स्वर्ण मंदिर में यूके सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने टेका मत्था, अमृतसर-लंदन सीधी उड़ानों की उठाई माँग
सारांश
मुख्य बातें
यूनाइटेड किंगडम के सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने 13 अगस्त को अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में परिवार सहित मत्था टेका और अरदास की। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पंजाब और यूके के बीच सीधी हवाई सेवाओं के विस्तार, व्यापार, पर्यटन और प्रवासी भारतीयों (NRI) से जुड़े अहम मुद्दों पर जोर दिया। ढेसी करीब दस वर्षों से यूके संसद में सेवारत हैं और पिछले दो वर्षों से संसद की डिफेंस कमेटी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
स्वर्ण मंदिर में अरदास और भावुक पल
श्री दरबार साहिब में दर्शन के बाद ढेसी ने कहा कि परिवार के साथ श्री हरमंदिर साहिब पहुँचने का अवसर मिलना उनके लिए परमात्मा का आशीर्वाद है। उन्होंने बताया कि उन्होंने गुरु घर में यह अरदास की कि ब्रिटेन के साथ-साथ भारत और विशेष रूप से पंजाब भी उत्तरोत्तर प्रगति करे। साथ ही उन्होंने डिफेंस कमेटी की जिम्मेदारी को सुचारु रूप से निभाने के लिए सही सोच, शक्ति और बुद्धि की प्रार्थना की।
करतारपुर कॉरिडोर और SGPC से चर्चा
ढेसी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष के साथ बैठक की, जिसमें करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पुनः खोले जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर दोबारा खुलने से अधिक से अधिक श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेंगे और इस संबंध में सरकारी स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी किए जाने की उम्मीद जताई।
अमृतसर-चंडीगढ़ से सीधी उड़ानों की माँग
यूके सांसद ने अमृतसर और चंडीगढ़ से यूके तथा अन्य देशों के लिए अधिक सीधी उड़ानें शुरू करने की पुरज़ोर वकालत की। उनके अनुसार सीधी हवाई सेवाओं से न केवल पंजाब और यूके के बीच लोगों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि व्यापार, कारोबार और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। यह कदम ब्रिटेन में बसे प्रवासी पंजाबियों के लिए भी विशेष रूप से लाभकारी होगा।
NRI मुद्दे और फिरौती की बढ़ती समस्या
अपने पंजाब दौरे के दौरान ढेसी ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं और अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने NRI समुदाय से जुड़े जमीन-जायदाद के विवादों के समयबद्ध निपटारे की माँग उठाई और कहा कि विदेशों में बसे लोगों को भारत में संपत्ति संबंधी मामलों के समाधान के लिए अनावश्यक लंबा इंतजार करना पड़ता है। फिरौती के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए भारत के साथ-साथ यूके, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों के बीच बेहतर अंतरराष्ट्रीय समन्वय आवश्यक है। पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान मिले स्वागत के लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का भी धन्यवाद किया।
पंजाब-यूके संबंधों का व्यापक दृष्टिकोण
ढेसी ने कहा कि पंजाब और यूके के बीच रिश्ते केवल प्रवासी भारतीयों तक सीमित नहीं हैं — व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और आपसी सांस्कृतिक संपर्क के स्तर पर भी दोनों क्षेत्रों के बीच संबंध और प्रगाढ़ किए जा सकते हैं। उन्होंने सीधी कनेक्टिविटी को पंजाब के समग्र विकास के लिए अनिवार्य बताते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएँगे।