तमिलनाडु CM विजय का मंत्रियों को सख्त निर्देश: पारदर्शी टेंडर, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और जनसेवा को प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 29 अक्टूबर 2026 को चेन्नई स्थित सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्रियों को तीन मुख्य प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने के स्पष्ट निर्देश दिए — जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना, सरकारी निविदाओं में पारदर्शिता बनाए रखना, तथा भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी से मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना। बैठक में आई रिपोर्टों के अनुसार, ये निर्देश औद्योगिक निवेश, बिजली आपूर्ति, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और चुनावी वादों की पूर्ति पर व्यापक चर्चा के दौरान दिए गए।
मुख्यमंत्री की तीन प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री विजय ने कैबिनेट बैठक में अपने मंत्रिमंडल के लिए स्पष्ट रूप से तीन क्षेत्रों को रेखांकित किया। पहला — जनता की दैनिक जरूरतों को समझना और उनका समाधान करना; दूसरा — सरकारी अनुबंधों की निविदा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना; और तीसरा — मंत्रियों के कार्यों में नैतिकता और निष्ठा बनाए रखना।
उन्होंने विशेष रूप से पेयजल आपूर्ति और सड़क अवसंरचना की कमियों का उल्लेख किया, यह स्पष्ट करते हुए कि ये मुद्दे सीधे आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करते हैं और इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
औद्योगिक निवेश और बिजली आपूर्ति पर चर्चा
बैठक में राज्य में नए व्यवसाय स्थापित करने की योजना बना रही कंपनियों के लिए अनुमति-प्रक्रियाओं से संबंधित प्रस्तावों पर विचार किया गया। साथ ही, अपने संचालन का विस्तार करने के इच्छुक मौजूदा उद्यमों को आवश्यक मंजूरी देने के मामलों पर भी चर्चा हुई।
बिजली कटौती की समस्या को दूर करने और आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, इन चर्चाओं के दौरान बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के प्रस्तावों पर भी सहमति बनती दिखी।
सामाजिक कल्याण और कानून-व्यवस्था के मुद्दे
कैबिनेट चर्चाओं में कानून-व्यवस्था की स्थिति, राजस्व विभाग के माध्यम से गरीब परिवारों को भूमि पट्टे उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और एक प्रस्तावित सामाजिक न्याय सर्वेक्षण को भी शामिल किया गया। हालाँकि, रिपोर्टों के अनुसार इन मुद्दों पर विशिष्ट वित्तीय आवंटनों और कार्यान्वयन अनुसूचियों का विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं था।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक कदम, चुनावी वादों की पूर्ति में हुई प्रगति और क्षेत्रवार निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रही।
भ्रष्टाचार पर जीरो-टॉलरेंस का संदेश
मुख्यमंत्री विजय ने निविदा आवंटन से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे सरकारी अनुबंधों में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी को बर्दाश्त न करें और अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता से इस संस्कृति को बदलें।
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में विपक्षी दल सरकारी टेंडर प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विजय की सरकार अपने पहले कार्यकाल के शुरुआती चरण में है और ऐसे में यह संदेश प्रशासनिक अनुशासन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बाद अब यह देखना होगा कि विभिन्न विभाग इन्हें ज़मीनी स्तर पर किस रूप में लागू करते हैं। पेयजल और सड़क अवसंरचना जैसे मुद्दों पर ठोस कार्ययोजना और उसके क्रियान्वयन की समयसीमा की घोषणा आने वाले दिनों में अपेक्षित है।