17 अक्टूबर 2026
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मणिपुर के उखरुल में UNLF के 5 संदिग्ध गिरफ्तार, असम राइफल्स-पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी कार्रवाई

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मणिपुर के उखरुल में UNLF के 5 संदिग्ध गिरफ्तार, असम राइफल्स-पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी कार्रवाई

सारांश

शांति समझौते के बावजूद UNLF के कुछ गुट जी-5 गठबंधन के साथ मिलकर मणिपुर में सक्रिय थे। असम राइफल्स और राज्य पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में उखरुल से 5 संदिग्ध गिरफ्तार — भर्ती मॉड्यूल और म्यांमार कैंपों से जुड़े तार भी उजागर हुए।

मुख्य बातें

असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने 17 अक्टूबर 2026 को उखरुल जिले से UNLF के 5 संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया।
सभी गिरफ्तार संदिग्ध कथित तौर पर जी-5 गठबंधन से जुड़े हैं, जिसमें UNLF, KCP, KYKL, PREPAK और PREPAK (Pro) शामिल हैं।
UNLF ने 2023 में केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ शांति समझौता किया था, लेकिन अधिकारियों के अनुसार कुछ गुट अब भी सक्रिय हैं।
इसी वर्ष जुलाई में उखरुल में असम राइफल्स के काफिले पर हमले में दो सैनिक शहीद हुए थे; जी-5 की संलिप्तता की आशंका है।
जी-5 के सदस्यों पर मणिपुर के युवाओं को भर्ती कर म्यांमार के कैंपों में प्रशिक्षण देने का भी आरोप है।

असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने 17 अक्टूबर 2026 को एक संयुक्त अभियान के तहत उखरुल जिले से यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) के पाँच संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया। खुफिया जानकारी पर आधारित इस ऑपरेशन में गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्ध कथित तौर पर जी-5 गठबंधन से जुड़े हैं।

जी-5 गठबंधन क्या है

जी-5 एक गुप्त विद्रोही गठजोड़ है, जिसमें UNLF, KCP, KYKL, PREPAK और PREPAK (Pro) — पाँच सशस्त्र गुट शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह गठबंधन मणिपुर में जबरन वसूली, धमकियाँ और भर्ती अभियानों के ज़रिए अपनी उपस्थिति बनाए हुए है। गौरतलब है कि UNLF मणिपुर की घाटी में सक्रिय सबसे पुराना विद्रोही गुट है, जिसकी स्थापना 1964 में हुई थी।

शांति समझौते के बावजूद हिंसा जारी

2023 में UNLF ने केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत वे हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए सहमत हुए थे। हालाँकि अधिकारियों का कहना है कि UNLF के कुछ गुट, शांति समझौते को दरकिनार करते हुए, जी-5 के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर आम नागरिकों को धमकियाँ देने और जबरन वसूली में लिप्त हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कई सदस्य अभी भी भारत-म्यांमार सीमा के नज़दीक सक्रिय हैं।

एक अधिकारी ने कहा, 'शांति समझौते के बावजूद UNLF के कुछ गुट, जी-5 समूह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लोगों को धमकियाँ देने और जबरन वसूली की माँग करने में शामिल हैं।'

सांस्कृतिक आयोजनों पर प्रतिबंध और जातीय हिंसा में संलिप्तता

हाल के महीनों में जी-5 के सदस्यों ने कथित तौर पर ऐतिहासिक 'शुमांग लीला' नाटक मंडलियों और 'संगाई महोत्सव' में भाग लेने वालों पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी किया था। उल्लेखनीय है कि शुमांग लीला मंडलियाँ मणिपुरी समाज में नशे, एचआईवी और उग्रवाद जैसी समस्याओं के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का कार्य करती हैं। इस फरमान के बाद सुरक्षा बलों ने जी-5 सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज़ की।

अधिकारियों के अनुसार, UNLF के कुछ कैडरों पर पिछले तीन वर्षों से राज्य में चल रही जातीय हिंसा में भाग लेने का भी आरोप है। इनके ऊपर जी-5 के उन गुटों को साजो-सामान और अन्य सहायता मुहैया कराने के भी आरोप हैं, जिन्होंने सुरक्षा बलों पर सीधे हमले किए।

उखरुल हमले से कड़ी

इसी वर्ष जुलाई में म्यांमार सीमा के निकट उखरुल जिले में असम राइफल्स के एक काफिले पर हमला हुआ, जिसमें दो सैनिक शहीद हो गए। हालाँकि किसी भी गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली, लेकिन अधिकारियों के अनुसार जी-5 की इसमें संलिप्तता की आशंका बनी हुई है।

जब्त सामग्री और भर्ती मॉड्यूल का भंडाफोड़

एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार संदिग्धों से कुछ सामग्री जब्त की गई है, जिसकी जाँच की जा रही है। इसके अलावा, जी-5 के कई सदस्य मणिपुर के युवाओं को भर्ती कर उन्हें प्रशिक्षण के लिए म्यांमार स्थित कैंपों में भेजने के काम में लगे हुए थे। अधिकारी ने कहा, 'हमने हाल ही में ऐसे ही एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।' यह कार्रवाई पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव का हिस्सा है और आने वाले दिनों में इस दिशा में और अभियान चलाए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ उसके विघटनकारी गुटों की जी-5 के साथ सक्रिय मिलीभगत। जुलाई में काफिले पर हमले में दो जवानों की शहादत और अब भर्ती मॉड्यूल का खुलासा — यह बताता है कि शांति प्रक्रिया आंशिक रूप से ही सफल रही है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार शांति वार्ता को जारी रखते हुए उन्हीं गुटों के कैडरों पर कानूनी शिकंजा कस सकती है, जिनसे वह मेज़ पर बात कर रही है — यह राजनीतिक और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर कठिन संतुलन है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UNLF क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) मणिपुर की घाटी में सक्रिय सबसे पुराना विद्रोही गुट है, जिसकी स्थापना 1964 में हुई थी। 2023 में इस गुट ने केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
जी-5 गठबंधन में कौन-कौन से गुट शामिल हैं?
जी-5 एक गुप्त विद्रोही गठबंधन है जिसमें UNLF, KCP, KYKL, PREPAK और PREPAK (Pro) — पाँच सशस्त्र गुट शामिल हैं। यह गठबंधन मणिपुर में जबरन वसूली, धमकियों और युवाओं की भर्ती के लिए कुख्यात है।
17 अक्टूबर 2026 के ऑपरेशन में क्या हुआ?
असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर उखरुल जिले में संयुक्त अभियान चलाकर UNLF के 5 संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार संदिग्धों से कुछ सामग्री जब्त की गई है, जिसकी जाँच जारी है।
UNLF के शांति समझौते के बाद भी गिरफ्तारी क्यों हुई?
अधिकारियों के अनुसार, शांति समझौते के बावजूद UNLF के कुछ गुट जी-5 के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर जबरन वसूली, धमकियाँ और जातीय हिंसा में शामिल रहे हैं। इन्हीं गुटों पर सुरक्षा बलों पर हुए हमलों में लॉजिस्टिक सहायता देने का भी आरोप है।
मणिपुर में म्यांमार से जुड़ा विद्रोही नेटवर्क कितना सक्रिय है?
अधिकारियों के अनुसार, जी-5 के कई सदस्य मणिपुर के युवाओं को भर्ती कर म्यांमार स्थित कैंपों में प्रशिक्षण के लिए भेज रहे थे। सुरक्षा बलों ने हाल ही में ऐसे एक भर्ती मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, और कई सदस्य भारत-म्यांमार सीमा के पास अब भी सक्रिय बताए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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