विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार का राहुल गांधी पर तीखा हमला: 'मानसिक संतुलन बिगड़ा, इलाज कराएँ कांग्रेसी'
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने 7 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़े शब्दों में हमला बोला और कहा कि लगातार चुनाव हारने से राहुल गांधी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्होंने एसआईआर (SIR) और वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाने की आलोचना की।
राहुल गांधी पर विहिप अध्यक्ष के तीखे बोल
आलोक कुमार ने कहा, 'लगातार चुनाव हारने से उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। देशद्रोह जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना गलत है।' उन्होंने सवाल उठाया कि यदि एसआईआर गलत है तो क्या केरल और तमिलनाडु में दोबारा चुनाव कराए जाएँ? उनका आरोप था कि कांग्रेस नेतृत्व को अभी भी यह भ्रम है कि भारत में शासन करना उनका पुश्तैनी अधिकार है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता इस सबको नाटक समझती है और संवैधानिक संस्थाओं का निरादर न तो अल्पकाल में और न ही दीर्घकाल में कांग्रेस के लिए लाभकारी होगा। उनके शब्दों में, 'कांग्रेसियों को खुद राहुल गांधी के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कुछ प्रयास करने चाहिए।'
पश्चिम बंगाल में यूसीसी के वादे पर विहिप का स्वागत
आलोक कुमार ने पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के वादे को सराहा और कहा कि यह विहिप की पुरानी माँग रही है। उन्होंने कहा कि लालच या धोखे से होने वाला अवैध धर्मांतरण बंद होना चाहिए और यह कानून देश के हित में होगा। यह उल्लेखनीय है कि यह घोषणा कथित तौर पर विश्व हिंदू परिषद की एक सभा में की गई।
गरबा में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक को जायज ठहराया
गरबा में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक की तैयारियों के सवाल पर विहिप अध्यक्ष ने कहा कि 'काबा उनका पवित्र स्थान है, वहाँ अन्य धर्मावलंबियों को आने की अनुमति नहीं है।' उन्होंने गरबा को देवी की पूजा का धार्मिक आयोजन बताते हुए कहा कि जिन्हें इस धर्म में आस्था नहीं, उन्हें वहाँ आने की ज़रूरत नहीं है। रोक के तरीके पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'कानून की मर्यादा में रहकर रोका जाएगा।'
एक देश एक चुनाव पर विहिप का समर्थन
'एक देश एक चुनाव' नीति पर आलोक कुमार ने कहा कि इसके लिए गठित आयोग अपना विचार देगा। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में हर साल होने वाले चुनावों के कारण आचार संहिता लागू रहती है, जिससे नई योजनाएँ समय पर लागू नहीं हो पातीं और विकास कार्यों की रफ्तार थम जाती है। गौरतलब है कि यह मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे का परिदृश्य
विहिप अध्यक्ष के इन बयानों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह ऐसे समय में आया है जब एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आने वाले चुनावी मौसम में सामाजिक-राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकते हैं।