7 जुलाई 2026
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ट्विशा शर्मा केस: MP हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम को दी मंजूरी, दिल्ली AIIMS के डॉक्टर करेंगे जांच

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ट्विशा शर्मा केस: MP हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम को दी मंजूरी, दिल्ली AIIMS के डॉक्टर करेंगे जांच

सारांश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दे दी है। 12 मई को भोपाल के ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली इस युवती के परिवार ने दस दिनों की लड़ाई के बाद यह जीत हासिल की है। अब दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ भोपाल पहुँचकर जांच करेंगे।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 22 मई 2026 को ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी।
दिल्ली AIIMS के फोरेंसिक विशेषज्ञ भोपाल जाकर दोबारा पोस्टमार्टम करेंगे; शव AIIMS भोपाल में सुरक्षित रखने के आदेश।
ट्विशा को 12 मई की रात 10:26 बजे भोपाल के ससुराल की छत पर रस्सी से लटका पाया गया था।
पहले पोस्टमार्टम ( 13 मई , AIIMS भोपाल) में मौत का कारण रस्सी से फांसी बताया गया था।
भाई आशीष शर्मा ने बताया कि परिवार दस दिनों से दोबारा जांच के लिए संघर्ष कर रहा था।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में 22 मई 2026 को शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली AIIMS के फोरेंसिक विशेषज्ञ भोपाल पहुँचकर यह जांच करेंगे। ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने इस फैसले पर न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया है।

मुख्य घटनाक्रम

ट्विशा शर्मा को 12 मई 2026 की रात लगभग 10:26 बजे भोपाल स्थित उनके ससुराल की छत पर जिम्नास्टिक रिंग की रस्सी से लटका हुआ पाया गया था। 13 मई को AIIMS भोपाल के फोरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में किए गए पहले पोस्टमार्टम में मौत का कारण रस्सी से फांसी बताया गया था।

परिवार इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं था और पिछले दस दिनों से दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा था। इसी मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर 22 मई को सुनवाई हुई।

कोर्ट में तीखी बहस

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच कड़ी बहस देखने को मिली। याचिकाकर्ता पक्ष ने दोबारा पोस्टमार्टम की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि आरोपी पक्ष के वकील ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि पहला पोस्टमार्टम पर्याप्त था और दोबारा जांच की मांग चिकित्सा बिरादरी की क्षमता पर अविश्वास जताने के समान है।

आरोपी पक्ष ने यह भी कहा कि यह मांग जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। हालांकि, लंबी बहस के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी।

परिवार की प्रतिक्रिया

ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने कहा, 'शव के दोबारा पोस्टमार्टम की इजाजत मिल गई है और इसके लिए हम हाईकोर्ट और न्यायपालिका के बहुत आभारी हैं। अब प्रशासन को जो भी कार्रवाई करनी है, वह बिना किसी देरी के तुरंत की जानी चाहिए। उसके बाद हम अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।'

उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को उम्मीद है कि आज या कल तक पूरी प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो जाएगी।

आगे की प्रक्रिया

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ट्विशा के शव को AIIMS भोपाल में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली AIIMS के डॉक्टर भोपाल आकर दोबारा पोस्टमार्टम करेंगे। दोबारा जांच के नतीजे इस मामले की आगे की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

कानूनी दृष्टि से कमजोर है, क्योंकि न्यायिक जांच में फोरेंसिक पुनर्परीक्षण एक मान्य प्रक्रिया है। असली परीक्षा यह होगी कि दिल्ली AIIMS की रिपोर्ट पहले के निष्कर्षों की पुष्टि करती है या नए सवाल खड़े करती है — जो इस मामले की आगे की दिशा और न्याय की संभावना दोनों तय करेगी।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्विशा शर्मा केस में दोबारा पोस्टमार्टम क्यों कराया जा रहा है?
ट्विशा के परिवार को 13 मई को हुए पहले पोस्टमार्टम के निष्कर्षों पर संदेह था, इसलिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 22 मई को दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी और दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञों को यह जांच सौंपी गई है।
ट्विशा शर्मा की मौत कब और कहाँ हुई थी?
ट्विशा शर्मा को 12 मई 2026 की रात लगभग 10:26 बजे भोपाल स्थित उनके ससुराल की छत पर जिम्नास्टिक रिंग की रस्सी से लटका हुआ पाया गया था। पुलिस के अनुसार, 13 मई को AIIMS भोपाल में किए गए पहले पोस्टमार्टम में मौत का कारण रस्सी से फांसी बताया गया था।
दोबारा पोस्टमार्टम कौन करेगा और कहाँ होगा?
दिल्ली AIIMS के फोरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ भोपाल आकर दोबारा पोस्टमार्टम करेंगे। कोर्ट ने ट्विशा के शव को AIIMS भोपाल में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
आरोपी पक्ष ने दोबारा पोस्टमार्टम का विरोध क्यों किया?
आरोपी पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि पहला पोस्टमार्टम पर्याप्त था और दोबारा जांच की मांग करना चिकित्सा बिरादरी की क्षमता पर अविश्वास जताना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। हालांकि, लंबी बहस के बाद कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी।
ट्विशा शर्मा के परिवार ने अब क्या कहा है?
भाई आशीष शर्मा ने कहा कि परिवार दस दिनों से इस मांग के लिए संघर्ष कर रहा था और हाईकोर्ट के फैसले पर न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन से बिना देरी कार्रवाई करने की अपील की और कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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