5 नवंबर 2026
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TVK सरकार को कोई खतरा नहीं — VCK अध्यक्ष थिरुमावलवन का मदुरै में ऐलान

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TVK सरकार को कोई खतरा नहीं — VCK अध्यक्ष थिरुमावलवन का मदुरै में ऐलान

सारांश

VCK अध्यक्ष थिरुमावलवन ने TVK सरकार को 'सुरक्षित' बताया, लेकिन साथ ही मुख्यमंत्री विजय को बिजली कटौती और खरीद विवाद पर व्यक्तिगत हस्तक्षेप की नसीहत दी। समर्थन के साथ सुधार की यह माँग तमिलनाडु की नई सरकार के लिए गठबंधन राजनीति की जटिलता को उजागर करती है।

मुख्य बातें

VCK अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने 5 नवंबर 2026 को मदुरै में कहा कि TVK सरकार पर कोई तत्काल राजनीतिक खतरा नहीं है।
कांग्रेस, वामपंथी दल, VCK और IUML — सभी ने मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय की सरकार को समर्थन जारी रखने का निर्णय लिया है।
कानून मंत्री निर्मल कुमार ने आरोप लगाया था कि विधायकों को ₹70 करोड़ तक की पेशकश कर सरकार गिराने की कोशिश हो रही है।
थिरुमावलवन ने बिजली खरीद अनियमितताओं और बिजली कटौती पर मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की माँग की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन समर्थन का मतलब सहयोगी दलों का जनहित मुद्दों पर चुप रहना नहीं है।

विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने 5 नवंबर 2026 को मदुरै में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार पर फिलहाल कोई राजनीतिक खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल सभी प्रमुख दलों ने अपना समर्थन बनाए रखने का निर्णय लिया है।

मुख्य घटनाक्रम

VCK द्वारा मदुरै में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में थिरुमावलवन ने कहा कि कांग्रेस, वामपंथी दल, VCK और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) — सभी विजय सरकार के साथ खड़े हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कानून मंत्री निर्मल कुमार ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी पार्टी के विधायकों को ₹70 करोड़ तक की पेशकश कर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

थिरुमावलवन ने स्वीकार किया कि उन्हें इस कथित खरीद-फरोख्त की सुनिश्चित जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि TVK के विधायक इस तरह के प्रलोभनों के आगे नहीं झुकेंगे।

बिजली विवाद पर VCK की दो-टूक

VCK नेता ने बिजली खरीद में कथित अनियमितताओं और राज्य के कई हिस्सों में बार-बार होने वाली बिजली कटौती का मुद्दा भी सीधे उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से आग्रह किया कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें और आम उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

गौरतलब है कि DMK नेता एम. के. स्टालिन भी बिजली खरीद प्रक्रियाओं पर सवाल उठा चुके हैं। थिरुमावलवन ने स्पष्ट किया कि सरकार को इन शिकायतों को महज इसलिए नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि ये विपक्षी दलों की ओर से आई हैं।

गठबंधन की सीमाएँ और सहयोगी दलों का रुख

थिरुमावलवन ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के प्रति समर्थन का अर्थ यह नहीं है कि सहयोगी दल जनहित के मुद्दों पर चुप रहें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक सहयोग और जनता की जवाबदेही दोनों साथ-साथ चल सकते हैं।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब तमिलनाडु की नवगठित TVK सरकार को बिजली आपूर्ति व्यवस्था और खरीद लागत को लेकर विपक्ष की बढ़ती आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। गठबंधन सहयोगियों का खुले मंच से सरकार को सुधार का संदेश देना, विजय प्रशासन के लिए एक सतर्क संकेत माना जा रहा है।

आगे की राह

थिरुमावलवन के बयान से स्पष्ट है कि अल्पकाल में सरकार की स्थिरता को कोई तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन बिजली आपूर्ति और खरीद विवाद जैसे मुद्दे गठबंधन के भीतर दीर्घकालिक असहजता का कारण बन सकते हैं। मुख्यमंत्री विजय की प्रतिक्रिया और बिजली विभाग द्वारा उठाए जाने वाले कदम आने वाले दिनों में राजनीतिक संतुलन को परिभाषित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सुधार ज़रूरी है। यह 'सशर्त समर्थन' की राजनीति है जो नई TVK सरकार के लिए एक सूक्ष्म चेतावनी भी है। बिजली खरीद विवाद पर DMK जैसे विपक्षी दल और VCK जैसे सहयोगी एक ही सुर में बोल रहे हों, तो इसे महज़ विरोध की राजनीति नहीं कहा जा सकता — यह प्रशासनिक विफलता का संकेत है। विजय सरकार के लिए असली परीक्षा यह नहीं कि वह संख्या बल बनाए रखे, बल्कि यह है कि वह उन मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दे जो उसके अपने सहयोगी उठा रहे हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

थिरुमावलवन ने TVK सरकार के बारे में क्या कहा?
VCK अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने 5 नवंबर 2026 को मदुरै में कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है। कांग्रेस, वामपंथी दल, VCK और IUML सभी ने समर्थन जारी रखने की पुष्टि की है।
TVK के विधायकों को ₹70 करोड़ की पेशकश का आरोप क्या है?
कानून मंत्री निर्मल कुमार ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टी के विधायकों को ₹70 करोड़ तक की पेशकश कर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। थिरुमावलवन ने कहा कि उन्हें इसकी निश्चित जानकारी नहीं है, लेकिन TVK विधायक ऐसे प्रलोभनों में नहीं आएंगे।
तमिलनाडु में बिजली खरीद विवाद क्या है?
DMK नेता एम. के. स्टालिन और अन्य विपक्षी दलों ने तमिलनाडु में बिजली खरीद प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और राज्य के कई हिस्सों में बार-बार होने वाली बिजली कटौती को लेकर सवाल उठाए हैं। VCK नेता थिरुमावलवन ने भी इन चिंताओं को उचित बताते हुए मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की माँग की है।
VCK का तमिलनाडु सरकार के प्रति क्या रुख है?
VCK ने सरकार को समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया है कि गठबंधन सहयोगी होने का मतलब जनहित मुद्दों पर चुप रहना नहीं है। थिरुमावलवन ने कहा कि राजनीतिक सहयोग और जवाबदेही साथ-साथ चल सकती है।
TVK सरकार की स्थिरता पर आगे क्या होगा?
फिलहाल गठबंधन के सभी प्रमुख सहयोगियों ने समर्थन जारी रखने की पुष्टि की है। लेकिन बिजली कटौती और खरीद विवाद जैसे मुद्दे दीर्घकालिक असहजता का कारण बन सकते हैं। मुख्यमंत्री विजय की ओर से इन मुद्दों पर की जाने वाली कार्रवाई सरकार की साख और गठबंधन संतुलन दोनों के लिए निर्णायक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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