30 जून 2026
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यूपीटीईटी-2026: परीक्षा देने वाले सेवारत शिक्षकों को 2, 3 और 4 जुलाई को मिलेगा विशेष अवकाश

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यूपीटीईटी-2026: परीक्षा देने वाले सेवारत शिक्षकों को 2, 3 और 4 जुलाई को मिलेगा विशेष अवकाश

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपीटीईटी-2026 देने वाले सेवारत शिक्षकों को 2, 3 और 4 जुलाई को विशेष अवकाश देने का आदेश जारी किया। विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी के पत्र के बाद यह निर्देश सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तक पहुँचाए गए हैं।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपीटीईटी-2026 में भाग लेने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों को विशेष अवकाश देने का निर्णय लिया।
परीक्षा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा 2, 3 एवं 4 जुलाई 2026 को आयोजित होगी।
विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) को आदेश जारी किया।
शासनादेश की प्रति स्कूल शिक्षा महानिदेशक , बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव और सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजी गई।
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र शिक्षक सेवा-दायित्वों के कारण परीक्षा से वंचित न रहे ।

उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपीटीईटी-2026 में भाग लेने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों को परीक्षा तिथि पर विशेष अवकाश देने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा 2, 3 एवं 4 जुलाई 2026 को आयोजित की जा रही है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि कोई भी पात्र शिक्षक सेवा-संबंधी दायित्वों के कारण इस महत्वपूर्ण परीक्षा से वंचित न रह जाए।

शासनादेश का विवरण

विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) को जारी पत्र में यह जानकारी दी। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों को केवल उनके संबंधित परीक्षा दिवस पर विशेष अवकाश अनुमन्य होगा। शासन स्तर पर विचारोपरांत लिया गया यह निर्णय शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को प्रोत्साहित करने की नीति का हिस्सा है।

किन अधिकारियों को भेजी गई प्रति

शासनादेश की प्रति स्कूल शिक्षा महानिदेशक, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव तथा प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र शिक्षकों को समय पर अवकाश उपलब्ध कराया जाए और परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न उत्पन्न हो।

आम शिक्षकों पर असर

बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में ऐसे सेवारत शिक्षक हैं जो यूपीटीईटी-2026 में अभ्यर्थी के रूप में पंजीकृत हैं। इस निर्णय से उन्हें अपनी नियमित ड्यूटी और परीक्षा के बीच चुनाव नहीं करना पड़ेगा। गौरतलब है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना कई श्रेणियों में पदोन्नति और नियुक्ति के लिए अनिवार्य योग्यता है।

आगे की राह

शिक्षा निदेशक (बेसिक) को इस निर्णय का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे पात्र शिक्षकों की सूची तैयार कर अवकाश की प्रक्रिया समय से पूरी करें, ताकि परीक्षा संचालन निर्बाध रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक बड़ा सवाल है — क्या बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की इतनी बड़ी संख्या का यूपीटीईटी में बैठना उनकी वर्तमान योग्यता की स्थिति पर सवाल नहीं उठाता? यदि सेवारत शिक्षक पात्रता परीक्षा देने को बाध्य हैं, तो यह नियुक्ति प्रक्रिया और गुणवत्ता-जाँच तंत्र की पुरानी खामियों का संकेत है। विशेष अवकाश देना स्वागतयोग्य कदम है, परंतु असली जवाबदेही यह है कि जो शिक्षक पहले से कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं, उनकी पात्रता की निगरानी नियमित और पारदर्शी तरीके से हो।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपीटीईटी-2026 में बैठने वाले सेवारत शिक्षकों को विशेष अवकाश कब मिलेगा?
बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों को उनके संबंधित परीक्षा दिवस — 2, 3 या 4 जुलाई 2026 — पर विशेष अवकाश मिलेगा। यह अवकाश केवल उस दिन के लिए लागू होगा जिस दिन शिक्षक परीक्षा में शामिल हो रहे हों।
यूपीटीईटी-2026 का आयोजन कौन करेगा और परीक्षा कब है?
यूपीटीईटी-2026 का आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा 2, 3 एवं 4 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इस परीक्षा में बेसिक शिक्षा विभाग के बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षक भी अभ्यर्थी के रूप में शामिल होंगे।
विशेष अवकाश का आदेश किसने जारी किया और किसे भेजा गया?
यह आदेश विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी द्वारा शिक्षा निदेशक (बेसिक) को जारी किया गया। शासनादेश की प्रति स्कूल शिक्षा महानिदेशक, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव तथा सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भी भेजी गई है।
सरकार ने यह निर्णय क्यों लिया?
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र शिक्षक सेवा-संबंधी दायित्वों के कारण यूपीटीईटी-2026 में शामिल होने से वंचित न रहे। यह कदम शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की नीति के तहत उठाया गया है।
जिला स्तर पर इस आदेश का पालन कैसे होगा?
शिक्षा निदेशक (बेसिक) को प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे पात्र शिक्षकों की सूची तैयार कर अवकाश की प्रक्रिया समय से पूरी करें, ताकि परीक्षा संचालन में कोई बाधा न आए।
राष्ट्र प्रेस
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