उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बेंगलुरु पहुंचे, रामकृष्ण हेगड़े शताब्दी समारोह में होंगे मुख्य अतिथि
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शनिवार, 29 अगस्त को बेंगलुरु स्थित एचएएल हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहाँ उनका औपचारिक स्वागत किया गया। वे 29 अगस्त से 31 अगस्त तक तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें शिक्षा, संस्कृति, उद्योग-अकादमिक सहयोग और मत्स्य पालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं।
बेंगलुरु में स्वागत और कार्यक्रम
एचएएल हवाई अड्डे पर कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद, सांसद लहर सिंह सिरोया और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। इस स्वागत का उल्लेख उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर भी किया गया। बेंगलुरु में राधाकृष्णन विधान सौधा में आयोजित रामकृष्ण हेगड़े जन्म शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। गौरतलब है कि रामकृष्ण हेगड़े कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और उनकी विरासत राज्य की राजनीति में आज भी प्रासंगिक मानी जाती है।
तमिलनाडु से हुई दौरे की शुरुआत
इस दौरे का पहला पड़ाव तमिलनाडु का इरोड रहा, जहाँ उपराष्ट्रपति ने कोंगू वेल्लालर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट (KVITT) के संस्थापक दिवस समारोह में भाग लिया। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में संस्थान के योगदान को रेखांकित करता है।
केरल में सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम
उपराष्ट्रपति 30 अगस्त को केरल का दौरा करेंगे। अलाप्पुझा में वे लियो हायर सेकेंडरी स्कूल में केरल कौमुदी की 115वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद पथानामथिट्टा में वे ऐतिहासिक अरनमुला जल महोत्सव 2026 का उद्घाटन करेंगे, जो केरल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। दिन के अंत में तिरुवनंतपुरम में ओणम से संबंधित एक उत्सव का उद्घाटन भी उनके कार्यक्रम में शामिल है। बाद में वे कोच्चि के कक्कनाड स्थित राजगिरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (RSET) के रजत जयंती समारोह और कॉन्फ्लुएंस 3.0 उद्योग-अकादमिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
लक्षद्वीप में मत्स्य पालन जागरूकता कार्यक्रम
31 अगस्त को उपराष्ट्रपति लक्षद्वीप के अगत्ती द्वीप पहुंचेंगे, जहाँ वे मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। यह कार्यक्रम द्वीपीय समुदायों की आजीविका और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दौरे का व्यापक महत्व
यह तीन दिवसीय दौरा दक्षिण भारत और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के साथ संवैधानिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। शिक्षा, संस्कृति, उद्योग-अकादमिक सहयोग और मत्स्य पालन जैसे विविध क्षेत्रों में उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इन राज्यों की विकासात्मक प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करती है।