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वाराणसी लूटकांड: सारनाथ पुलिस ने 12 घंटे में 3 आरोपी दबोचे, ₹99,000 जबरन ट्रांसफर कराने का मामला

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वाराणसी लूटकांड: सारनाथ पुलिस ने 12 घंटे में 3 आरोपी दबोचे, ₹99,000 जबरन ट्रांसफर कराने का मामला

सारांश

वाराणसी के सिंहपुर ओवरब्रिज पर दिनदहाड़े तीन बदमाशों ने मारपीट कर ₹99,000 फोन पे से जबरन ट्रांसफर कराए। सारनाथ पुलिस ने 12 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को दबोचा, मोटरसाइकिल और 4 मोबाइल बरामद।

मुख्य बातें

31 मई 2026 को दोपहर 2:30 बजे सिंहपुर रिंग रोड, वाराणसी पर तीन बदमाशों ने अजय यादव व दो साथियों को रोककर लूटा।
आरोपियों ने पीड़ितों के मोबाइल से फोन पे के जरिए ₹99,000 जबरन अपने खाते में ट्रांसफर कराए।
सारनाथ पुलिस ने 112 पर सूचना मिलने के 12 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
बरामदगी में 4 मोबाइल फोन , 1 मोटरसाइकिल और ₹2,510 नकद शामिल।
एडीसीपी लिपि नागायच के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में अपराध कबूल किया; अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी।

वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में 31 मई 2026 को दिनदहाड़े हुई लूट का वाराणसी पुलिस ने 12 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 मोबाइल फोन, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और ₹2,510 नकद बरामद किए हैं। बदमाशों ने तीन लोगों के साथ मारपीट कर फोन पे के जरिए ₹99,000 जबरन अपने खाते में ट्रांसफर कराए थे।

मुख्य घटनाक्रम

31 मई को दोपहर करीब 2:30 बजे वादी अजय यादव दो अन्य साथियों के साथ सिंहपुर रिंग रोड, सिंहपुर ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार 3 अज्ञात बदमाशों ने उन्हें बीच सड़क पर रोक लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट करते हुए उनके पास मौजूद नकदी छीन ली और फिर उनके मोबाइल फोन से फोन पे के माध्यम से ₹99,000 जबरदस्ती अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित अजय यादव ने 112 के माध्यम से थाना सारनाथ को जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर एक विशेष टीम गठित की। पीड़ितों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम ने 12 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी और कबूलनामा

पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उनके कब्जे से बरामद सामग्री में 4 मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और ₹2,510 नकद शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी रखते हुए उनके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है।

अधिकारी का बयान

मामले पर एडीसीपी लिपि नागायच ने बताया कि पुलिस को 112 के जरिए सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों और पीड़ितों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह भी जाँच कर रही है कि आरोपियों का पूर्व में किसी अपराध से कोई संबंध तो नहीं रहा।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस अपराध प्रतिक्रिया समय को कम करने पर विशेष ध्यान दे रही है। वाराणसी जैसे धार्मिक पर्यटन स्थल पर इस तरह की दिनदहाड़े वारदात ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, हालाँकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 जबरन ट्रांसफर कराने की यह घटना केवल एक लूट नहीं, बल्कि डिजिटल वित्तीय अपराध का नया और चिंताजनक रूप है। पुलिस की 12 घंटे में गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से संवेदनशील वाराणसी में दोपहर के समय व्यस्त मार्ग पर ऐसी वारदात कैसे हुई। फोन पे जैसे प्लेटफॉर्म पर जबरन ट्रांसफर रोकने के लिए रियल-टाइम फ्रॉड डिटेक्शन की माँग और तेज होगी — यह मामला उस बहस को नई धार देता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी सारनाथ लूटकांड में क्या हुआ था?
31 मई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे सिंहपुर ओवरब्रिज, वाराणसी पर तीन बदमाशों ने मोटरसाइकिल पर आकर अजय यादव और उनके दो साथियों को रोका, मारपीट की और फोन पे के जरिए ₹99,000 जबरन अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस ने आरोपियों को कितने समय में गिरफ्तार किया?
सारनाथ पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के 12 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ितों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और ₹2,510 नकद बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है।
इस मामले में किसने शिकायत दर्ज कराई?
पीड़ित अजय यादव ने 112 के माध्यम से थाना सारनाथ पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
एडीसीपी लिपि नागायच के अनुसार पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी रखते हुए उनके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है। यह भी जाँचा जा रहा है कि आरोपियों का पूर्व में किसी अन्य अपराध से संबंध तो नहीं रहा।
राष्ट्र प्रेस
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