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योगी सरकार का बड़ा फैसला: तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं को मिलेगा आवास और आयुष्मान कवर

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योगी सरकार का बड़ा फैसला: तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं को मिलेगा आवास और आयुष्मान कवर

सारांश

योगी सरकार ने तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं को आवास और स्वास्थ्य बीमा देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग पात्र लाभार्थियों का डेटा तैयार कर रहा है। यह कदम मिशन शक्ति अभियान की कड़ी में उत्तर प्रदेश का नया महिला पुनर्वास प्रयास है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 जून 2026 को तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं को सरकारी आवास व स्वास्थ्य बीमा देने के निर्देश जारी किए।
लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना , मुख्यमंत्री आवास योजना , आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा।
महिला कल्याण विभाग पात्र लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार करने में जुटा है; निराश्रित महिलाएँ भी योजना में शामिल होंगी।
संबंधित सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि कोई पात्र महिला योजना से वंचित न रहे।
मिशन शक्ति अभियान के तहत 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और स्वावलंबन की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 जून 2026 को लखनऊ में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि तीन तलाक और एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को सरकारी आवास योजनाओं तथा स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए। इस निर्देश के बाद महिला कल्याण विभाग ने पात्र लाभार्थियों का डेटा संकलित करना शुरू कर दिया है।

योजना में क्या मिलेगा

सरकार इन पीड़ित महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ इन महिलाओं और उनके परिवारों तक पहुँचाने की योजना है। निराश्रित महिलाओं को भी इन योजनाओं में शामिल किए जाने का प्रावधान प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री के निर्देश और विभागीय कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि तीन तलाक, एसिड अटैक या ऐसी ही विकट परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही महिलाओं को किसी भी सरकारी योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए संबंधित सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। महिला कल्याण विभाग अब पीड़ित महिलाओं का व्यापक डेटाबेस तैयार कर रहा है ताकि पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित हो सके।

मिशन शक्ति की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहता था। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा देने का प्रयास किया है। इस अभियान के तहत सुरक्षा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व विकास को एक साथ जोड़ा गया है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब तीन तलाक पीड़िताओं के पुनर्वास और एसिड अटैक सर्वाइवर्स की दीर्घकालिक देखभाल को लेकर सामाजिक संगठन लंबे समय से माँग उठाते रहे हैं। आवास और स्वास्थ्य बीमा जैसी बुनियादी सुरक्षा इन महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक पुनर्स्थापना में सहायक हो सकती है। योजना के क्रियान्वयन की गति और डेटा संकलन की पारदर्शिता यह तय करेगी कि कितनी महिलाएँ वास्तव में लाभान्वित होती हैं।

आगे क्या होगा

महिला कल्याण विभाग पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करने के बाद संबंधित विभागों को भेजेगा, जिसके बाद योजनाओं में नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र महिला किसी प्रशासनिक या दस्तावेज़ी बाधा के कारण इन सुविधाओं से वंचित न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा डेटा संकलन की पारदर्शिता और योजनाओं में नामांकन की गति से होगी। उत्तर प्रदेश में ऐसी पीड़िताओं की सटीक संख्या सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, और बिना सत्यापन-योग्य लाभार्थी सूची के यह घोषणा केवल नीतिगत इरादे तक सीमित रह सकती है। मिशन शक्ति के व्यापक दावों के बावजूद, पीड़ित महिलाओं के दीर्घकालिक पुनर्वास — विशेषकर एसिड अटैक सर्वाइवर्स के महँगे चिकित्सा उपचार — के लिए समर्पित बजट और जवाबदेही तंत्र का स्पष्ट उल्लेख अभी तक सामने नहीं आया है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं को कौन-सी योजनाओं का लाभ देगी?
सरकार इन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ने पर विचार कर रही है। निराश्रित महिलाओं को भी इन योजनाओं में शामिल किया जाएगा।
इस योजना का लाभ कब तक मिलना शुरू होगा?
महिला कल्याण विभाग फिलहाल पात्र लाभार्थियों का डेटा तैयार कर रहा है। डेटा संकलन पूरा होने के बाद संबंधित विभागों में नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, हालाँकि सरकार ने अभी तक कोई निश्चित समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश कब और कहाँ दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। इसके बाद महिला कल्याण विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
मिशन शक्ति अभियान क्या है और इससे इस योजना का क्या संबंध है?
मिशन शक्ति अभियान उत्तर प्रदेश सरकार का महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम है, जो 2017 के बाद से संचालित है। तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए यह नई पहल उसी अभियान की विस्तारित कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
क्या एसिड अटैक पीड़िताओं के परिवारों को भी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा?
हाँ, मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार पीड़ित महिलाओं के साथ-साथ उनके परिवारों को भी आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ दिए जाने की बात कही गई है।
राष्ट्र प्रेस
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