14 अगस्त 2026
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बेंगलुरु है 'मिनी भारत', केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती पर बोले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

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बेंगलुरु है 'मिनी भारत', केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती पर बोले उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

सारांश

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बेंगलुरु में केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती पर कहा कि यह शहर 'मिनी भारत' है — जो पाँच सदी पहले देखे गए समावेशी सपने की जीती-जागती मिसाल है। राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी समारोह में उपस्थित रहे।

मुख्य बातें

राधाकृष्णन ने 27 जून 2026 को बेंगलुरु में नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती समारोह में भाग लिया।
उन्होंने बेंगलुरु को 'मिनी भारत' बताया और केम्पेगौड़ा की समावेशी दूरदृष्टि को इसकी नींव कहा।
समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत , केंद्रीय मंत्री एच.डी.
सोमन्ना सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति 28 जून को राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 30वें स्थापना दिवस और 'नशा मुक्त भारत सम्मेलन' में भाग लेंगे।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 27 जून 2026 को बेंगलुरु में आयोजित नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती समारोह में कहा कि बेंगलुरु आज सही मायनों में 'मिनी भारत' है — और यह केम्पेगौड़ा की उसी समावेशी दूरदृष्टि का साकार रूप है, जो उन्होंने पाँच शताब्दी पहले देखी थी। उन्होंने केम्पेगौड़ा को महज एक शासक नहीं, बल्कि जनकल्याण की दूरदर्शी सोच रखने वाले नेतृत्वकर्ता के रूप में याद किया।

समारोह में क्या बोले उपराष्ट्रपति

राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा कि केम्पेगौड़ा ने ऐसे बेंगलुरु का सपना देखा था जहाँ किसान, व्यापारी, कारीगर, विद्वान और विभिन्न आस्थाओं के लोग एकसाथ रहें और प्रगति करें। उन्होंने रेखांकित किया कि आज का बेंगलुरु उसी बहुलतावादी कल्पना का जीवंत प्रमाण है।

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि केम्पेगौड़ा का प्रशासनिक दृष्टिकोण केवल नगर-निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के सभी वर्गों के समावेशी विकास पर आधारित था। यही कारण है कि पाँच शताब्दियों के बाद भी उनका योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता है।

समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथि

इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं विधायक डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण तथा आदिचुंचनगिरि मठ के डॉ. निर्मलानंदनाथ महास्वामीजी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति का बेंगलुरु आगमन

राधाकृष्णन भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से एचएएल हवाई अड्डे पहुँचे, जहाँ राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका स्वागत किया। स्वागत समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर फरीद, मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, पुलिस महानिदेशक डॉ. एम.ए. सलीम, बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह और बेंगलुरु शहरी जिला उपायुक्त पी.एस. कांताराजू भी मौजूद रहे।

आगे का कार्यक्रम

उपराष्ट्रपति रविवार, 28 जून को बेंगलुरु में राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 30वें स्थापना दिवस समारोह और विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 'नशा मुक्त भारत सम्मेलन' में भी भाग लेंगे। यह दौरा बेंगलुरु के सांस्कृतिक और स्वास्थ्य-नीति दोनों आयामों को एकसाथ संबोधित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ऐसे समय में आया है जब शहर भाषाई और सांस्कृतिक तनावों से जूझ रहा है। केम्पेगौड़ा की विरासत को समावेश के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करना राजनीतिक दृष्टि से सुविचारित है, पर यह सवाल भी उठता है कि क्या यह विरासत आज की नीतिगत प्राथमिकताओं में वास्तव में परिलक्षित होती है। गौरतलब है कि केम्पेगौड़ा जयंती कर्नाटक में एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक अवसर है, और इसमें केंद्र सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति राज्य की राजनीति में केंद्र की सक्रिय भागीदारी का संकेत देती है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नादप्रभु केम्पेगौड़ा कौन थे और उनकी 517वीं जयंती क्यों मनाई गई?
नादप्रभु केम्पेगौड़ा 16वीं सदी के विजयनगर साम्राज्य के अधीन एक प्रमुख शासक थे, जिन्हें आधुनिक बेंगलुरु का संस्थापक माना जाता है। उन्होंने एक ऐसे शहर की कल्पना की जहाँ सभी वर्गों और आस्थाओं के लोग मिलकर रह सकें — इसी समावेशी दृष्टि की याद में प्रतिवर्ष उनकी जयंती मनाई जाती है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेंगलुरु को 'मिनी भारत' क्यों कहा?
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि बेंगलुरु में किसान, व्यापारी, कारीगर, विद्वान और विभिन्न आस्थाओं के लोग एकसाथ रहते और प्रगति करते हैं, जो केम्पेगौड़ा की समावेशी सोच का प्रतिबिंब है। इसीलिए उन्होंने इसे 'मिनी भारत' की संज्ञा दी।
517वीं जयंती समारोह में कौन-कौन से प्रमुख अतिथि शामिल हुए?
समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और वी. सोमन्ना, नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण तथा आदिचुंचनगिरि मठ के डॉ. निर्मलानंदनाथ महास्वामीजी उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति बेंगलुरु में और किन कार्यक्रमों में भाग लेंगे?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन 28 जून को राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 30वें स्थापना दिवस समारोह और विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 'नशा मुक्त भारत सम्मेलन' में भाग लेंगे।
केम्पेगौड़ा की विरासत आज के बेंगलुरु से कैसे जुड़ती है?
उपराष्ट्रपति के अनुसार, केम्पेगौड़ा का प्रशासनिक दृष्टिकोण समाज के सभी वर्गों के कल्याण और समावेशी विकास पर आधारित था। पाँच शताब्दियों बाद भी बेंगलुरु की बहुसांस्कृतिक पहचान इसी दूरदृष्टि का परिणाम मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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