उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बेलथांगडी में सिरी मातृश्री औद्योगिक पार्क का उद्घाटन किया, 10,000 से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 31 मई 2026 को कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के बेलथांगडी में सिरी मातृश्री औद्योगिक पार्क का उद्घाटन किया। धर्मस्थल से आयोजित इस समारोह में उन्होंने कहा कि समृद्ध ग्रामीण भारत का सपना सही अर्थों में सिरी जैसी संस्थाओं के माध्यम से साकार होता है, जो आजीविका सृजन और उद्यमिता के ज़रिए हज़ारों महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को सशक्त बना रही हैं।
औद्योगिक पार्क की विशेषताएँ
नवउद्घाटित सिरी मातृश्री औद्योगिक पार्क में महिला कर्मचारियों के लिए छात्रावास सुविधाएँ, आवासीय क्वार्टर, बाल देखभाल सहायता प्रणाली, स्वच्छ रसोईघर, परिवहन सुविधाएँ और कल्याणकारी सेवाएँ शामिल हैं। उपराष्ट्रपति ने इस मानव-केंद्रित दृष्टिकोण की विशेष सराहना करते हुए कहा कि यह पार्क यह सिद्ध करता है कि उद्योग सामाजिक रूप से जिम्मेदार, महिला-केंद्रित और पर्यावरण के प्रति जागरूक हो सकते हैं।
सिरी का सामाजिक प्रभाव
उपराष्ट्रपति ने बताया कि सिरी संस्थान आज प्रत्यक्ष रूप से 3,000 से अधिक व्यक्तियों और अप्रत्यक्ष रूप से 10,000 से अधिक लोगों की आजीविका का आधार है, जिनमें अधिकांश वंचित पृष्ठभूमि की महिलाएँ हैं। उन्होंने इसे 'सच्चे अर्थों में सामाजिक परिवर्तन' की संज्ञा दी। संस्थान ने पारंपरिक कौशल को आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा है।
धर्म, सद्भाव और धर्मनिरपेक्षता पर जोर
श्री क्षेत्र धर्मस्थल के मूल्यों का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने सदा सभी धर्मों का सम्मान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भक्ति धर्म की सीमाओं से परे सामाजिक सद्भाव और नैतिक शक्ति का स्रोत है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी धर्मों के साथ समान सम्मान और गरिमा का व्यवहार होना चाहिए और किसी भी प्रकार के जबरन धर्मांतरण को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।
डॉ. हेगड़े और हेमवती हेगड़े की सराहना
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सांसद एवं सिरी के अध्यक्ष डॉ. डी. वीरेंद्र हेगड़े के लगभग छह दशकों के सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के लिए एक प्रेरक संदेश है। उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिकता किस प्रकार रचनात्मक सामाजिक परिवर्तन की शक्ति बन सकती है, यह हेगड़े ने व्यावहारिक रूप से सिद्ध किया है। हेमवती वी. हेगड़े के महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण में योगदान की भी उन्होंने प्रशंसा की।
विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भरता
उपराष्ट्रपति ने कहा कि 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' की भावना भारत की विकास यात्रा का मार्गदर्शन करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि समावेशी विकास — जो हर नागरिक में गरिमा, अवसर और आत्मविश्वास पैदा करे — इस लक्ष्य का मूलमंत्र है। उन्होंने आशा जताई कि सिरी जैसे ग्रामीण औद्योगिक इकोसिस्टम पूरे देश में विकसित होंगे। इससे पहले उपराष्ट्रपति ने धर्मस्थल स्थित श्री मंजुनाथ स्वामी मंदिर का दौरा कर प्रार्थना की और अन्नपूर्णा प्रसाद निलय में भक्तों से संवाद किया।