पश्चिम बंगाल सीईओ कार्यालय का फॉर्म-6 पर स्पष्टीकरण, 46 लाख से अधिक नाम ASDD सूची में चिन्हित
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नीलम मीना के कार्यालय ने 7 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि मतदाता सूची अद्यतन के संबंध में उनका कार्यालय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के पर्यवेक्षण और नियंत्रण में पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर देशव्यापी विवाद जारी है।
फॉर्म-6 और पुनः नामांकन की प्रक्रिया
सीईओ कार्यालय के अनुसार, हाल ही में संपन्न विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान तैयार ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, हटाए गए) सूची में जिन पात्र मतदाताओं के नाम आए हैं, वे अपना नाम पुनः मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए वे फॉर्म-6 ऑनलाइन जमा कर सकते हैं या अपने क्षेत्र के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
कार्यालय ने संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और जिला मजिस्ट्रेटों के कार्यालयों में ASDD सूची तक पहुँचने के लिंक भी उपलब्ध कराए हैं, ताकि मतदाता स्वयं यह सत्यापित कर सकें कि उनका नाम इस सूची में है या नहीं।
पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए अवसर
सीईओ कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जो युवा या पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिक वर्तमान तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, वे ऑनलाइन फॉर्म-6 भरकर या बीएलओ की सहायता से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में इस उद्देश्य के लिए सहायता केंद्र-सह-मतदाता सहायता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
46 लाख से अधिक नाम ASDD सूची में
एसआईआर की प्रारंभिक प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल से कुल 46 लाख 20 हजार नाम हटाने के लिए चिन्हित किए गए थे। ये नाम मुख्यतः ASDD आधार पर — अर्थात् जो मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या पूर्व में हटाए गए हैं — की श्रेणी में शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह संख्या राज्य की कुल मतदाता सूची का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और ऐसे में पात्र लेकिन गलती से चिन्हित मतदाताओं के लिए पुनः नामांकन का यह अवसर विशेष महत्व रखता है।
विशेष अभियान और प्रशासनिक तैयारी
सीईओ कार्यालय ने अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, डीईओ और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में एक विशेष नामांकन अभियान शुरू किया है। यह अभियान यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कोई भी पात्र मतदाता केवल प्रक्रियागत कारणों से मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
यह पहल ऐसे समय में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है जब सीईसी विवाद को लेकर विपक्षी दलों ने मतदाता सूची की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। आने वाले हफ्तों में इस अभियान की प्रगति और नामांकन के आँकड़े राज्य की चुनावी तैयारियों की दिशा तय करेंगे।