वसई-विरार में बिजनेसमैन मोहन परमार पर हमला: यूपी एसटीएफ ने दो कथित शूटर बलिया और आजमगढ़ से दबोचे
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के वसई-विरार में बिजनेसमैन मोहन परमार पर जानलेवा हमले के मामले में यूपी एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुजीत पांडे को बलिया और मनोज ठठेरा को आजमगढ़ से पकड़ा गया। परमार को 24 जुलाई को उनके कार्यालय से बाहर निकलते वक्त गोली मारी गई थी और वे अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मोहन परमार पर हमला 24 जुलाई को उस वक्त हुआ जब वे अपने ऑफिस से बाहर निकल रहे थे। हमलावरों ने गोली चलाकर उन्हें घायल कर दिया और फिर उत्तर प्रदेश की ओर फरार हो गए। घटना के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने संदिग्धों की उत्तर प्रदेश में मौजूदगी की सूचना मिलने पर यूपी एसटीएफ से सहयोग माँगा। इसके बाद दोनों एजेंसियों ने मिलकर अभियान चलाया और दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
संयुक्त अभियान कैसे हुआ सफल
अधिकारियों के अनुसार, संदिग्धों के यूपी भागने की जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ समन्वय स्थापित किया। तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर सुजीत पांडे को बलिया और मनोज ठठेरा को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को अब महाराष्ट्र पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
यूपी में अन्य हालिया कार्रवाइयाँ
इससे पहले 29 जुलाई को यूपी एटीएस ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज से एक अंतर-राज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया था। यह गिरोह कथित तौर पर रोहिंग्या, बांग्लादेशी, नेपाली और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए जाली भारतीय आधार कार्ड समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार करता था। इस आरोपी पर ₹25,000 का इनाम घोषित था।
इसके अलावा 19 जुलाई को यूपी एसटीएफ ने दिल्ली के राजू पार्क, साउथ दिल्ली से एक नाइजीरियाई नागरिक ओबेस प्रॉस्पर (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया था। वह कथित तौर पर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के ज़रिए भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी का रैकेट चला रहा था। अधिकारियों के अनुसार, वह 2023 में मेडिकल वीज़ा पर भारत आया था और वीज़ा समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से देश में रह रहा था।
बरामदगी और अंतरराष्ट्रीय तस्करी का कनेक्शन
एसटीएफ ने ओबेस प्रॉस्पर के पास से 5.085 किलोग्राम मेथामफेटामाइन, पाँच मोबाइल फोन और दो पासपोर्ट बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, जब्त नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹10 करोड़ से अधिक आँकी गई है। यह मामला दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांज़िट बिंदु बन रहा है।
आगे की कार्रवाई
वसई-विरार हमले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य संभावित साजिशकर्ताओं की तलाश की जा रही है। मोहन परमार की हालत के बारे में अधिकारियों ने बताया कि वे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब यूपी एसटीएफ और एटीएस ने लगातार अंतर-राज्यीय अपराध नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तेज की है।