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उदयवीर सिंह का योगी सरकार पर हमला: 'पी' अक्षर से परेशानी और बुलेटप्रूफ जैकेट पर उठाए सवाल

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उदयवीर सिंह का योगी सरकार पर हमला: 'पी' अक्षर से परेशानी और बुलेटप्रूफ जैकेट पर उठाए सवाल

सारांश

लखनऊ में सपा नेता उदयवीर सिंह ने योगी सरकार पर दोहरा हमला बोला — 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट देने को 'चुनावी रेवड़ी' बताया और कहा कि सीएम योगी को 'पी' अक्षर से परेशानी है। कांग्रेस ने भाजपा के भीतरी कलह को उजागर करते हुए बृजभूषण-रामदेव विवाद को सत्ता की बेचैनी का सबूत बताया।

मुख्य बातें

सपा नेता उदयवीर सिंह ने 22 अगस्त को लखनऊ में योगी सरकार पर 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट देने को लेकर सवाल उठाए।
उदयवीर सिंह ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को 'पी' अक्षर से परेशानी है — पीडीए में 'पी' का अर्थ पिछड़े, पीड़ित और परिवर्तन है, न कि पाकिस्तान।
चौधरी चरण सिंह की विरासत को एक जाति तक सीमित करने के प्रयासों को उन्होंने स्वार्थप्रेरित बताया।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने ओम प्रकाश राजभर के भाजपा के साथ जाने पर कहा कि उनके पास अब एक भी विधायक नहीं बचा।
बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच विवाद को कांग्रेस ने भाजपा के आंतरिक असंतोष का प्रमाण बताया।

लखनऊ में 22 अगस्त को समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला — 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाने के फैसले और अखिलेश यादव की ओर से जयंत चौधरी पर की गई टिप्पणी, दोनों मुद्दों पर उन्होंने खुलकर प्रतिक्रिया दी। इसके साथ ही कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतरी कलह को लेकर निशाना साधा।

चौधरी चरण सिंह की विरासत पर विवाद

उदयवीर सिंह ने कहा कि कुछ लोग स्वार्थवश चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व को एक जाति तक सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, यादव, मुस्लिम, गुर्जर और जाट — सभी वर्गों ने चौधरी चरण सिंह को अपना नेता माना था। उन्होंने कहा, "चौधरी चरण सिंह भाजपा के खिलाफ थे, किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ थे। लेकिन राष्ट्रीय लोक दल (RLD) उनके साथ चली गई — यह उनको सोचना है।" सपा नेता ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी चौधरी चरण सिंह की विचारधारा पर चलती है और उन्हें अपना आदर्श मानती है।

'पी' अक्षर और सीएम योगी पर सीधा प्रहार

उदयवीर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में 'पी' के अर्थ पर सवाल उठाए थे। सपा नेता ने कहा, "सीएम योगी सोच-विचार, पाकिस्तान, हिंदू और मुसलमान से आगे न जानते हैं और न सोच सकते हैं। उनके लिए 'पी' अक्षर से परेशानी है।" उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों में जिन पीड़ित, शोषित और वंचित समाज के लोगों को परेशान किया गया, वे अब एकजुट होकर इस सरकार को चुनौती देंगे।

बुलेटप्रूफ जैकेट पर सवाल

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाने के निर्णय पर उदयवीर सिंह ने कहा कि यह या तो 'भौकाल' के लिए है या फिर सरकार को खुद अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा, "जब चुनाव नजदीक आता है, तो असुरक्षा की भावना से घिरी सरकारें बहुत लोगों को रेवड़ी बाँटकर प्रेरित करने की कोशिश करती हैं।" यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो रही है।

कांग्रेस का भाजपा के भीतरी कलह पर निशाना

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भाजपा का पाकिस्तान वाला नैरेटिव इस बार नहीं चलेगा। उन्होंने कहा, "देश के पिछड़े, पंडित, पीड़ित और परिवर्तन की लहर इनको नहीं दिखाई देती।" ओम प्रकाश राजभर को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा की संगत में उनके पास एक भी विधायक नहीं बचा — कुछ भाजपा में गए, कुछ सपा में। राजपूत ने बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच के विवाद को भाजपा के आंतरिक असंतोष का प्रमाण बताते हुए कहा, "जिन्हें सत्ता में हिस्सा मिल रहा है, वे चुप हैं और जिन्हें नहीं मिल रहा, वे आपस में लड़ रहे हैं।"

'चवन्नी' विवाद और जयंत चौधरी

अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाले बयान और जयंत चौधरी के पलटवार पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि यह हल्का शब्द जयंत चौधरी की ओर इस्तेमाल हुआ था और इसकी जिम्मेदारी उन्हें लेनी होगी। उन्होंने कहा, "चौधरी चरण सिंह ने कभी इस तरह की अवसरवादिता के लिए यह पार्टी नहीं बनाई थी।" गौरतलब है कि यह विवाद तब उभरा जब RLD ने भाजपा के साथ गठबंधन किया, जबकि चौधरी चरण सिंह की विचारधारा परंपरागत रूप से भाजपा-विरोधी मानी जाती रही है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह राजनीतिक बयानबाजी और तीखी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उत्तर प्रदेश में गहरे होते शब्द-युद्ध का हिस्सा है जहाँ 'पीडीए' बनाम 'पाकिस्तान' नैरेटिव अगले चुनाव की केंद्रीय लड़ाई बन चुका है। बुलेटप्रूफ जैकेट प्रकरण को 'चुनावी रेवड़ी' कहना विपक्ष की उस रणनीति को दर्शाता है जो सुरक्षा उपायों को भी राजनीतिक लाभ के चश्मे से देखती है। गौरतलब है कि चौधरी चरण सिंह की विरासत पर दावेदारी — जो सपा, RLD और यहाँ तक कि भाजपा सभी करती हैं — यह बताती है कि जाट-किसान वोट बैंक अभी भी अनिश्चित है और सभी दल उसे साधने में जुटे हैं।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदयवीर सिंह ने 'पी' अक्षर को लेकर क्या कहा?
सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को 'पी' अक्षर से परेशानी है क्योंकि वे पाकिस्तान, हिंदू-मुसलमान से आगे नहीं सोच सकते। उनके अनुसार, अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले में 'पी' का अर्थ पिछड़े, पीड़ित और परिवर्तन है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट क्यों दिए?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट दिए, हालांकि इसका आधिकारिक कारण सुरक्षा बताया गया। सपा नेता उदयवीर सिंह ने इसे या तो 'भौकाल' के लिए या चुनाव नजदीक आने पर 'रेवड़ी' बाँटने की कोशिश करार दिया।
चौधरी चरण सिंह की विरासत पर विवाद क्यों है?
अखिलेश यादव की जयंत चौधरी पर टिप्पणी के बाद यह विवाद उभरा। सपा का कहना है कि RLD के भाजपा के साथ जाने से चौधरी चरण सिंह की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ खड़े रहने की विचारधारा से विश्वासघात हुआ है।
ओम प्रकाश राजभर की राजनीतिक स्थिति पर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भाजपा की संगत के कारण ओम प्रकाश राजभर के पास एक भी विधायक नहीं बचा — कुछ भाजपा में चले गए और कुछ सपा में। उन्होंने राजभर पर भाजपा के पक्ष में बोलकर अपने समाज से दूर जाने का आरोप लगाया।
बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव विवाद को विपक्ष ने कैसे देखा?
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने इस विवाद को भाजपा के भीतरी असंतोष का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि जिन्हें सत्ता में हिस्सा मिल रहा है वे चुप हैं और जिन्हें नहीं मिल रहा, वे आपस में लड़ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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