उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन तिरुवनंतपुरम पहुंचे, राज्यपाल आर्लेकर और केंद्रीय मंत्री नायडू ने किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 27 सितंबर 2026 को केरल की एक दिवसीय यात्रा पर तिरुवनंतपुरम पहुंचे। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, केरल सरकार के मंत्री बिन्दु कृष्णा और सी. पी. जॉन, तथा कांग्रेस सांसद शशि थरूर सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने किया।
तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत
तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उपराष्ट्रपति को पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस अवसर की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'केरल की एक दिन की यात्रा के लिए तिरुवनंतपुरम पहुंचा। यहां केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, केरल सरकार में मंत्री बिंदु कृष्णा और सी. पी. जॉन, सांसद शशि थरूर और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया।' यह स्वागत राजनीतिक दलों के बीच सहयोग का भी प्रतीक रहा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि एक साथ उपस्थित दिखे।
कोल्लम: अमृतानंदमयी मठ में 'विश्व सेवा दिनम' समारोह
अपनी यात्रा के पहले कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति कोल्लम स्थित प्रतिष्ठित माता अमृतानंदमयी मठ पहुंचे, जहां 'विश्व सेवा दिनम' समारोह में उन्होंने भाग लिया। यह आयोजन सेवा और आध्यात्म के संगम के रूप में जाना जाता है और इसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। गौरतलब है कि माता अमृतानंदमयी मठ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय सेवा कार्यों के लिए प्रसिद्ध है।
SUT मेडिकल एकेडमी के स्नातक दिवस में मुख्य अतिथि
कोल्लम से लौटने के बाद उपराष्ट्रपति तिरुवनंतपुरम में एसयूटी एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज के स्नातक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस समारोह में मेडिकल के छात्रों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं। उपराष्ट्रपति के संबोधन को लेकर छात्रों और शिक्षकों में विशेष उत्साह था।
दक्षिण भारत से गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव
तमिलनाडु से आने वाले सी. पी. राधाकृष्णन दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ गहरा सांस्कृतिक संबंध रखते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और केरल राज्य सरकार के बीच विभिन्न विषयों पर संवाद की आवश्यकता बनी रहती है। उनकी यह यात्रा शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है और केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं सेवा परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करती है।
आगे क्या
एक दिवसीय कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के तिरुवनंतपुरम से वापस लौटने की संभावना है। उनकी इस यात्रा से केरल में शैक्षणिक संस्थाओं और आध्यात्मिक केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।