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यूके सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने स्वर्ण मंदिर में टेका मत्था, पंजाब-यूके सीधी उड़ानों की उठाई माँग

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यूके सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने स्वर्ण मंदिर में टेका मत्था, पंजाब-यूके सीधी उड़ानों की उठाई माँग

सारांश

यूके सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी का स्वर्ण मंदिर दौरा महज़ आस्था की यात्रा नहीं था — यह पंजाब-यूके संबंधों की नई इबारत लिखने की कोशिश थी। सीधी उड़ानें, करतारपुर कॉरिडोर की बहाली और NRI समस्याओं के समाधान की माँग के साथ ढेसी ने दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापक साझेदारी का खाका पेश किया।

मुख्य बातें

तनमनजीत सिंह ढेसी ने 13 अगस्त को श्री हरमंदिर साहिब, अमृतसर में परिवार सहित मत्था टेका और अरदास की।
अमृतसर और चंडीगढ़ से यूके के लिए अधिक सीधी उड़ानें शुरू करने की माँग; व्यापार, पर्यटन और शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद।
SGPC अध्यक्ष से मुलाकात में करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
NRI भूमि विवादों के समयबद्ध निपटारे और फिरौती के मामलों पर भारत-यूके-कनाडा-अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया के बीच अंतरराष्ट्रीय समन्वय की माँग।
ढेसी करीब दस वर्षों से ब्रिटिश सांसद हैं और पिछले करीब दो वर्षों से संसद की डिफेंस कमेटी के सदस्य हैं।

ब्रिटेन के सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने गुरुवार, 13 अगस्त को अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेका और परिवार सहित अरदास की। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पंजाब और यूके के बीच सीधी हवाई सेवाएँ बढ़ाने, व्यापार-पर्यटन को प्रोत्साहन देने और प्रवासी भारतीयों (NRI) से जुड़े अनसुलझे मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की पुरज़ोर वकालत की। यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत-यूके के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत जारी है।

स्वर्ण मंदिर दर्शन और अरदास

श्री दरबार साहिब में दर्शन के बाद ढेसी ने कहा कि परिवार के साथ गुरु घर पहुँचने का सौभाग्य मिलने पर वह परमात्मा के प्रति कृतज्ञ हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अरदास की कि ब्रिटेन के साथ-साथ भारत और विशेष रूप से पंजाब भी तरक्की की राह पर आगे बढ़े। गौरतलब है कि ढेसी पिछले करीब दस वर्षों से ब्रिटिश संसद में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और पिछले करीब दो वर्षों से वह संसद की डिफेंस कमेटी के सदस्य भी हैं। उन्होंने गुरु साहिब के समक्ष इस ज़िम्मेदारी को बेहतर ढंग से निभाने के लिए सही सोच, शक्ति और बुद्धि माँगी।

करतारपुर कॉरिडोर पुनः खोलने की माँग

ढेसी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष से भी भेंट की। इस बैठक में करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोले जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के पुनः संचालन से अधिक से अधिक श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शन कर सकेंगे और इस संबंध में सरकारी स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

पंजाब-यूके सीधी उड़ानों की पैरवी

यूके सांसद ने अमृतसर और चंडीगढ़ से यूके तथा दुनिया के अन्य देशों के लिए अधिक सीधी उड़ानें शुरू करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उनके अनुसार सीधी हवाई कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग को नई ऊँचाई मिलेगी। इससे पंजाब में रहने वाले लोगों के साथ-साथ ब्रिटेन में बसे प्रवासी भारतीयों को भी सीधा लाभ होगा।

NRI मुद्दे और फिरौती की समस्या

अपने चंडीगढ़ दौरे में ढेसी ने मुख्यमंत्री सहित विभिन्न नेताओं और अधिकारियों से मुलाकात की और पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान मिले स्वागत के लिए स्पीकर का आभार जताया। उन्होंने संबंधित मंत्रियों के समक्ष NRI समुदाय की प्रमुख समस्याएँ — जमीन-जायदाद के विवाद और फिरौती के बढ़ते मामले — उठाईं। ढेसी ने कहा कि फिरौती जैसे अपराधों से निपटने के लिए भारत, यूके, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों के बीच बेहतर अंतरराष्ट्रीय समन्वय ज़रूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि NRI भूमि विवादों के निपटारे के लिए समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

आगे की राह

ढेसी का यह दौरा पंजाब-यूके संबंधों को नई दिशा देने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करतारपुर कॉरिडोर की बहाली और सीधी उड़ानों की माँग पर सरकारी स्तर पर आगे की कार्रवाई अपेक्षित है। यह देखना अहम होगा कि दोनों देशों के बीच चल रही राजनयिक और व्यापारिक वार्ताओं में इन मुद्दों को कितनी प्राथमिकता मिलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पंजाब जैसे राज्यों की कनेक्टिविटी माँगें अक्सर केंद्रीय बातचीत में हाशिये पर रह जाती हैं। सीधी उड़ानों की माँग वर्षों पुरानी है — अमृतसर हवाई अड्डे की क्षमता के बावजूद यूके रूट पर सीधी सेवाएँ सीमित हैं। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर 'जल्द प्रक्रिया पूरी होगी' जैसे आश्वासन पहले भी दिए जा चुके हैं; असली कसौटी यह है कि राजनयिक इच्छाशक्ति ज़मीन पर कब उतरती है। NRI भूमि विवादों पर समयबद्ध व्यवस्था की माँग सही दिशा में है, लेकिन बिना कानूनी ढाँचे में बदलाव के यह भी घोषणाओं की लंबी सूची में जुड़ने का जोखिम रखती है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तनमनजीत सिंह ढेसी कौन हैं और वे भारत क्यों आए?
तनमनजीत सिंह ढेसी ब्रिटेन के सांसद हैं जो करीब दस वर्षों से यूके संसद में सेवारत हैं और पिछले करीब दो वर्षों से संसद की डिफेंस कमेटी के सदस्य हैं। वे पंजाब दौरे पर आए, जिसमें अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के दर्शन और चंडीगढ़ में सरकारी अधिकारियों व नेताओं से मुलाकात शामिल थी।
ढेसी ने पंजाब-यूके सीधी उड़ानों की माँग क्यों उठाई?
उनका कहना है कि अमृतसर और चंडीगढ़ से यूके के लिए सीधी हवाई सेवाएँ शुरू होने से लोगों की आवाजाही, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा — सभी क्षेत्रों में पंजाब और यूके के बीच संबंध मज़बूत होंगे। इससे ब्रिटेन में बसे प्रवासी भारतीयों को भी सीधा फायदा होगा।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर क्या अपडेट है?
ढेसी ने SGPC अध्यक्ष से मुलाकात में करतारपुर साहिब कॉरिडोर को दोबारा खोले जाने की माँग उठाई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकारी स्तर पर आवश्यक पुष्टि और प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी, हालाँकि कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई।
NRI भूमि विवादों और फिरौती की समस्या पर क्या कहा गया?
ढेसी ने पंजाब के मुख्यमंत्री से NRI भूमि विवादों के समयबद्ध निपटारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। फिरौती के बढ़ते मामलों पर उन्होंने भारत, यूके, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच बेहतर अंतरराष्ट्रीय समन्वय की ज़रूरत बताई।
इस दौरे का पंजाब-यूके संबंधों पर क्या असर पड़ सकता है?
यह दौरा व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में पंजाब-यूके सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। करतारपुर कॉरिडोर और सीधी उड़ानों जैसे मुद्दों पर सरकारी स्तर पर आगे की कार्रवाई अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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