वैशाली पुलिस ने महनार स्वर्ण व्यापारी डकैती सुलझाई, दो नेपाली नागरिकों समेत 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की वैशाली पुलिस ने 21 अप्रैल की रात महनार में एक स्वर्ण व्यापारी के घर हुई डकैती के मामले में बड़ी सफलता का दावा किया है। पुलिस ने इस अपराध में कथित तौर पर शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। इन पर एक अंतर-राज्यीय और सीमा-पार आपराधिक नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
इस मामले में सबसे अहम गिरफ्तारी जयराम पासवान की है, जिसे पुलिस ने नेपाल का एक कुख्यात डकैत बताया है। वैशाली के पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग के अनुसार, जयराम पासवान कथित तौर पर 1998 से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है, लेकिन यह पहली बार है जब उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ नेपाल और बिहार के कई जिलों में कुल 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि जयराम पासवान अपराध करने के बाद मलेशिया भाग जाता था और लंबे अंतराल के बाद वापस आकर आपराधिक गतिविधियाँ जारी रखता था — इस तरह वह कथित तौर पर लगभग तीन दशकों तक गिरफ्तारी से बचता रहा।
अन्य आरोपियों की पहचान
अन्य दो गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोला साह और राजीव सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, भोला साह के खिलाफ डकैती के 11 मामले दर्ज हैं, जबकि राजीव सिंह पर डकैती के 2 मामलों का आरोप है। आरोपियों पर डकैती, आर्म्स एक्ट का उल्लंघन और बम हमले से जुड़े अपराधों सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
साजिश कैसे रची गई
एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि इस डकैती की साजिश कथित तौर पर बेतिया में एक शादी समारोह के दौरान रची गई, जहाँ बिहार और नेपाल के अपराधी एकत्रित हुए थे। विस्तृत योजना बनाने के बाद गिरोह ने महनार के स्वर्ण व्यापारी के घर को निशाना बनाया और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया। यह ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार-नेपाल सीमा पर सक्रिय अपराधी नेटवर्क की निगरानी पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
जाँच की प्रक्रिया
विशेष जाँच दल (एसआईटी) ने सबसे पहले शिवहर जिले से राजीव सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस जयराम पासवान और भोला साह तक पहुँचने में सफल रही। आरोपी जयराम पासवान के कब्जे से पुलिस ने दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, हालाँकि डकैती के दौरान लूटी गई कीमती वस्तुएँ अभी तक बरामद नहीं हो सकी हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस ने बताया कि बिहार के इस गिरोह का कथित सरगना इदरीस नट कई अन्य आरोपियों के साथ अभी भी फरार है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है। इस सफलता के बाद एसपी विक्रम सिहाग ने घोषणा की कि महनार एसडीपीओ टीम, जिला खुफिया इकाई (डीआईयू) और एसआईटी से जुड़े पुलिसकर्मियों को उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया जाएगा।