यूपी में 45-47°C गर्मी से बिजली मांग 800 MW पार, मंत्री जयवीर सिंह बोले — निर्बाध सप्लाई सर्वोच्च प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में भीषण हीटवेव के चलते बिजली की मांग 800 मेगावाट के पार पहुँच गई है, जिससे प्रदेश के बिजली ढाँचे पर असाधारण दबाव बना हुआ है। 23 मई को मैनपुरी में प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के सीधे निर्देश पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, जिससे घरेलू और औद्योगिक बिजली खपत एक साथ रिकॉर्ड स्तर पर आ गई है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री जयवीर सिंह ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पूरे उत्तर भारत में चल रही हीटवेव के कारण बिजली की माँग अचानक तेज़ी से बढ़ी है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर आपूर्ति बाधित हुई है — जिसके लिए उन्होंने निचले स्तर के अधिकारियों की लापरवाही और तकनीकी कमियों को ज़िम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, जहाँ भी गंभीर लापरवाही सामने आई है, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
गोंडा में ट्रांसफॉर्मर संकट
गोंडा जिले में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहाँ बढ़ते तापमान के कारण ट्रांसफॉर्मर ओवरहीट हो रहे हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी इन ट्रांसफॉर्मरों को पानी के स्प्रे और बड़े पंखों की मदद से ठंडा करने में जुटे हैं। अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर का तापमान सामान्य सीमा से काफी ऊपर जा रहा है और यदि किसी इकाई में खराबी आती है तो पूरे इलाके की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
बिजली ढाँचे पर दबाव
अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान में बिजली की माँग लगभग 800 मेगावाट तक पहुँच गई है, जो सामान्य स्तर से काफी अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब पहले से ही ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों पर मौसमी भार बढ़ा हुआ रहता है। गौरतलब है कि हर वर्ष मई-जून में उत्तर प्रदेश में बिजली संकट गहराता है, परंतु इस बार तापमान की असाधारण ऊँचाई ने चुनौती को और बड़ा बना दिया है।
सरकार की प्रतिक्रिया और जनता से अपील
बिजली विभाग की टीमें चौबीसों घंटे फील्ड में तैनात हैं और किसी भी तकनीकी खराबी को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बिजली उपकरणों का उपयोग सोच-समझकर करें और एक साथ भारी लोड वाले उपकरण — जैसे एयर कंडीशनर, वॉटर हीटर और भारी मोटरें — न चलाएँ, ताकि स्थानीय ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
आगे क्या
मंत्री जयवीर सिंह ने संकेत दिया कि सरकार हालात पर सतत निगरानी रख रही है और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। यदि तापमान इसी तरह बना रहा, तो बिजली विभाग को अतिरिक्त संसाधन जुटाने और आपातकालीन मरम्मत दल तैनात करने की आवश्यकता पड़ सकती है।