29 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अखिलेश यादव का वादा: सपा सरकार में गरीबों को मुफ्त इलाज-दवा, 'पीडीए' से घबराए विरोधी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अखिलेश यादव का वादा: सपा सरकार में गरीबों को मुफ्त इलाज-दवा, 'पीडीए' से घबराए विरोधी

सारांश

अखिलेश यादव ने लखनऊ में दोहरा दांव खेला — सपा सरकार आने पर गरीबों को मुफ्त इलाज और दवा का वादा, साथ ही UP में 41% डॉक्टर पद खाली होने के आँकड़े पेश कर सत्तारूढ़ सरकार को घेरा। 'पीडीए' को उन्होंने चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा करार दिया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 29 अगस्त 2026 को लखनऊ में कहा — सपा सरकार बनने पर गरीबों को मुफ्त इलाज और दवाएं , किसी कार्ड की ज़रूरत नहीं।
उनके दावे के अनुसार UP में 16,189 लोगों पर एक डॉक्टर ; सरकारी अस्पतालों में 6,872 पद (41%) रिक्त।
नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के करीब 24,000 पद भी खाली बताए।
JPNIC के कथित व्यावसायीकरण और रक्षा बंधन की मुफ्त बस सेवा में 'ज़मीनी इंतजाम न होने' पर सरकार को घेरा।
BSP, BJP और AIMIM के पूर्व विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों ने सपा की सदस्यता ग्रहण की।
हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में UP और हरियाणा दोनों में BJP सरकार होने के बावजूद न्याय न मिलने का आरोप।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 29 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था, जनसुविधाओं और सरकारी संपत्तियों के कथित व्यावसायीकरण को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर गरीबों को अस्पताल में इलाज और दवाएं पूरी तरह मुफ्त मिलेंगी — और इसके लिए किसी कार्ड की भी आवश्यकता नहीं होगी।

पीडीए: चुनाव का केंद्रीय मुद्दा

अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश में 'संकीर्ण सोच' रखने वाले लोग पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से 'काफी घबराए हुए हैं।' उन्होंने कहा, 'न जाने क्यों ये पीडीए से घबराते हैं। पी और डी से किसी के पेट में दर्द हो रहा है।' उनके अनुसार आगामी चुनाव में पीडीए से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है और सामाजिक न्याय तथा सभी वर्गों की भागीदारी का सवाल चुनावी राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को घेरा

सपा अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर कई आँकड़े पेश किए। उनके दावे के अनुसार प्रदेश में 16,189 लोगों पर केवल एक डॉक्टर उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 6,872 पद — यानी करीब 41 प्रतिशत — रिक्त पड़े हैं। इसके अलावा नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के करीब 24,000 पद भी खाली बताए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त मानव संसाधन न होने से आम लोग परेशान हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब स्वास्थ्य सेवाओं में सरकारी निवेश और डॉक्टर-मरीज अनुपात राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की अनुशंसा प्रति 1,000 व्यक्तियों पर कम से कम एक डॉक्टर की है।

सरकारी संपत्तियों के व्यावसायीकरण का आरोप

अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) का उल्लेख करते हुए कहा कि इस केंद्र का निर्माण लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति में हुआ था और समाजवादियों का इससे गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उनके अनुसार जेपीएनआईसी में करीब 1,200 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है और पार्किंग की आय से ही इसकी परिचालन लागत निकाली जा सकती थी — लेकिन सरकार ने इसका व्यावसायीकरण कर दिया।

उन्होंने बस स्टैंड और प्लासियो मॉल का भी हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार सरकारी संपत्तियों को बेचने और बड़े ठेके अपने करीबियों को देने का काम कर रही है।

रक्षा बंधन की मुफ्त बस सेवा पर सवाल

रक्षा बंधन के दौरान महिलाओं को मुफ्त बस सेवा देने के सरकारी दावे पर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घोषणा तो की गई, लेकिन धरातल पर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। उनका कहना था कि केवल ऐलान से जनता तक योजना का लाभ नहीं पहुँचता — उसके लिए ज़रूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करनी होती हैं।

अंकित बालियान हत्याकांड और नए सदस्य

अखिलेश यादव ने हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित के पिता, पत्नी और भाई न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश और हरियाणा — दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार होने के बावजूद परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा।

इसी कार्यक्रम में बहुजन समाज पार्टी (BSP), BJP और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख शामिल रहे। अखिलेश यादव ने इन सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी।

आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सपा के ये वादे और आरोप राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं — अब देखना होगा कि सत्तारूढ़ दल इन पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि जब सपा 2012-17 के कार्यकाल में भी स्वास्थ्य ढाँचे को पर्याप्त मजबूत नहीं कर सकी, तो अगली बार की रूपरेखा क्या होगी। डॉक्टर-मरीज अनुपात के जो आँकड़े उन्होंने पेश किए, वे गंभीर हैं और सत्यापन की माँग करते हैं — लेकिन विपक्ष में रहते हुए आँकड़े उछालना और सत्ता में आकर उन्हें सुधारना दो अलग चुनौतियाँ हैं। 'पीडीए' की राजनीति 2024 के लोकसभा नतीजों में सपा के लिए कारगर रही थी, इसलिए इसे चुनाव के केंद्र में रखना रणनीतिक रूप से समझ में आता है — पर जब तक स्वास्थ्य वादों का ठोस वित्तीय और प्रशासनिक खाका सामने नहीं आता, ये घोषणाएं चुनावी भाषण से आगे नहीं जातीं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने गरीबों के मुफ्त इलाज को लेकर क्या वादा किया?
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर गरीबों को अस्पताल में इलाज और दवाएं पूरी तरह मुफ्त मिलेंगी और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए भी किसी कार्ड की जरूरत नहीं होगी। यह ऐलान उन्होंने 29 अगस्त 2026 को लखनऊ में पार्टी कार्यक्रम के दौरान किया।
'पीडीए' क्या है और अखिलेश यादव इसे चुनाव का मुद्दा क्यों बना रहे हैं?
'पीडीए' का अर्थ है पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक — समाजवादी पार्टी इसे अपनी राजनीतिक पहचान और सामाजिक गठबंधन की रणनीति के रूप में प्रस्तुत करती है। अखिलेश यादव का कहना है कि आगामी चुनाव में पीडीए से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है और संकीर्ण सोच वाले लोग इससे घबराए हुए हैं।
अखिलेश यादव ने UP की स्वास्थ्य व्यवस्था पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 16,189 लोगों पर केवल एक डॉक्टर है, सरकारी अस्पतालों में 6,872 डॉक्टर पद (करीब 41%) खाली हैं और नर्सिंग-पैरामेडिकल स्टाफ के करीब 24,000 पद रिक्त हैं। उनके अनुसार इससे आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर परेशानी हो रही है।
जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) को लेकर सपा का क्या आरोप है?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने लखनऊ स्थित JPNIC का व्यावसायीकरण कर दिया है, जबकि इसका निर्माण लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति में हुआ था। उनका कहना था कि केंद्र की 1,200 वाहनों की पार्किंग से होने वाली आय से ही इसकी लागत निकाली जा सकती थी।
इस कार्यक्रम में किन पार्टियों के नेताओं ने सपा की सदस्यता ली?
लखनऊ में आयोजित सपा के प्रदेश मुख्यालय कार्यक्रम में BSP, BJP और AIMIM से जुड़े कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख शामिल रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले