मुख्यमंत्री योगी का महिलाओं के साथ संवाद: सरकारी योजनाओं की हकीकत का जाना
सारांश
Key Takeaways
- सीएम योगी ने महिलाओं के साथ संवाद कर योजनाओं की हकीकत जानी।
- लाभार्थियों ने योजनाओं से मिली सहायता के अनुभव साझा किए।
- सरकार गरीबों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है।
- आवास निर्माण, शिक्षा, और स्वास्थ्य पर ध्यान देने का संदेश दिया गया।
- डबल इंजन सरकार का लक्ष्य सबका विकास है।
लखनऊ, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी २.० के लाभार्थियों को पहली किस्त भेजने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जनपदों की महिलाओं के साथ वर्चुअल संवाद किया। यह बातचीत केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सहज और सरल प्रश्नों के माध्यम से सीएम योगी ने यह सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ सही तरीके से लोगों तक पहुँच रहा है।
फतेहपुर की माया देवी से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने पूछा, "क्या आपके खाते में पहली किस्त आ गई है, आपने फोन देखा?" जब माया देवी ने कहा कि उन्होंने अभी नहीं देखा, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, "एक बार चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा।" इस सहज संवाद ने कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल बना दिया। माया देवी ने बताया कि उन्हें राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल चुका है और उनके पति मजदूरी करके बच्चों की पढ़ाई करवा रहे हैं। सीएम ने उन्हें उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने की सलाह दी और कहा कि अब उन्हें आवास, बिजली और पानी की सुविधाएँ भी मिलेंगी।
गोरखपुर की मेनका देवी ने बताया कि पहले उन्हें कच्चे मकान में रहना पड़ता था, लेकिन अब आवास मिलने से उन्हें बहुत राहत मिली है। उन्हें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस और पीएम स्वनिधि योजना का लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के बारे में जानकारी ली और उन्हें नए घर के लिए बधाई दी।
प्रयागराज की अर्चना ने बताया कि उन्हें बिजली, गैस और आयुष्मान कार्ड के साथ अब आवास का लाभ भी मिला है। उनके पति मजदूरी करते हैं और वह स्वयं काम कर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग देती हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आवास निर्माण कार्य जल्दी पूरा करने की सलाह दी और कहा कि सभी जन प्रतिनिधि इसमें आपका सहयोग करेंगे।
सहारनपुर की सुनीता ने आवास मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि वह जल्द ही अपना घर बनाएंगी। उनके परिवार में पति बिजली का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि घर बनने के बाद सभी को गृह प्रवेश पर आमंत्रित करें और योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं।
महराजगंज की गुंजा देवी ने बताया कि उन्हें पहली बार आवास का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने की सलाह दी और बताया कि अब शहरी क्षेत्रों में आवास के लिए अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बेहतर मकान बन सके।
देवरिया की सरोज देवी ने बताया कि उन्हें उज्ज्वला गैस, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का भी लाभ मिला है। उन्होंने अपने परिवार में बुजुर्गों और बच्चों की जिम्मेदारी निभाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना की और कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना महत्वपूर्ण है, और सरकार हर संभव सहयोग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, राशन योजना और पेंशन योजनाओं के माध्यम से सरकार हर गरीब तक सुविधाएं पहुंचा रही है। उन्होंने लाभार्थियों को आवास निर्माण समय पर पूरा करने, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने और सभी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ पहुंचे, जिससे उसका जीवन स्तर सुधरे और वह आत्मनिर्भर बन सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) २.० के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से २० लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल देखने को मिला और जैसे-जैसे लाभार्थियों के नाम पुकारे गए, सभागार तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में सबसे पहले लखनऊ की सीमा को मुख्यमंत्री ने घर का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इसके बाद लखनऊ की रूबी गुप्ता, आराधना श्रीवास्तव व अंजू, सीतापुर की रेनू वर्मा व संजीवनी सिंह, बाराबंकी की शबाना रिजवी, सरिता देवी व पिंकी वर्मा को भी मंच पर बुलाकर आवास स्वीकृति पत्र दिए गए।
उन्नाव की मोनिका गौतम और अर्चना देवी को भी इस योजना का लाभ मिला। हरदोई की सोनी, दीप्ति कुमारी व रेनू मिश्रा और रायबरेली की चांदनी भट्ट, रेनू व सुनील कुमार को भी मुख्यमंत्री ने आवास स्वीकृति पत्र सौंपे।
कार्यक्रम के दौरान जब लाभार्थी मंच पर पहुंचे, तो उनके चेहरों पर अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दी। कई लाभार्थियों के साथ उनके बच्चे भी मौजूद थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक दुलारा।