21 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दलेर मेहंदी विवाद पर उदय भानु चिब: 'बिना सबूत आरोप लगाना उचित नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दलेर मेहंदी विवाद पर उदय भानु चिब: 'बिना सबूत आरोप लगाना उचित नहीं'

सारांश

युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने एक ही दिन में कई बड़े मुद्दों पर पार्टी की आवाज़ बुलंद की — दलेर मेहंदी पर बेबुनियाद आरोपों की निंदा से लेकर परिसीमन पर BJP पर निशाना साधने तक। भाजपा-आरएसएस की महिला-विरोधी सोच का आरोप और अमित शाह से जवाब माँगना — यह बयान कांग्रेस की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है।

मुख्य बातें

उदय भानु चिब ने कहा कि गायक दलेर मेहंदी पर बिना सबूत आरोप लगाना उचित नहीं; मंत्री सुबोध उनियाल के बयान की आलोचना की।
परिसीमन पर चिब ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनगणना-आधारित परिसीमन चाहती है, BJP पर राजनीतिक लाभ के लिए प्रक्रिया मोड़ने का आरोप।
संजय राउत के बयान के संदर्भ में चिब ने गृह मंत्री अमित शाह से लॉरेंस बिश्नोई मामले पर सफाई माँगी।
युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 33% महिलाएँ होने का दावा; आरएसएस की विचारधारा को 'मनुवादी' बताया।
दिल्ली उच्च न्यायालय की फटकार के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापसी पर चिब ने जल्द रिहाई की उम्मीद जताई।

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — जिनमें गायक दलेर मेहंदी से जुड़े आरोप, परिसीमन विवाद, राहुल गांधी की आरएसएस पर टिप्पणी और गृह मंत्री अमित शाह को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जोड़ने वाले बयान शामिल हैं। चिब ने साफ कहा कि बिना ठोस सबूत और तथ्यों के किसी पर भी आरोप लगाना राजनीतिक जिम्मेदारी के विरुद्ध है।

दलेर मेहंदी विवाद पर चिब की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा दलेर मेहंदी से जुड़े आरोपों पर चिब ने कहा, 'अगर दलेर मेहंदी ने ऐसा कुछ नहीं किया है, तो भाजपा नेताओं को बिना किसी सबूत के उन पर आरोप नहीं लगाने चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी एक वरिष्ठ कलाकार हैं और सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा हर पक्ष से होती है। चिब के अनुसार, 'इस मामले के पीछे क्या राजनीति है यह भाजपा के नेता बेहतर जानते होंगे, लेकिन बिना सबूत और तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है।'

परिसीमन पर कांग्रेस का रुख

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस दावे पर कि कांग्रेस को दस से अधिक बार परिसीमन पर बातचीत के लिए बुलाया गया लेकिन वह नहीं आई, चिब ने कहा कि कांग्रेस का रुख संसद में पहले से स्पष्ट है — पार्टी चाहती है कि परिसीमन जनगणना के आधार पर हो। उनका आरोप था कि भाजपा ऐसा परिसीमन कराने की कोशिश में है जिससे कई राज्यों की अनदेखी हो और पार्टी को राजनीतिक लाभ मिले। चिब ने कहा कि इस तरह की कोशिश देश की एकता के लिए भी खतरा बन सकती है।

अमित शाह और लॉरेंस बिश्नोई विवाद

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा गृह मंत्री अमित शाह को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जोड़ने वाले बयान पर चिब ने कहा कि अगर इस मामले में कोई तथ्य है, तो शाह को सफाई देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के सत्ता में आने के बाद आपराधिक घटनाएँ बढ़ रही हैं और ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी देश के गृह मंत्री पर है, किसी और पर नहीं।

राहुल गांधी की आरएसएस टिप्पणी और महिला भागीदारी

राहुल गांधी की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर टिप्पणी का समर्थन करते हुए चिब ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा महिलाओं को पुरुषों के बराबर नहीं मानती। उन्होंने दावा किया कि युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 33 प्रतिशत महिलाएँ हैं और पार्टी में महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जाते हैं। चिब ने आरएसएस की विचारधारा को 'मनुवादी' बताते हुए कहा कि राहुल गांधी की सोच शिव-शक्ति की अवधारणा से जुड़ी है।

सौरव दास और आशुतोष रांका याचिका मामला

दिल्ली उच्च न्यायालय की फटकार के बाद सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका द्वारा याचिका वापस लेने पर चिब ने कहा कि वह उनकी उम्र पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन यह मामला इतना बड़ा नहीं है कि उन्हें लंबे समय तक जेल में रखा जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों के साथ न्याय होगा और उन्हें जल्द रिहा किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों के बीच न्यायिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति तेज हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अमित शाह-बिश्नोई कनेक्शन पर संजय राउत के बयान को 'तथ्य होने पर' की शर्त के साथ समर्थन करना — बिना स्पष्ट स्टैंड के — विपक्ष की उस पुरानी कमज़ोरी को दर्शाता है जहाँ आरोप लगाए तो जाते हैं, लेकिन साक्ष्य-आधारित जवाबदेही की माँग अधूरी रहती है। परिसीमन पर जनगणना की माँग तर्कसंगत है, पर यह सवाल अनुत्तरित है कि कांग्रेस ने बातचीत की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी क्यों नहीं की।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदय भानु चिब ने दलेर मेहंदी विवाद पर क्या कहा?
चिब ने कहा कि अगर दलेर मेहंदी ने कुछ गलत नहीं किया है, तो भाजपा नेताओं और मंत्रियों को बिना सबूत के उन पर आरोप नहीं लगाने चाहिए। उनके अनुसार बिना तथ्यों के आरोप लगाना किसी वरिष्ठ कलाकार के साथ उचित व्यवहार नहीं है।
कांग्रेस का परिसीमन पर क्या रुख है?
कांग्रेस चाहती है कि परिसीमन जनगणना के आधार पर किया जाए। चिब ने आरोप लगाया कि भाजपा ऐसा परिसीमन कराने की कोशिश कर रही है जिससे कई राज्यों की अनदेखी हो और पार्टी को राजनीतिक फायदा मिले, जो देश की एकता के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
चिब ने अमित शाह और लॉरेंस बिश्नोई विवाद पर क्या कहा?
चिब ने कहा कि अगर इस मामले में कोई तथ्य है, तो गृह मंत्री अमित शाह को अपनी सफाई देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आपराधिक घटनाएँ बढ़ी हैं और उसकी जवाबदेही केंद्रीय गृह मंत्री की बनती है।
राहुल गांधी की आरएसएस टिप्पणी पर युवा कांग्रेस का क्या कहना है?
युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने राहुल गांधी की टिप्पणी का समर्थन किया और आरोप लगाया कि भाजपा व आरएसएस की विचारधारा महिलाओं को पुरुषों के बराबर नहीं मानती। उन्होंने दावा किया कि युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 33 प्रतिशत महिलाएँ हैं।
सौरव दास और आशुतोष रांका याचिका मामले पर चिब ने क्या प्रतिक्रिया दी?
चिब ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय की फटकार के बाद याचिका वापस लेने का मामला इतना बड़ा अपराध नहीं है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को लंबे समय तक जेल में रखा जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों के साथ न्याय होगा और उन्हें जल्द रिहाई मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले