यूपी में मुख्यमंत्री आवास योजना: 1.16 लाख पक्के मकान, विधवा-दिव्यांग-वंचितों को पहली प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 25 अगस्त 2026 को ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत असहाय विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों, दैवीय आपदा एवं गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवारों तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के वंचित परिवारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 1.16 लाख नए पक्के मकानों की कार्ययोजना तैयार की है, जिसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना की प्राथमिकताएँ और लक्ष्य
मौर्य ने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र गरीब परिवार कच्चे और असुरक्षित मकान में रहने के लिए विवश न हो — यह राज्य सरकार की मूल प्रतिबद्धताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को सभी जिलों में जिलेवार पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करने और पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से आवास आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब तक करीब पाँच लाख परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक ज़रूरतमंद परिवारों तक ही पहुँचना चाहिए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मौर्य ने अधिकारियों को गाँव-गाँव जाकर पात्र परिवारों का वास्तविक चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों, आपदा एवं गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवारों की स्थिति का संवेदनशीलता के साथ आकलन करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के चयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योजना में सिफारिश के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक ज़रूरत और पात्रता के आधार पर आवास आवंटित किए जाएंगे।
आवास निर्माण में गुणवत्ता की अनिवार्यता
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवास निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही, लाभार्थियों के सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मौर्य ने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का मकान सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के ज़रिए सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत भी राज्यों पर लक्ष्य पूरा करने का दबाव है। उत्तर प्रदेश की 1.16 लाख मकानों की कार्ययोजना इसी बड़े राष्ट्रीय ढाँचे का हिस्सा है। गौरतलब है कि राज्य में अब तक पाँच लाख से अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, और नए लक्ष्य के साथ यह संख्या और आगे बढ़ेगी।