पश्चिम बंगाल: सेवा सेतु अभियान के पहले दिन 10.68 लाख लोगों ने कराया पंजीकरण
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गांधी जयंती, 2 अक्टूबर 2026 से शुरू किए गए 'सेवा सेतु अभियान' शिविरों को पहले ही दिन जबरदस्त जनसमर्थन मिला। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार रात 8 बजे तक पूरे बंगाल में 10,68,033 लोगों ने इन शिविरों में पंजीकरण करा लिया था। यह तीन दिवसीय अभियान केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को एक ही छत के नीचे आम लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
पहले दिन के पंजीकरण के आंकड़े
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 10,68,033 पंजीकृत लोगों में 5,47,965 पुरुष, 5,17,546 महिलाएँ और 2,522 अन्य जेंडर के व्यक्ति शामिल थे। सबसे अधिक पंजीकरण बर्दवान, मालदा, कूचबिहार और झारग्राम जिलों से दर्ज किए गए। राज्य सरकार को उम्मीद है कि शनिवार और रविवार को भी इसी तरह का उत्साहजनक प्रतिसाद मिलेगा।
सिंगल-विंडो सिस्टम: अभियान की मूल अवधारणा
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल को सिंगल-विंडो सिस्टम के तौर पर डिज़ाइन किया गया है, ताकि आम नागरिकों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार ने केंद्र-राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं को लोगों के दरवाज़े तक पहुँचाने के लिए यह पहल की है। यह कैंप राज्य के हर ज़िले में इसलिए लगाया गया है ताकि सभी योजनाओं का लाभ एक ही जगह मिल सके, तुरंत एनरोलमेंट हो, दस्तावेज़ों का सत्यापन हो और लोगों की शिकायतें सुनी जा सकें।'
शिविरों की संख्या और विस्तार
बंगाल सरकार ने तीन दिन के इस कार्यक्रम में कुल 3,251 'सेवा सेतु अभियान' शिविर लगाने का लक्ष्य रखा है। पहले दिन यानी शुक्रवार को पूरे राज्य में 1,081 कैंप संचालित हुए, जबकि शेष 2,170 शिविर अगले दो दिनों में लगाए जाएंगे। कोलकाता में हर दो वार्ड के लिए एक शिविर की व्यवस्था की गई है।
किन योजनाओं का मिलेगा लाभ
इन शिविरों में जिन प्रमुख योजनाओं के तहत काम हो रहा है, उनमें अन्नपूर्णा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा श्री, जय जोहार, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान स्वनिधि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विधवा भत्ता, बुढ़ापा भत्ता और विकलांगता भत्ते के लिए नए आवेदन फॉर्म भी वितरित किए जा रहे हैं। अन्नपूर्णा योजना और आयुष्मान कार्ड की स्थिति की जानकारी भी इन्हीं शिविरों में उपलब्ध कराई जा रही है।
हेल्पलाइन और आगे की राह
नागरिकों को उनके निकटतम शिविर तक पहुँचने में सहायता के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब राज्य में कल्याणकारी योजनाओं की अंतिम-मील डिलीवरी को लेकर चर्चा तेज़ है। आने वाले दो दिनों में शिविरों की संख्या बढ़ने के साथ पंजीकरण का आंकड़ा और ऊपर जाने की उम्मीद है।