उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 19 जून को लद्दाख दौरे पर, लेह में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 19 जून को केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर रवाना होंगे और 21 जून तक वहाँ रहेंगे। इस तीन दिवसीय यात्रा का मुख्य आकर्षण 21 जून को लेह में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में उनकी भागीदारी होगी, जिसमें युवा, सशस्त्र बलों के जवान और विभिन्न संगठनों के सदस्य एक साथ योगाभ्यास कर समग्र स्वास्थ्य का संदेश देंगे।
मुख्य कार्यक्रम और दौरे का कार्यक्रम
आधिकारिक बयान के अनुसार, उपराष्ट्रपति 20 जून को सीमावर्ती गाँव वाइब्रेंट विलेज लुकुंग का दौरा करेंगे। वहाँ वह स्थानीय स्वयं सहायता समूहों से सीधी बातचीत करेंगे और वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमा क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके पश्चात वह युद्ध स्मारक पर जाकर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
योग दिवस समारोह का महत्व
21 जून को लेह में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इस आयोजन को विशेष महत्व देती है। यह ऐसे समय में आया है जब लद्दाख जैसे सुदूर और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय एकता और स्वास्थ्य जागरूकता के संदेश को बल देने पर ज़ोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि यह उपराष्ट्रपति का लद्दाख का पहला आधिकारिक दौरा है।
नशा मुक्त कैंपस अभियान पर राधाकृष्णन का आह्वान
इस दौरे से पूर्व राधाकृष्णन ने देशभर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से ड्रग-फ्री कैंपस अभियान से जुड़ने की अपील की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा, 'मैंने इस वर्ष की शुरुआत में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में ड्रग-फ्री कैंपस अभियान और ई-प्लेज प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी। मैंने छात्रों से नशा मुक्त भारत के दूत बनने और नशे की बुराई के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया था।'
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि विश्वविद्यालय ने नशा मुक्त परिसर अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सामूहिक प्रयासों के जरिए 53,000 से अधिक छात्रों ने शपथ ली है, जो एक स्वस्थ, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लक्ष्य में योगदान दे रही है।'
आम जनता और युवाओं पर असर
उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालयों से छात्रों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने रेखांकित किया कि नशा मुक्त भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब युवाओं के बीच सामूहिक प्रयास और निरंतर जागरूकता बनी रहे। लद्दाख दौरे के दौरान सीमावर्ती समुदायों से सीधा संवाद इसी व्यापक सामाजिक संदेश का हिस्सा माना जा रहा है।