क्या यूपी में परिवार के बीच दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में राहत मिली है?

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क्या यूपी में परिवार के बीच दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में राहत मिली है?

सारांश

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने पारिवारिक संपत्तियों के दान पर स्टाम्प शुल्क में राहत देने का निर्णय लिया है। अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियां भी इस राहत के दायरे में आएंगी, जिससे संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी।

Key Takeaways

  • परिवार के बीच संपत्ति के दान पर स्टाम्प शुल्क में राहत
  • व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को भी शामिल किया गया
  • पारिवारिक विवादों में कमी आएगी
  • सरकार का यह निर्णय जनता के हित में है
  • राज्य के विकास में योगदान

लखनऊ, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख पर लागू स्टाम्प शुल्क में छूट के दायरे को और बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

इस निर्णय से अब पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी स्टाम्प शुल्क में महत्वपूर्ण राहत मिलेगी। पहले, भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार स्टाम्प शुल्क देना अनिवार्य था, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के तहत अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य था।

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के अनुसार, यदि अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के लिए किया जाता है, तो स्टाम्प शुल्क में छूट देते हुए अधिकतम ₹5,000 ही लिया जाएगा। यह छूट पहले केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। योगी कैबिनेट द्वारा पारित इस प्रस्ताव के तहत अब यह छूट व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर भी लागू होगी। इससे परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और सस्ती हो जाएगी।

प्रदेश के स्टाम्प और पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि 2022 से पहले, यदि परिवार के रिश्ते में कोई संपत्ति दी जाती थी, तो पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था। लेकिन 2022 में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में तय हुआ कि पारिवारिक रिश्तों में यदि संपत्ति दान की जाती है, तो उस पर निश्चित ₹5,000 का स्टाम्प लगेगा। अब यह नियम कॉमर्शियल संपत्ति पर भी लागू है। शहर में यह शुल्क 7 प्रतिशत और गांवों में 5 प्रतिशत था, लेकिन अब आपको केवल ₹5,000 ही चुकाने होंगे।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, पूर्व में जारी अधिसूचना में रिश्तेदारों की परिभाषा और अन्य प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है ताकि नियमों के क्रियान्वयन में कोई भ्रम न रहे। यह छूट संबंधित अधिसूचना के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित होने की तिथि से तुरंत प्रभाव से लागू होगी। सरकार के इस निर्णय को आम जनता के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पारिवारिक संपत्ति के वैधानिक हस्तांतरण को प्रोत्साहन मिलेगा और विवादों में कमी आएगी।

कैबिनेट की बैठक में स्टाम्प और पंजीयन विभाग से जुड़े दो अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत कैबिनेट ने जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उप निबंधक कार्यालय के भवन के निर्माण हेतु ग्राम बसहिया उर्फ कप्तानगंज स्थित तहसील परिसर की भूमि में से 0.0920 हेक्टेयर (920 वर्गमीटर) भूमि को स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वर्तमान में उप निबंधक कार्यालय जीर्ण-शीर्ण भवन में संचालित है, जिसे ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा।

इसके साथ ही कैबिनेट ने झांसी में उप निबंधक कार्यालय सदर और अभिलेखागार के निर्माण हेतु पुरानी तहसील परिसर, मौजा झांसी खास स्थित आराजी संख्या 3035 में से 0.0638 हेक्टेयर (638 वर्गमीटर) भूमि को राजस्व विभाग से स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग को आवंटित/हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की। दोनों मामलों में भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व की है, अतः भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत स्टाम्प शुल्क से और रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के अंतर्गत पंजीकरण शुल्क से पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी।

Point of View

जो न केवल पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करेगा, बल्कि संपत्ति के विवादों को भी कम करेगा। यह पहल राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

इस निर्णय से परिवारों को क्या लाभ होगा?
इस निर्णय से परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल और सस्ती होगी, जिससे पारिवारिक विवादों में कमी आएगी।
क्या यह छूट केवल आवासीय संपत्तियों पर लागू है?
नहीं, अब यह छूट व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर भी लागू होगी।
इस निर्णय का प्रभाव कब से लागू होगा?
यह छूट संबंधित अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से तुरंत प्रभाव से लागू होगी।
क्या स्टाम्प शुल्क की राशि में कोई बदलाव होगा?
हां, अब पारिवारिक दान पर स्टाम्प शुल्क अधिकतम ₹5,000 होगा।
क्या यह निर्णय राज्य के विकास में योगदान देगा?
हां, यह निर्णय पारिवारिक संपत्तियों के वैधानिक हस्तांतरण को प्रोत्साहित करेगा, जिससे राज्य के विकास में योगदान मिलेगा।
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