित सहयोगी दल 15 प्रतिशत से अधिक सीटों की माँग कर रहे हैं। इसके अलावा वे मेयर जैसे नेतृत्व पदों और कुछ नगर निगमों तथा नगर पालिकाओं पर सीधे नियंत्रण की भी उम्मीद रख रहे हैं।
तमिलनाडु स्थानीय निकाय चुनाव कब होने वाले हैं?
तमिलनाडु स्थानीय निकाय चुनाव जनवरी 2027 में होने की संभावना है। टीवीके इन्हें अपनी ग्रामीण और शहरी जमीनी ताकत की परीक्षा के रूप में देख रही है।
टीवीके उम्मीदवारों का चयन किस आधार पर करेगी?
पार्टी उम्मीदवार चयन में स्थानीय जनाधार और समुदाय के साथ निरंतर जुड़ाव को प्राथमिकता देगी। मंत्री, विधायक और जिला सचिव चुनाव प्रबंधन का नेतृत्व करेंगे, और उन निर्वाचन क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है जहाँ जीत की संभावना अधिक है।
क्या सीएम विजय की लोकप्रियता टीवीके को स्थानीय चुनावों में जिताने के लिए काफी है?
पार्टी पदाधिकारियों ने खुद स्वीकार किया है कि केवल सीएम विजय की व्यक्तिगत लोकप्रियता स्थानीय निकाय चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। इन चुनावों में उम्मीदवार की जनता तक पहुँच और स्थानीय संबंध अधिक निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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