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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का दो दिवसीय कर्नाटक दौरा शुरू, बेंगलुरु में धार्मिक व नशामुक्ति सम्मेलन में होंगे शामिल

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का दो दिवसीय कर्नाटक दौरा शुरू, बेंगलुरु में धार्मिक व नशामुक्ति सम्मेलन में होंगे शामिल

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का दो दिवसीय बेंगलुरु दौरा सांस्कृतिक और सामाजिक दोनों मोर्चों पर केंद्रित है — एक ओर केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती, दूसरी ओर RGUHS का नशामुक्ति सम्मेलन। यह दौरा आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर उनकी 'संविधान हत्या दिवस' श्रद्धांजलि के ठीक बाद हो रहा है।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 28-29 जून 2025 को कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर हैं।
28 जून को बेंगलुरु में नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती समारोह में भाग लेंगे।
29 जून को RGUHS के स्थापना दिवस पर नशा मुक्त भारत सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
26 जून को राधाकृष्णन ने 'संविधान हत्या दिवस' पर 1975 के आपातकाल के विरोधियों को श्रद्धांजलि दी।
BJP ने बिहार , हरियाणा सहित कई राज्यों में आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम आयोजित किए।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 28 जून 2025 से कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए हैं, जहाँ वे बेंगलुरु में एक प्रमुख धार्मिक समारोह और नशामुक्ति पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह दौरा दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

मुख्य कार्यक्रम

दौरे के पहले दिन शनिवार, 28 जून को उपराष्ट्रपति नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती समारोह में भाग लेंगे। बेंगलुरु के संस्थापक माने जाने वाले केम्पेगौड़ा की जयंती कर्नाटक में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक व ऐतिहासिक आयोजन है।

दूसरे दिन रविवार, 29 जून को राधाकृष्णन राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RGUHS) के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित नशा मुक्त भारत सम्मेलन में शामिल होंगे। यह सम्मेलन मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

संविधान हत्या दिवस पर श्रद्धांजलि

इस दौरे से पूर्व गुरुवार, 26 जून को उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 'संविधान हत्या दिवस' के अवसर पर उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने 1975 के आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में राधाकृष्णन ने कहा, 'संविधान हत्या दिवस पर, मैं उन सभी बहादुर आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जो भारत के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक — 1975 में घोषित आपातकाल — के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में दृढ़ रहे और हमारे संविधान की भावना की रक्षा की।'

उन्होंने आगे कहा, 'आपातकाल उस दौर की एक गंभीर याद दिलाता है जब संवैधानिक मूल्यों की कड़ी परीक्षा हुई थी। नागरिक स्वतंत्रताएँ निलंबित कर दी गईं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई और हमारे लोकतांत्रिक ढाँचे के लिए केंद्रीय संस्थाओं को कमज़ोर कर दिया गया।' उन्होंने नागरिकों से संविधान के आदर्शों — न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व — के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।

भाजपा का राष्ट्रव्यापी आयोजन

यह ऐसे समय में हो रहा है जब 25 जून, 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा घोषित आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस अवसर पर बिहार, हरियाणा सहित देश के कई राज्यों में 'संविधान हत्या दिवस' मनाया। पार्टी ने ऐसे कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जो आपातकाल के लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रता पर पड़े प्रभाव को रेखांकित करते हैं।

आगे क्या

उपराष्ट्रपति का यह दौरा 29 जून को नशा मुक्त भारत सम्मेलन के समापन के साथ संपन्न होगा। RGUHS के स्थापना दिवस पर उनकी उपस्थिति स्वास्थ्य शिक्षा और नशामुक्ति अभियान को केंद्र सरकार के स्तर पर मिल रहे महत्व को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय महत्वपूर्ण है — आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के ठीक बाद, जब BJP ने 'संविधान हत्या दिवस' को राष्ट्रीय स्तर पर एक राजनीतिक संदेश के रूप में स्थापित करने की कोशिश की। केम्पेगौड़ा जयंती में उपराष्ट्रपति की उपस्थिति कर्नाटक में BJP की सांस्कृतिक राजनीति को भी रेखांकित करती है, जहाँ पार्टी सत्ता में नहीं है। नशामुक्ति सम्मेलन की प्रासंगिकता निर्विवाद है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन दौरों के पीछे की व्यापक राजनीतिक रणनीति को नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन कर्नाटक दौरे पर किन कार्यक्रमों में भाग लेंगे?
वे 28 जून को बेंगलुरु में नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती समारोह और 29 जून को RGUHS के स्थापना दिवस पर नशा मुक्त भारत सम्मेलन में भाग लेंगे। यह दौरा दो दिन — 28 और 29 जून 2025 — का है।
नादप्रभु केम्पेगौड़ा कौन थे और उनकी जयंती क्यों मनाई जाती है?
नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा को आधुनिक बेंगलुरु का संस्थापक माना जाता है। उनकी 517वीं जयंती कर्नाटक में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आयोजन है, जिसमें राज्य और केंद्र के वरिष्ठ नेता भाग लेते हैं।
नशा मुक्त भारत सम्मेलन किस अवसर पर आयोजित हो रहा है?
यह सम्मेलन मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में RGUHS के स्थापना दिवस पर बेंगलुरु में आयोजित किया जा रहा है। इसमें उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
'संविधान हत्या दिवस' क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है?
'संविधान हत्या दिवस' 25 जून को मनाया जाता है, जो 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल की वर्षगांठ है। BJP इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं पर हुए हमले की याद के रूप में मनाती है; 2025 में यह 51वीं वर्षगांठ थी।
BJP ने आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर क्या कार्यक्रम आयोजित किए?
BJP ने बिहार, हरियाणा सहित देश के कई राज्यों में 'संविधान हत्या दिवस' मनाया। पार्टी ने ऐसे कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जो 1975 के आपातकाल के लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रता पर पड़े प्रभाव को रेखांकित करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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