10 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: राजस्थान मूल के 5 भाजपा उम्मीदवारों की जीत, प्रवासी समुदाय का बढ़ता चुनावी दबदबा

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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: राजस्थान मूल के 5 भाजपा उम्मीदवारों की जीत, प्रवासी समुदाय का बढ़ता चुनावी दबदबा

सारांश

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में राजस्थान से गए 5 BJP उम्मीदवारों की जीत ने प्रवासी राजनीति की नई इबारत लिखी है। बीकानेर से कोलकाता तक का सफर तय करने वाले इन नेताओं ने सामुदायिक नेटवर्क और जमीनी मेहनत के दम पर विधानसभा की सीढ़ियाँ चढ़ीं — और भारतीय राजनीति में प्रवासी समुदायों की बदलती भूमिका को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में राजस्थान मूल के 5 BJP उम्मीदवार विधानसभा पहुँचे।
अशोक कीर्तनिया ने बनगांव उत्तर से 40,670 मतों के सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
अजय कुमार पोद्दार ( कुल्टी , 26,498 मत), राजेश कुमार ( जगतदल , 20,909 मत), भारत कुमार झंवर ( बेलडांगा , 13,208 मत) और विजय ओझा ( जोरासांको , 5,797 मत) भी विजयी रहे।
BJP ने राजस्थान मूल के कुल 9 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 5 जीते।
वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में राजस्थान से प्रचार टीम भवानीपुर भेजी गई।
सुवेंदु अधिकारी ने जीत के बाद राजस्थानी नेताओं के संगठनात्मक योगदान की सराहना की।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पाँच ऐसे उम्मीदवार विजयी हुए हैं जो दशकों पहले रोज़गार की तलाश और व्यवसाय विस्तार के लिए राजस्थान से पश्चिम बंगाल गए थे। 5 मई 2026 को घोषित इन परिणामों ने बंगाल की राजनीति में प्रवासी राजस्थानी समुदाय के बढ़ते चुनावी प्रभाव को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है।

कौन हैं ये पाँच विजयी नेता

विजय ओझा, जो मूल रूप से बीकानेर के निवासी हैं और 15 वर्षों से अधिक समय तक म्युनिसिपल काउंसलर रह चुके हैं, ने जोरासांको सीट पर 5,797 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। भारत कुमार झंवर ने बेलडांगा से 13,208 मतों के अंतर से विजय हासिल की।

अजय कुमार पोद्दार ने कुल्टी सीट 26,498 मतों के बड़े अंतर से जीती, जबकि राजेश कुमार ने जगतदल से 20,909 मतों से जीत दर्ज की। इन सभी में सबसे बड़ी जीत अशोक कीर्तनिया की रही, जिन्होंने बनगांव उत्तर सीट से 40,670 मतों के भारी अंतर से विजय प्राप्त की।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और सामुदायिक जुड़ाव

इन पाँचों नेताओं की राजस्थान से गहरी सांस्कृतिक और सामाजिक जड़ें हैं, लेकिन इन्होंने अपना राजनीतिक करियर पश्चिम बंगाल में बनाया। इन्होंने अपने गहरे सामुदायिक नेटवर्क, स्थानीय पहुँच और जमीनी मुद्दों की समझ का भरपूर उपयोग किया। गौरतलब है कि BJP ने राजस्थान मूल के कुल 9 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिनमें से 5 ने जीत हासिल की।

राजस्थान से भेजी गई चुनाव प्रचार टीम

भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र में BJP ने राजस्थान से नेताओं की एक समर्पित टीम तैनात की। वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में इस टीम ने सूक्ष्म-स्तरीय जनसंपर्क पर ध्यान केंद्रित किया — विशेष रूप से घर-घर जाकर प्रचार करने और कल्याणकारी संदेशों के माध्यम से युवा व महिला मतदाताओं को लक्षित किया।

सुवेंदु अधिकारी ने की सराहना

जीत के बाद BJP के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने राजस्थान के नेताओं के योगदान को स्वीकार किया और उनके संगठनात्मक प्रयासों तथा जमीनी स्तर पर समन्वय की प्रशंसा की। यह इस बात का संकेत है कि राजस्थानी नेताओं की भूमिका केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक रही।

आम जनता और राजनीति पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय राजनीति में प्रवासी समुदायों की भूमिका पर नई बहस छिड़ी हुई है। राजस्थान मूल के इन उम्मीदवारों की सफलता दर्शाती है कि प्रवासी समुदाय अब केवल मतदाता नहीं, बल्कि सक्रिय राजनीतिक प्रतिनिधि भी बन रहे हैं — जो अपने गृह राज्यों से बाहर भी चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में सक्षम हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह केवल टिकट वितरण तक सीमित नहीं थी; राजेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में भेजी गई प्रचार टीम यह दर्शाती है कि पार्टी ने राजस्थानी सामुदायिक नेटवर्क को एक संगठित चुनावी औज़ार की तरह इस्तेमाल किया। सवाल यह है कि क्या यह मॉडल — प्रवासी पहचान को राजनीतिक पूँजी में बदलना — अन्य राज्यों में भी दोहराया जाएगा। और क्या इन विजेताओं का प्रतिनिधित्व उनके स्थानीय बंगाली मतदाताओं की आकांक्षाओं को उतनी ही प्रमुखता देगा, जितनी उनकी राजस्थानी सांस्कृतिक जड़ें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में राजस्थान मूल के कितने BJP उम्मीदवार जीते?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में राजस्थान मूल के 5 BJP उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। पार्टी ने ऐसे कुल 9 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।
अशोक कीर्तनिया ने कितने मतों से जीत हासिल की?
अशोक कीर्तनिया ने बनगांव उत्तर सीट से 40,670 मतों के अंतर से जीत दर्ज की, जो राजस्थान मूल के पाँचों विजेताओं में सबसे बड़ी जीत थी।
विजय ओझा कौन हैं और उन्होंने कहाँ से जीत हासिल की?
विजय ओझा मूल रूप से बीकानेर, राजस्थान के निवासी हैं और 15 वर्षों से अधिक समय तक कोलकाता में म्युनिसिपल काउंसलर रह चुके हैं। उन्होंने जोरासांको सीट पर 5,797 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
BJP ने बंगाल चुनाव में राजस्थान से प्रचार टीम क्यों भेजी?
BJP ने भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र में वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में राजस्थान से एक समर्पित प्रचार टीम भेजी। इस टीम ने घर-घर जाकर प्रचार और युवा व महिला मतदाताओं को लक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया।
बंगाल चुनाव में प्रवासी राजस्थानी समुदाय की क्या भूमिका रही?
प्रवासी राजस्थानी समुदाय ने इस चुनाव में सक्रिय राजनीतिक प्रतिनिधि की भूमिका निभाई। इन नेताओं ने अपने सामुदायिक नेटवर्क और जमीनी पहुँच का उपयोग कर बड़े मतों के अंतर से जीत दर्ज की, जो बंगाल की राजनीति में प्रवासी समुदायों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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