यूपी एमएलसी चुनाव: 'हार तय जानकर धांधली का बहाना बना रहे हैं अखिलेश' — BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के एमएलसी चुनाव में अपनी अपरिहार्य हार को भाँपकर पहले से ही धांधली के आरोप लगा रहे हैं। खंडेलवाल के अनुसार, यह रणनीति हार की नैतिक जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है।
अखिलेश के आरोपों पर भाजपा का पलटवार
खंडेलवाल ने कहा कि जब अखिलेश यादव की उत्तर प्रदेश में सरकार थी, तब उन्होंने क्या किया — यह इतिहास में दर्ज है। उन्होंने मायावती के साथ जो व्यवहार किया, वह भी जनता को याद है। खंडेलवाल के मुताबिक, जो नेता अपना जनाधार खो चुके हैं, वे चुनाव-पूर्व आरोप लगाकर खुद को जवाबदेही से बचाने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव नहीं चाहते कि उन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरह 'असफल नेता' का ठप्पा लगे। इसीलिए वे एमएलसी चुनाव से पहले ही धांधली का हल्ला मचा रहे हैं, ताकि हार की स्थिति में बचाव का रास्ता तैयार रहे।
नशामुक्त भारत अभियान पर भाजपा का संकल्प
खंडेलवाल ने नशामुक्त भारत अभियान पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में काम किया, उसी दृढ़ता के साथ अब नशे के कारोबार को भी जड़ से खत्म किया जाएगा।
उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि नशे के दुष्परिणामों ने वहाँ के युवाओं और अनगिनत परिवारों को तबाह कर दिया है। अमित शाह ने खुद ऐसे पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि नशा उन्मूलन सरकार और पार्टी की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।
संघ और राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता रामलाल द्वारा राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि संघ से बड़ा राष्ट्र-सेवा संगठन कोई नहीं है। संघ से जुड़ी राष्ट्रीय सेविका समिति में बड़ी संख्या में महिलाएँ हैं और भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने महिलाओं का अपमान किया है और कांग्रेस के नेता भी इस मामले में पीछे नहीं रहे हैं। खंडेलवाल के मुताबिक, राहुल गांधी को खुद भी नहीं पता कि वे क्या बोलते हैं, और कांग्रेस लगातार पतन की ओर बढ़ रही है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव से पहले BJP और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर देता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी पृष्ठभूमि में चल रही हैं। आने वाले दिनों में एमएलसी मतदान का परिणाम दोनों दलों के राज्य-स्तरीय बलाबल का एक महत्वपूर्ण सूचक होगा।