रामबन में बैरिकेड तोड़ने वाली महिंद्रा स्कॉर्पियो मिली, तीनों सवार जंगल में फरार
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में शुक्रवार, 7 अगस्त की सुबह करीब 3:30 बजे एक संदिग्ध महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी (JK 02 AK 1743) ने चंदरकोट सुरक्षा चेकपॉइंट पर बैरिकेड तोड़कर सुरक्षाकर्मियों की चेतावनी को अनदेखा किया और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नशरी की दिशा में भाग निकली। सुरक्षा बलों ने गाड़ी पर तीन राउंड फायरिंग की, किंतु वाहन नहीं रुका। शुक्रवार दोपहर गाड़ी डलवास के पास बरामद हुई, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उसमें सवार कथित तौर पर तीनों व्यक्ति पास के जंगल में भाग चुके थे।
घटनाक्रम: रात से दोपहर तक
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, स्कॉर्पियो ने शुक्रवार तड़के 3:30 बजे चंदरकोट चेकपॉइंट पर तैनात जवानों के बार-बार रुकने के संकेतों को नज़रअंदाज़ किया। एक अधिकारी ने बताया, 'बार-बार संकेत देने के बावजूद गाड़ी नहीं रुकी। एहतियात के तौर पर पुलिस कर्मियों ने गाड़ी पर तीन राउंड फायरिंग की।' इसके बाद वाहन हाईवे पर आगे बढ़ता रहा और अंततः डलवास के निकट छोड़ दिया गया। बरामद गाड़ी की तलाशी में अंदर जानवरों का गोबर मिला, जिसके आधार पर जाँचकर्ताओं को संदेह है कि इसका इस्तेमाल अवैध मवेशी तस्करी के लिए किया जा रहा था।
तलाशी अभियान जारी
फरार व्यक्तियों को पकड़ने के लिए पुलिस, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और सेना की संयुक्त टीमें इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं। पूरे रामबन जिले में हाई-सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई जब अमरनाथ यात्रा के मद्देनज़र इस मार्ग पर पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
अमरनाथ यात्रा पर असर
यह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई, जो अमरनाथ तीर्थयात्रियों का प्रमुख मार्ग है। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगाँठ के अवसर पर एक दिन के विराम के बाद गुरुवार को यात्रा जम्मू से पुनः शुरू हुई। 28वाँ जत्था — जिसमें 1,347 पुरुष, 351 महिलाएँ, 89 साधु और 14 साध्वियाँ शामिल थीं — 74 वाहनों में सुबह करीब 2:45 बजे भगवती नगर यात्री निवास से बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। पहलगाम मार्ग से कोई काफिला नहीं भेजा गया।
यात्रा की स्थिति
अब तक 4.71 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन कर चुके हैं। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर समाप्त होगी। सुरक्षा एजेंसियाँ यात्रा मार्ग पर निगरानी और बढ़ा रही हैं ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आगे क्या
फरार तीनों संदिग्धों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जाँच एजेंसियाँ वाहन के पंजीकरण विवरण और मार्ग पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार मवेशी तस्करी के कोण को प्राथमिकता से खँगाला जा रहा है, हालाँकि अंतिम निष्कर्ष जाँच पूरी होने पर ही सामने आएगा।