राम नवमी के जुलूसों के लिए पश्चिम बंगाल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में राम नवमी के जुलूसों के लिए सुरक्षा के विशेष उपाय।
- 3,000 पुलिस अधिकारियों की तैनाती।
- जुलूसों में 500 से अधिक प्रतिभागियों की अनुमति नहीं।
- सुरक्षा के लिए ड्रोन और सीसीटीवी का उपयोग।
- साइबर निगरानी के माध्यम से भड़काऊ पोस्टों पर नजर।
कोलकाता, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में तनावग्रस्त क्षेत्रों को गुरुवार की सुबह से सुरक्षा के कड़े घेरे में रखा गया है, क्योंकि राम नवमी के जुलूसों के दौरान हिंसा और तनाव की आशंका जताई गई है।
कोलकाता के निकट हुगली जिले के चंदननगर और उत्तरी दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
इस विषय में बुधवार की शाम को राज्य सचिवालय, नबन्ना में आपातकालीन वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने की और इसमें राज्य गृह सचिव संघमित्रा घोष, राज्य पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता, जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों सहित कई अन्य लोग शामिल हुए।
बैठक में मौजूद राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा, "यह निर्णय लिया गया है कि जुलूसों के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विभिन्न जिलों में कुल 3,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जुलूसों में किसी भी प्रकार की अशांति न होने पाए। हावड़ा, चंदननगर और इस्लामपुर में विशेष सतर्कता बरती जाएगी, क्योंकि इन क्षेत्रों में जुलूसों के दौरान हिंसा और तनाव की पिछली घटनाएं हो चुकी हैं।
कोलकाता पर भी खास ध्यान दिया गया है और राम नवमी के अवसर पर विभिन्न जुलूसों की सुरक्षा संभालने के लिए शहर में लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
इस अवसर पर भड़काऊ पोस्टों के प्रचार को रोकने के लिए लगातार साइबर निगरानी की जा रही है।
सभी जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को 29 मार्च तक विशेष निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया गया है, क्योंकि अतीत में ऐसे उदाहरण देखे गए हैं, जहां शुभ अवसर के कुछ दिनों बाद भी तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी।
इसके अलावा, स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राम नवमी की शोभायात्राओं को केवल पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों से ही निकलने की अनुमति होगी और किसी भी स्थिति में एक शोभायात्रा में 500 से अधिक प्रतिभागियों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। शोभायात्रा में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को घातक और धारदार हथियार ले जाने से भी प्रतिबंधित किया गया है।
जुलूसों पर ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। प्रत्येक जुलूस के आगे और पीछे पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। संभावित उपद्रवियों की पहचान करने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी नजर रखेंगे।