हरियाणा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का विपक्ष पर हमला: '5,000 वोट नहीं मिलते, सरकार बनाने के सपने देखते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने 5 अक्टूबर 2026 को हांसी में एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर तीखा सियासी प्रहार किया। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो दल 5,000 वोट भी नहीं जुटा पाते, वे सरकार बनाने के सपने देख रहे हैं। साथ ही उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे सुधारों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' बताया।
शैक्षणिक कैलेंडर: पारदर्शी शिक्षा की दिशा में कदम
शिक्षा मंत्री ढांडा ने बताया कि हरियाणा में पहली बार शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो कथित तौर पर देश के किसी अन्य राज्य में अभी तक लागू नहीं है। उनके अनुसार, 'इससे बच्चों को यह स्पष्ट रहेगा कि उन्हें कितनी तैयारी करनी है और किस समय तक — ताकि उनकी उम्र न निकले।' उन्होंने स्वीकार किया कि इस कैलेंडर को लागू करने की कोई निश्चित समयसीमा अभी तय नहीं की गई है, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
ढांडा ने कहा, 'मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह बड़ा सपना है कि यदि शैक्षणिक कैलेंडर भी जारी हो जाए तो यह बहुत अच्छा रहेगा।' यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों की समस्या को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
विपक्ष पर तीखा सियासी प्रहार
ढांडा ने बिना नाम लिए विपक्षी नेताओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मंच पर खड़े होकर आरोप लगाते हैं कि 'फलां व्यक्ति को ऊपर से बुला लिया, ईडी से धमकी दिला दी और सरकार बनवा दी।' इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने तर्क दिया, 'अगर वोट पलटने की इतनी ही ताकत होती तो वे अपनी सरकार नहीं बना लेते — हमारी सरकार क्या बनाएंगे।'
तंज भरे लहजे में उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग 5,000 से ज़्यादा वोट नहीं ले पाते और सरकार बनाने की बात करते हैं। उन्होंने कहा, 'बात वो करो जो जायज हो।' ढांडा ने यह भी सवाल उठाया कि किस व्यक्ति को ऐसी 'अजीबोगरीब बातें बुनने' के लिए नियुक्त किया गया है जो इस तरह के भाषण लिखता है।
रिक्त पदों पर भर्ती: सरकार की कार्रवाई
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने राज्य के शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों का सर्वे कराया था और उसकी रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। इस आधार पर हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को पत्र लिखा गया है और HPSC ने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ढांडा ने जानकारी दी कि उन्होंने हाल ही में लगभग चार-पाँच कॉलेजों में पदोन्नति भी दी है। उनके अनुसार, 'जैसे-जैसे नीचे से रिपोर्ट आती जाएगी, हम तुरंत रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेंगे।' गौरतलब है कि हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रही है।
आगे की राह
शिक्षा मंत्री ढांडा के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब राज्य में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच सियासी तनातनी बढ़ी हुई है। शैक्षणिक कैलेंडर का क्रियान्वयन और रिक्त पदों पर भर्ती — दोनों मुद्दों पर सरकार की आगामी कार्रवाई यह तय करेगी कि ये घोषणाएँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं।