तमिलनाडु CM विजय का पेरंबूर विधायक कार्यालय दौरा, जनशिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को पेरंबूर स्थित अपने विधायक कार्यालय का दौरा किया और निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों से सीधे मुलाकात की। इस दौरे में उन्होंने आम लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को बिना किसी विलंब के इन मुद्दों का समाधान करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनता से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री विजय ने कार्यालय में उपस्थित आम नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने स्थानीय मुद्दों में हस्तक्षेप की माँग वाली अर्जियाँ स्वीकार कीं तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन पर तत्काल ध्यान दिया जाए। पेरंबूर के लोगों की शिकायतों के त्वरित निपटारे पर उन्होंने एक बार फिर बल दिया।
इलेक्ट्रॉनिक सेवा और ऐप की समीक्षा
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उन निवासियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जिन्होंने इलेक्ट्रॉनिक सर्विस प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन किया था। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र की सेवाओं और शिकायत-निवारण के लिए उपयोग किए जा रहे विशेष मोबाइल ऐप की प्रभावशीलता की समीक्षा भी की। अधिकारियों के साथ हुई बातचीत में विकास परियोजनाओं की प्रगति तथा लंबित अनुरोधों पर की गई कार्रवाई दोनों शामिल रहे।
मानसून तैयारियों पर चर्चा
बैठक में उत्तरी चेन्नई में जलभराव की समस्या पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मानसून-पूर्व एहतियाती उपायों और प्रभावित इलाकों में बारिश का पानी जमा होने से निपटने की व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी माँगी। गौरतलब है कि उत्तरी चेन्नई के निचले इलाके हर वर्ष भारी वर्षा के दौरान जलभराव से गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं।
माधववरम डेयरी फार्म का निरीक्षण
पेरंबूर दौरे से पहले, मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के माधववरम डेयरी फार्म का निरीक्षण किया और दूध संग्रह एवं वितरण प्रक्रियाओं पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इसी परिसर में उन्होंने ₹2.23 करोड़ की लागत से निर्मित 'आविन सेंट्रल लेबोरेटरी एनेक्स बिल्डिंग' का उद्घाटन किया। उन्होंने परिसर के भीतर निर्माणाधीन एक नए फार्म के कार्य की प्रगति का भी जायजा लिया।
आगे की राह
मुख्यमंत्री के इस दौरे को प्रशासन की जमीनी पहुँच बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। लंबित अनुरोधों के त्वरित निपटारे और डिजिटल सेवा-वितरण की समीक्षा से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार जन-शिकायत प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।