11 अगस्त 2026
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दिल्ली विधानसभा सत्र का पहला दिन बेकार: देवेंद्र यादव का BJP पर हमला, महिला योजना और छात्र आंदोलन पर उठाए सवाल

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दिल्ली विधानसभा सत्र का पहला दिन बेकार: देवेंद्र यादव का BJP पर हमला, महिला योजना और छात्र आंदोलन पर उठाए सवाल

सारांश

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने विधानसभा सत्र के पहले दिन को 'आपसी लड़ाई में बर्बाद' करार दिया। BJP की ₹2,500 महिला योजना में देरी और छात्र आंदोलन पर चर्चा न होने को लेकर उन्होंने सत्तापक्ष को घेरा — और शेष दिनों से भी उम्मीद न होने की बात कही।

मुख्य बातें

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने 11 अगस्त 2026 को विधानसभा सत्र के पहले दिन को 'आपसी लड़ाई में बर्बाद' बताया।
यादव ने कहा कि राजधानी में हुए छात्र प्रदर्शन पर सदन में कोई चर्चा नहीं हुई।
BJP की ₹2,500 मासिक महिला योजना के क्रियान्वयन में देरी और जटिल प्रक्रिया पर कांग्रेस ने सवाल उठाए।
चुनाव में वादा था कि पहले रक्षाबंधन तक राशि मिलेगी; एक साल बाद भी केवल फॉर्म भरे जा रहे हैं।
चौधरी ब्रह्म प्रकाश की पुण्यतिथि और चौधरी दीप चंद बंधु की जयंती पर कांग्रेस ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने 11 अगस्त 2026 को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा सत्र का पहला दिन आपसी कलह में नष्ट हो गया और राजधानी की जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर कोई सार्थक चर्चा नहीं हो सकी। पत्रकारों से बातचीत में यादव ने महिलाओं को दी जाने वाली ₹2,500 की मासिक योजना और हाल के छात्र प्रदर्शनों को लेकर भी सरकार को घेरा।

विधानसभा सत्र पर कांग्रेस की आपत्ति

देवेंद्र यादव ने कहा, 'इस विधानसभा सत्र में कई जरूरी मुद्दों पर काम होना था। पहला दिन तो उनकी आपसी लड़ाई में ही बर्बाद हो गया। मुझे दूसरे और तीसरे दिन से भी ज़्यादा उम्मीद नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र जनता की अपेक्षाओं के बीच शुरू हुआ था। गौरतलब है कि दिल्ली की राजनीति में सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक नई बात नहीं है, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि इस बार शासन से जुड़े ठोस मुद्दे हाशिये पर चले गए।

छात्र आंदोलन पर विधानसभा में चर्चा की माँग

यादव ने राजधानी में हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर सदन में बहस होनी चाहिए थी। उनके शब्दों में, 'राजधानी में कुछ दिन पहले छात्रों का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस बात पर चर्चा होनी चाहिए थी कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और ये हालात किसने पैदा किए।' उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि युवाओं की समस्याओं को विधायी मंच पर उठाने की बजाय नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।

महिला योजना पर सवाल: वादा बनाम हकीकत

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान BJP ने वादा किया था कि हर पात्र महिला के बैंक खाते में पहले रक्षाबंधन तक ₹2,500 की राशि जमा कर दी जाएगी। यादव ने कहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी महिलाएं केवल फॉर्म भर रही हैं और समितियाँ गठित की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना की प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया गया है कि वास्तविक लाभार्थियों को परेशानी हो रही है और उन्हें वे फायदे नहीं मिल पा रहे जिनका वादा किया गया था। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं में क्रियान्वयन की खामियाँ अक्सर चुनावी वादों को खोखला साबित कर देती हैं।

पूर्व कांग्रेस नेताओं को श्रद्धांजलि

इसी अवसर पर देवेंद्र यादव ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उस परंपरा का भी उल्लेख किया जिसके तहत पूर्व अध्यक्षों को उनकी पुण्यतिथि और जयंती पर याद किया जाता है। मंगलवार को चौधरी ब्रह्म प्रकाश की पुण्यतिथि और चौधरी दीप चंद बंधु की जयंती के अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट हुए और दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी। यादव ने कहा, 'ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे, जबकि दीप चंद बंधु जी के समय में कांग्रेस एक अलग ऊँचाई पर पहुँची और पार्टी का प्रदर्शन काफी बेहतर हुआ।'

आगे क्या

कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह विधानसभा सत्र के शेष दिनों में महिला योजना, छात्र आंदोलन और दिल्ली के बुनियादी ढाँचे से जुड़े सवाल उठाती रहेगी। यदि सत्तापक्ष इन मुद्दों पर ठोस जवाब नहीं देता, तो विपक्ष की आवाज़ सदन के बाहर भी तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 की महिला योजना का मुद्दा इस बार ज़्यादा धार रखता है, क्योंकि यह BJP का वह चुनावी वादा था जिसे उसने सबसे प्रमुखता से पेश किया था। एक साल बाद भी यदि लाभार्थी केवल फॉर्म भर रहे हैं, तो यह जवाबदेही का सवाल है — न कि महज़ विपक्षी बयानबाज़ी। असली परीक्षा यह है कि सत्तापक्ष सदन में इन आरोपों का ठोस जवाब देता है या सत्र को प्रक्रियागत विवादों में उलझाकर निकाल लेता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्र यादव ने दिल्ली विधानसभा सत्र के बारे में क्या कहा?
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र का पहला दिन सत्तापक्ष की आपसी लड़ाई में बर्बाद हो गया और राजधानी के जरूरी मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने शेष दिनों से भी ज़्यादा उम्मीद न होने की बात कही।
BJP की ₹2,500 महिला योजना में क्या समस्या है?
BJP ने दिल्ली चुनाव के दौरान वादा किया था कि पहले रक्षाबंधन तक हर पात्र महिला के खाते में ₹2,500 जमा होंगे। एक साल बाद भी महिलाएं फॉर्म भर रही हैं और समितियाँ बनाई जा रही हैं; कांग्रेस का आरोप है कि प्रक्रिया जटिल बनाकर लाभार्थियों को वंचित किया जा रहा है।
दिल्ली में छात्र प्रदर्शन का विधानसभा से क्या संबंध है?
कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने माँग की कि हाल के छात्र विरोध प्रदर्शन पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए थी। उनके अनुसार, यह तय किया जाना चाहिए था कि इन हालात के लिए कौन जिम्मेदार है — लेकिन सत्र के पहले दिन यह मुद्दा पूरी तरह नज़रअंदाज़ रहा।
चौधरी ब्रह्म प्रकाश कौन थे?
चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे। दिल्ली कांग्रेस ने 11 अगस्त को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता एकजुट हुए।
दिल्ली विधानसभा के शेष सत्र में क्या होने की संभावना है?
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह सत्र के बाकी दिनों में महिला योजना, छात्र आंदोलन और बुनियादी ढाँचे के मुद्दे उठाती रहेगी। यदि सत्तापक्ष ठोस जवाब नहीं देता, तो विपक्ष का दबाव सदन के बाहर भी बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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