ट्विशा शर्मा मामला: परिवार ने CM मोहन यादव से मिलकर CBI जांच की मांग की, पोस्टमार्टम में कई चोटें
सारांश
मुख्य बातें
ट्विशा शर्मा की कथित आत्महत्या के मामले में परिवार ने बुधवार, 20 मई को भोपाल स्थित मध्य प्रदेश राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर निष्पक्ष और गहन जांच की मांग रखी। 24 वर्षीया ट्विशा इस महीने की शुरुआत में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं, और परिजनों ने मृत्यु की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुख्यमंत्री का आश्वासन और CBI जांच का आग्रह
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को पत्र लिखकर मामले की जांच का आग्रह करेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ट्विशा शर्मा के पार्थिव शरीर को दिल्ली ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी वचन दिया।
मृत्यु की परिस्थितियाँ
पुलिस के अनुसार, ट्विशा शर्मा को 12 मई की रात लगभग 10:26 बजे भोपाल स्थित उनके ससुराल की छत पर जिम्नास्टिक रिंग की रस्सी से लटका हुआ पाया गया। उनका पोस्टमार्टम 13 मई को एम्स भोपाल के फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग में किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण मृत्यु से पूर्व रस्सी से फांसी बताया गया है। डॉक्टरों ने गर्दन के ऊपरी एक तिहाई हिस्से के आसपास तिरछी दिशा में बनी दोहरी लाल रंग की रस्सी के निशान पाए, जो फांसी के अनुरूप बताए गए।
रिपोर्ट में शरीर के विभिन्न हिस्सों पर कई चोटों का भी उल्लेख है — गर्दन के बाईं ओर खरोंचें, बाईं ऊपरी बांह, बाईं और दाहिनी कलाई, दाहिनी अनामिका उंगली पर चोट के निशान, और खोपड़ी के नीचे बाईं ओर के अग्रभाग क्षेत्र में एक चोट। डॉक्टरों ने दम घुटने से जुड़े लक्षण भी दर्ज किए, जिनमें चेहरे पर रक्त का जमाव, कानों और नाखूनों का नीला पड़ना तथा दाहिनी आंख में सूक्ष्म रक्तस्राव शामिल हैं।
आंतरिक जांच में रस्सी के निशान के नीचे दो छोटे चोट के निशान भी मिले। पुलिस के अनुसार, फेफड़ों में टार्डियू के धब्बे पाए गए — जो आमतौर पर दम घुटने से जुड़े होते हैं — और मस्तिष्क, फेफड़ों तथा पेट की परत में रक्त का जमाव भी देखा गया।
परिवार की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा के माता-पिता ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी-2 टाउनशिप में रहते हैं। परिवार ने मृत्यु की परिस्थितियों पर गहरी चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच को अपनी प्राथमिक माँग बताया है।
आगे क्या होगा
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा CBI को पत्र लिखे जाने के बाद यह मामला केंद्रीय एजेंसी के दायरे में आ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में संदिग्ध मौतों के मामलों में जांच की माँग को लेकर सार्वजनिक दबाव बढ़ रहा है। परिवार और अधिकारियों के बीच हुई इस बैठक के बाद अगले कदमों पर सभी की नज़रें टिकी हैं।