उदयवीर सिंह का योगी सरकार पर हमला: 'पी' अक्षर से परेशानी और बुलेटप्रूफ जैकेट पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ में 22 अगस्त को समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला — 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाने के फैसले और अखिलेश यादव की ओर से जयंत चौधरी पर की गई टिप्पणी, दोनों मुद्दों पर उन्होंने खुलकर प्रतिक्रिया दी। इसके साथ ही कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतरी कलह को लेकर निशाना साधा।
चौधरी चरण सिंह की विरासत पर विवाद
उदयवीर सिंह ने कहा कि कुछ लोग स्वार्थवश चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व को एक जाति तक सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, यादव, मुस्लिम, गुर्जर और जाट — सभी वर्गों ने चौधरी चरण सिंह को अपना नेता माना था। उन्होंने कहा, "चौधरी चरण सिंह भाजपा के खिलाफ थे, किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ थे। लेकिन राष्ट्रीय लोक दल (RLD) उनके साथ चली गई — यह उनको सोचना है।" सपा नेता ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी चौधरी चरण सिंह की विचारधारा पर चलती है और उन्हें अपना आदर्श मानती है।
'पी' अक्षर और सीएम योगी पर सीधा प्रहार
उदयवीर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में 'पी' के अर्थ पर सवाल उठाए थे। सपा नेता ने कहा, "सीएम योगी सोच-विचार, पाकिस्तान, हिंदू और मुसलमान से आगे न जानते हैं और न सोच सकते हैं। उनके लिए 'पी' अक्षर से परेशानी है।" उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों में जिन पीड़ित, शोषित और वंचित समाज के लोगों को परेशान किया गया, वे अब एकजुट होकर इस सरकार को चुनौती देंगे।
बुलेटप्रूफ जैकेट पर सवाल
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाने के निर्णय पर उदयवीर सिंह ने कहा कि यह या तो 'भौकाल' के लिए है या फिर सरकार को खुद अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा, "जब चुनाव नजदीक आता है, तो असुरक्षा की भावना से घिरी सरकारें बहुत लोगों को रेवड़ी बाँटकर प्रेरित करने की कोशिश करती हैं।" यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो रही है।
कांग्रेस का भाजपा के भीतरी कलह पर निशाना
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भाजपा का पाकिस्तान वाला नैरेटिव इस बार नहीं चलेगा। उन्होंने कहा, "देश के पिछड़े, पंडित, पीड़ित और परिवर्तन की लहर इनको नहीं दिखाई देती।" ओम प्रकाश राजभर को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा की संगत में उनके पास एक भी विधायक नहीं बचा — कुछ भाजपा में गए, कुछ सपा में। राजपूत ने बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच के विवाद को भाजपा के आंतरिक असंतोष का प्रमाण बताते हुए कहा, "जिन्हें सत्ता में हिस्सा मिल रहा है, वे चुप हैं और जिन्हें नहीं मिल रहा, वे आपस में लड़ रहे हैं।"
'चवन्नी' विवाद और जयंत चौधरी
अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाले बयान और जयंत चौधरी के पलटवार पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि यह हल्का शब्द जयंत चौधरी की ओर इस्तेमाल हुआ था और इसकी जिम्मेदारी उन्हें लेनी होगी। उन्होंने कहा, "चौधरी चरण सिंह ने कभी इस तरह की अवसरवादिता के लिए यह पार्टी नहीं बनाई थी।" गौरतलब है कि यह विवाद तब उभरा जब RLD ने भाजपा के साथ गठबंधन किया, जबकि चौधरी चरण सिंह की विचारधारा परंपरागत रूप से भाजपा-विरोधी मानी जाती रही है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह राजनीतिक बयानबाजी और तीखी होने की संभावना है।