UPI पर MDR स्थगित: भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने किया स्वागत, CAIT चलाएगी जनजागरण अभियान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 13 अक्टूबर 2026 को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क को स्थगित करने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया। खंडेलवाल ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। यह चार्ज दिवाली के बाद तक के लिए टाल दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा सांसद खंडेलवाल ने बताया कि MDR चार्ज 15 अक्टूबर से लागू होने वाला था, जिसे अब फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 30 सितंबर को कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) का एक प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री से मिला था, जहाँ व्यापारियों की चिंताओं और शंकाओं को ध्यानपूर्वक सुना गया। खंडेलवाल के अनुसार सरकार का यह कदम व्यापारी हितों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
CAIT का जनजागरण अभियान
भाजपा सांसद ने घोषणा की कि CAIT देश के सभी व्यापारियों के साथ मिलकर एक व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी। इस अभियान में MDR की वास्तविकता और इसे लागू किए जाने की जरूरत के कारणों को आम जनता के सामने स्पष्ट किया जाएगा। खंडेलवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि चुनिंदा UPI व्यापारी लेनदेन पर प्रस्तावित MDR शुल्क दिवाली के बाद तक के लिए स्थगित करना 'भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हुए व्यापारियों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है।'
विपक्ष पर आरोप
MDR के मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर खंडेलवाल ने कहा कि जब MDR की चर्चा सामने आई तो विपक्ष ने लोगों को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह अभियान विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से भी चलाया जाएगा ताकि सच्चाई सभी के सामने आए। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल भुगतान पर किसी भी शुल्क को लेकर छोटे व्यापारियों में बेचैनी बनी हुई थी।
व्यापारी संगठनों की प्रतिक्रिया
अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) ने भी सरकार के इस निर्णय पर खुशी जाहिर की। संगठन ने कहा कि यह फैसला त्योहारों और शादियों के अहम सीजन को देखते हुए 'सही समय पर और व्यावहारिक' है, जब लाखों व्यापारी और एमएसएमई (MSME) सर्वाधिक कारोबार करते हैं। संगठन के अनुसार इस कदम से डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन को और प्रोत्साहन मिलेगा।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि MDR को केवल दिवाली के बाद तक के लिए टाला गया है, जिसका अर्थ है कि यह मुद्दा स्थायी रूप से समाप्त नहीं हुआ है। CAIT का जनजागरण अभियान व्यापारी समुदाय को MDR की तकनीकी और आर्थिक वास्तविकताओं से अवगत कराने का प्रयास करेगा। सरकार और व्यापारी संगठनों के बीच इस संवाद की दिशा आने वाले हफ्तों में तय होगी कि MDR पर अंतिम नीति क्या रूप लेगी।