यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: 'आओ करके सीखें' थीम से यूपीएसडीएम पवेलियन बना दर्शकों की पसंद
सारांश
मुख्य बातें
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 के दूसरे दिन, 26 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) का पवेलियन आगंतुकों के बीच सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना रहा। 'आओ करके सीखें' थीम पर तैयार इस पवेलियन ने दर्शकों को पारंपरिक हस्तकला से लेकर आधुनिक कौशल तक, 16 विभिन्न कौशलों का प्रत्यक्ष अनुभव देने का अवसर प्रदान किया।
पवेलियन की खास पहल
इस पवेलियन की विशेषता यह रही कि यहाँ कौशल को केवल प्रदर्शित करने की बजाय दर्शकों को 'देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए' की अवधारणा से जोड़ा गया। डू इट योरसेल्फ (DIY) गतिविधियों ने पूरे अनुभव को रोचक बना दिया। बच्चों, युवाओं और अन्य आगंतुकों ने अलग-अलग स्टॉल पर पहुँचकर स्वयं कला और कौशल का अभ्यास किया।
मुख्य आकर्षण: पॉटरी, चिकनकारी और हस्तशिल्प
पवेलियन में पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ लोगों ने मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर कलाकृतियाँ बनाने का प्रयास किया। इसी तरह चिकनकारी स्टॉल पर आगंतुकों ने सूई और धागे के ज़रिए बारीक कढ़ाई की कला को समझने और सीखने की कोशिश की। इन गतिविधियों के माध्यम से दर्शकों को यह अनुभव हुआ कि पारंपरिक हुनर केवल देखने की चीज़ नहीं, बल्कि उसे सीखकर रचनात्मकता से आगे बढ़ाया भी जा सकता है।
स्किल मंच: युवा प्रतिभाओं का मंच
यूपीआईटीएस 2026 में पहली बार शुरू किए गए 'स्किल मंच' ने भी दूसरे दिन युवाओं की प्रतिभा का प्रमुख केंद्र बना रहा। 'हुनर' थीम पर आयोजित प्रस्तुतियों में युवाओं ने गायकी और फाइन आर्ट्स में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। किसी प्रतिभागी ने अपनी आवाज़ से दर्शकों का मन मोहा, तो किसी ने रंगों और रचनात्मकता के ज़रिए अपनी कल्पना को कलाकृति का रूप दिया।
कौशल विकास का व्यापक संदेश
यूपीएसडीएम पवेलियन की गतिविधियों ने यह संदेश दिया कि कौशल विकास केवल रोज़गार प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के पारंपरिक हस्तशिल्प और आधुनिक कौशल को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।
आगे की राह
यूपीआईटीएस 2026 में देश-विदेश से पहुँच रहे दर्शकों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हुनर और आधुनिक कौशल की झलक एक ही मंच पर देखने को मिल रही है। 'आओ करके सीखें' की यह पहल भविष्य में कौशल विकास को जन-जन तक पहुँचाने और युवाओं को अपने करियर में रचनात्मकता को शामिल करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।