उधमपुर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल के समानांतर नई दो-लेन ट्यूब टनल, जितेंद्र सिंह ने की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने 9 जून 2026 को घोषणा की कि जम्मू-कश्मीर के उधमपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल के समानांतर एक नई दो-लेन ट्यूब टनल के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। यह परियोजना चेनानी-नाशरी मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और जम्मू-कश्मीर में हर मौसम में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
घोषणा की पृष्ठभूमि
जितेंद्र सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया, और बताया कि उनकी ओर से उठाई गई माँग को औपचारिक रूप से स्वीकृति मिल गई है। उन्होंने इसे उधमपुर के लिए 'एक और अच्छी खबर' बताया।
परियोजना का महत्व
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जम्मू-कश्मीर की जीवनरेखा माना जाता है। इस मार्ग पर वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे मौजूदा टनल पर यातायात का बोझ बढ़ता जा रहा है। नई दो-लेन ट्यूब टनल बनने के बाद यातायात प्रवाह दो हिस्सों में विभाजित होगा, जिससे जाम की समस्या घटेगी, यात्रा का समय कम होगा और यात्री अनुभव अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा।
गौरतलब है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अप्रैल 2017 को किया था। यह टनल जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौसमी व्यवधानों को कम करने और यात्रा समय घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।
आम जनता पर असर
नई टनल न केवल उधमपुर के स्थानीय निवासियों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच आवागमन करने वाले लाखों यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को भी सीधा फायदा मिलेगा। क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार की व्यापक योजना
जितेंद्र सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में सड़क, रेल और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यह परियोजना उसी व्यापक बुनियादी ढाँचा विस्तार रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत केंद्र शासित प्रदेश में कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाने के प्रयास जारी हैं।