दिग्विजय सिंह के 'हिंदू' बयान पर VHP का पलटवार: बंसल बोले — माफी माँगें, खुद को हिंदू कहना बंद करें
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 6 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें सिंह ने कहा था कि धार्मिक ग्रंथों में 'हिंदू' शब्द का उल्लेख नहीं है। बंसल ने कहा कि यदि दिग्विजय सिंह को 'हिंदू' शब्द से आपत्ति है या वे इसे अरबी-फारसी मूल का मानते हैं, तो उन्हें स्वयं को हिंदू कहना बंद कर देना चाहिए और इस बयान के लिए सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए।
बंसल का सीधा सवाल
बंसल ने कहा, 'अगर वह कहते हैं कि 'हिंदू' शब्द अरबी-फारसी से आया है और हमारे धार्मिक ग्रंथों में इसका उल्लेख नहीं है, या उन्हें 'हिंदू' शब्द से नफरत है, तो उन्हें खुद को हिंदू कहना बंद कर देना चाहिए।' उन्होंने यह भी माँग की कि दिग्विजय सिंह यह स्पष्ट करें कि वे स्वयं को हिंदू मानते हैं या नहीं।
बंसल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं के विवादित बयानों पर कोई स्पष्ट स्थिति नहीं आती, जिससे पार्टी की आधिकारिक सोच को लेकर भ्रम बना रहता है।
इंडी गठबंधन और सनातन विवाद
बंसल ने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह भले ही सनातन की बात करते हों, लेकिन उनके अपने इंडी गठबंधन के कुछ नेता पहले सनातन धर्म को समाप्त करने की माँग कर चुके हैं। उन्होंने इसे एक स्पष्ट अंतर्विरोध बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता एक ओर हिंदुत्व के विरुद्ध बयान देते हैं और दूसरी ओर हिंदू मतदाताओं को साधने की कोशिश भी करते हैं।
दिग्विजय सिंह का विवादित बयान
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हाल ही में कहा था कि सनातन धर्म के ग्रंथों में 'हिंदू' शब्द का उल्लेख नहीं मिलता, और यह कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) सनातन धर्म को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया।
जम्मू-कश्मीर से बांग्लादेशी प्रवासियों के निर्वासन पर VHP का समर्थन
इसी बातचीत में विनोद बंसल ने जम्मू-कश्मीर से कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को एयरलिफ्ट कर निर्वासित किए जाने की कार्रवाई का पूरजोर समर्थन किया। उनके अनुसार, बांग्लादेश सीमा से करीब 2,500 किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर ऐसे लोगों की मौजूदगी का पता चला, जिनमें से कुछ ने सेना के कैंपों के निकट संवेदनशील इलाकों में झुग्गियाँ बना ली थीं।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन के अनुसार, 150 लोगों को भारतीय वायुसेना के विमान से बागडोगरा भेजा गया, जबकि अगले दिन 150 और लोगों को भेजे जाने की बात कही गई। प्रशासन ने कुल करीब 500 लोगों की पहचान की है।
देशव्यापी कार्रवाई की माँग
बंसल ने ज़ोर देकर कहा कि यह कार्रवाई केवल जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि देश के अन्य राज्यों में भी कथित अवैध प्रवासियों की पहचान, सत्यापन, हिरासत और कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस भेजने का अभियान तेज किया जाए, यह कहते हुए कि ऐसे लोगों की मौजूदगी देश की सुरक्षा, आर्थिक संसाधनों और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। इस बयान के साथ VHP की माँग स्पष्ट है कि राजनीतिक पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा — दोनों मोर्चों पर सरकार और विपक्ष की जवाबदेही तय हो।