28 जून 2026
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नशा मुक्त भारत सम्मेलन: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेंगलुरु में दिया नशे के खिलाफ संकल्प का आह्वान

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नशा मुक्त भारत सम्मेलन: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेंगलुरु में दिया नशे के खिलाफ संकल्प का आह्वान

सारांश

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेंगलुरु में 'नशा मुक्त भारत' सम्मेलन में नशे को राष्ट्रीय विकास के लिए खतरा बताया। CM शिवकुमार ने पान मसाला-गुटखा में नशीले पदार्थ मिलाने पर कर्नाटक में पूर्ण बैन की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 28 जून 2026 को बेंगलुरु में 'नशा मुक्त भारत' सम्मेलन को संबोधित किया।
राधाकृष्णन ने शैक्षणिक संस्थानों से एडिक्शन मेडिसिन और मानसिक स्वास्थ्य पर शोध मजबूत करने का आग्रह किया।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत उपराष्ट्रपति ने शिशुओं को पोलियो वैक्सीन की बूंदें पिलाईं।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चेतावनी दी कि पान मसाला-गुटखा में नशीले पदार्थ पाए जाने पर कर्नाटक में बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगेगा।
कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस (रिटायर्ड) एस.
अब्दुल नजीर भी उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 28 जून 2026 को बेंगलुरु स्थित राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में आयोजित 'नशा मुक्त भारत' सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास, शिक्षा और सामाजिक एकजुटता का भी संकट है।

उपराष्ट्रपति का संबोधन

सभा को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने कहा, 'मैं हमारे शैक्षणिक संस्थानों से आग्रह करता हूं कि वे एडिक्शन मेडिसिन, मानसिक स्वास्थ्य और समुदाय-आधारित उपायों पर शोध को और मजबूत करते रहें।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'नशा मुक्त भारत' का वास्तविक अर्थ केवल नशीले पदार्थों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि स्वस्थ विकल्पों की उपलब्धता है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से संकल्प लेने का आग्रह किया कि हर युवा को आगे बढ़ने और फलने-फूलने का अवसर मिले।

पोलियो वैक्सीनेशन में सहभागिता

समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत शिशुओं को पोलियो वैक्सीन की बूंदें पिलाकर इस स्वास्थ्य अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। यह कदम स्वास्थ्य जागरूकता के व्यापक संदेश को और बल देता है।

मुख्यमंत्री शिवकुमार की कड़ी चेतावनी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस अवसर पर व्यापारियों और उत्पादकों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'मुझे जानकारी मिली है कि पान मसाला, गुटखा, सुपारी से बने उत्पादों और ऐसी ही दूसरी चीजों में नशीले पदार्थ मिलाकर बाजार में बेचे जा रहे हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पान मसाला या गुटखा उत्पाद में नशीले पदार्थ पाए गए तो कर्नाटक में उनकी बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाएगा।

शिवकुमार ने कहा, 'हमारा लक्ष्य नशा-मुक्त कर्नाटक बनाना है। नशीली दवाओं की लत को रोकना एक बड़ी चुनौती है, और हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि युवा पीढ़ी नशे की लत के जाल में न फंसे।' उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को इस मिशन का 'एंबेसडर' बताया।

गणमान्य उपस्थिति

इस सम्मेलन में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस (रिटायर्ड) एस. अब्दुल नजीर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर नशा-विरोधी चेतना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

आगे की राह

गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकारें नशा उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं। राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से अपेक्षा है कि वे एडिक्शन मेडिसिन में शोध और प्रशिक्षण को प्राथमिकता देंगे, ताकि नशा-मुक्त भारत का संकल्प जमीनी स्तर पर साकार हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा नीतिगत अनुवर्ती कार्रवाई में है। मुख्यमंत्री शिवकुमार की गुटखा-बैन चेतावनी तब तक अधूरी है जब तक राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास नियमित परीक्षण और प्रवर्तन तंत्र न हो। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय मादक द्रव्य नीति ढांचा मांग-पक्ष उपायों पर जोर दे रहा है, जबकि आपूर्ति-पक्ष नियंत्रण राज्यों के विवेक पर छोड़ा गया है। बिना सत्यापन-योग्य प्रवर्तन के, ये घोषणाएं महज राजनीतिक संकेत बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशा मुक्त भारत' सम्मेलन बेंगलुरु में क्या हुआ?
28 जून 2026 को राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर आयोजित इस सम्मेलन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नशे को राष्ट्रीय विकास के लिए खतरा बताया और शैक्षणिक संस्थानों से शोध मजबूत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पान मसाला-गुटखा में नशीले पदार्थ पाए जाने पर प्रतिबंध की चेतावनी दी।
कर्नाटक में गुटखा और पान मसाला पर बैन कब लगेगा?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि यदि पान मसाला या गुटखा उत्पादों में नशीले पदार्थ पाए गए तो तत्काल प्रतिबंध लगाया जाएगा। हालांकि, बैन की कोई निश्चित तिथि घोषित नहीं की गई है और यह जांच के परिणामों पर निर्भर करेगा।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने नशा मुक्ति पर क्या कहा?
राधाकृष्णन ने कहा कि 'नशा मुक्त भारत' का अर्थ केवल नशीले पदार्थों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि स्वस्थ विकल्पों की उपलब्धता है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से एडिक्शन मेडिसिन और मानसिक स्वास्थ्य पर शोध को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
इस सम्मेलन में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे?
सम्मेलन में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस (रिटायर्ड) एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान से इस कार्यक्रम का क्या संबंध था?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत शिशुओं को पोलियो वैक्सीन की बूंदें पिलाईं। यह कदम स्वास्थ्य जागरूकता के व्यापक संदेश को बल देने के लिए उठाया गया।
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