अखिलेश यादव का वादा: सपा सरकार में गरीबों को मुफ्त इलाज-दवा, 'पीडीए' से घबराए विरोधी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 29 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था, जनसुविधाओं और सरकारी संपत्तियों के कथित व्यावसायीकरण को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर गरीबों को अस्पताल में इलाज और दवाएं पूरी तरह मुफ्त मिलेंगी — और इसके लिए किसी कार्ड की भी आवश्यकता नहीं होगी।
पीडीए: चुनाव का केंद्रीय मुद्दा
अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश में 'संकीर्ण सोच' रखने वाले लोग पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से 'काफी घबराए हुए हैं।' उन्होंने कहा, 'न जाने क्यों ये पीडीए से घबराते हैं। पी और डी से किसी के पेट में दर्द हो रहा है।' उनके अनुसार आगामी चुनाव में पीडीए से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है और सामाजिक न्याय तथा सभी वर्गों की भागीदारी का सवाल चुनावी राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को घेरा
सपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर कई आँकड़े पेश किए। उनके दावे के अनुसार प्रदेश में 16,189 लोगों पर केवल एक डॉक्टर उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 6,872 पद — यानी करीब 41 प्रतिशत — रिक्त पड़े हैं। इसके अलावा नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के करीब 24,000 पद भी खाली बताए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त मानव संसाधन न होने से आम लोग परेशान हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी निवेश और डॉक्टर-मरीज अनुपात राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की अनुशंसा प्रति 1,000 व्यक्तियों पर कम से कम एक डॉक्टर की है।
सरकारी संपत्तियों के व्यावसायीकरण का आरोप
अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस केंद्र का निर्माण लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति में हुआ था और समाजवादियों का इससे गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उनके अनुसार जेपीएनआईसी में करीब 1,200 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है और पार्किंग की आय से ही इसकी परिचालन लागत निकाली जा सकती थी — लेकिन सरकार ने इसका व्यावसायीकरण कर दिया।
उन्होंने बस स्टैंड और प्लासियो मॉल का भी हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार सरकारी संपत्तियों को बेचने और बड़े ठेके अपने करीबियों को देने का काम कर रही है।
रक्षा बंधन की मुफ्त बस सेवा पर सवाल
रक्षा बंधन के दौरान महिलाओं को मुफ्त बस सेवा देने के सरकारी दावे पर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घोषणा तो की गई, लेकिन धरातल पर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। उनका कहना था कि केवल ऐलान से जनता तक योजना का लाभ नहीं पहुँचता — उसके लिए ज़रूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करनी होती हैं।
अंकित बालियान हत्याकांड और नए सदस्य
अखिलेश यादव ने हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित के पिता, पत्नी और भाई न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश और हरियाणा — दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार होने के बावजूद परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा।
इसी कार्यक्रम में बहुजन समाज पार्टी (BSP), BJP और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख शामिल रहे। अखिलेश यादव ने इन सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सपा के ये वादे और आरोप राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं — अब देखना होगा कि सत्तारूढ़ दल इन पर क्या प्रतिक्रिया देता है।