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पश्चिम बंगाल: सेवा सेतु अभियान के पहले दिन 10.68 लाख लोगों ने कराया पंजीकरण

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पश्चिम बंगाल: सेवा सेतु अभियान के पहले दिन 10.68 लाख लोगों ने कराया पंजीकरण

सारांश

गांधी जयंती पर शुरू हुए पश्चिम बंगाल के 'सेवा सेतु अभियान' शिविरों में पहले ही दिन 10.68 लाख से अधिक लोग उमड़े। तीन दिनों में 3,251 कैंप के ज़रिये राज्य सरकार अन्नपूर्णा से आयुष्मान तक दर्जनों केंद्र-राज्य योजनाओं को एक छत के नीचे पहुँचाने का लक्ष्य रखती है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार के 'सेवा सेतु अभियान' शिविरों में पहले दिन 10,68,033 लोगों ने पंजीकरण कराया।
पंजीकृत लोगों में 5,47,965 पुरुष , 5,17,546 महिलाएँ और 2,522 अन्य जेंडर के व्यक्ति शामिल।
सर्वाधिक पंजीकरण बर्दवान, मालदा, कूचबिहार और झारग्राम जिलों से।
तीन दिन में कुल 3,251 शिविर लगाने का लक्ष्य; पहले दिन 1,081 कैंप संचालित।
अन्नपूर्णा योजना, PM आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, PM किसान स्वनिधि समेत कई योजनाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध।
नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने विशेष हेल्पलाइन लॉन्च की।

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गांधी जयंती, 2 अक्टूबर 2026 से शुरू किए गए 'सेवा सेतु अभियान' शिविरों को पहले ही दिन जबरदस्त जनसमर्थन मिला। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार रात 8 बजे तक पूरे बंगाल में 10,68,033 लोगों ने इन शिविरों में पंजीकरण करा लिया था। यह तीन दिवसीय अभियान केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को एक ही छत के नीचे आम लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

पहले दिन के पंजीकरण के आंकड़े

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 10,68,033 पंजीकृत लोगों में 5,47,965 पुरुष, 5,17,546 महिलाएँ और 2,522 अन्य जेंडर के व्यक्ति शामिल थे। सबसे अधिक पंजीकरण बर्दवान, मालदा, कूचबिहार और झारग्राम जिलों से दर्ज किए गए। राज्य सरकार को उम्मीद है कि शनिवार और रविवार को भी इसी तरह का उत्साहजनक प्रतिसाद मिलेगा।

सिंगल-विंडो सिस्टम: अभियान की मूल अवधारणा

राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल को सिंगल-विंडो सिस्टम के तौर पर डिज़ाइन किया गया है, ताकि आम नागरिकों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार ने केंद्र-राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं को लोगों के दरवाज़े तक पहुँचाने के लिए यह पहल की है। यह कैंप राज्य के हर ज़िले में इसलिए लगाया गया है ताकि सभी योजनाओं का लाभ एक ही जगह मिल सके, तुरंत एनरोलमेंट हो, दस्तावेज़ों का सत्यापन हो और लोगों की शिकायतें सुनी जा सकें।'

शिविरों की संख्या और विस्तार

बंगाल सरकार ने तीन दिन के इस कार्यक्रम में कुल 3,251 'सेवा सेतु अभियान' शिविर लगाने का लक्ष्य रखा है। पहले दिन यानी शुक्रवार को पूरे राज्य में 1,081 कैंप संचालित हुए, जबकि शेष 2,170 शिविर अगले दो दिनों में लगाए जाएंगे। कोलकाता में हर दो वार्ड के लिए एक शिविर की व्यवस्था की गई है।

किन योजनाओं का मिलेगा लाभ

इन शिविरों में जिन प्रमुख योजनाओं के तहत काम हो रहा है, उनमें अन्नपूर्णा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा श्री, जय जोहार, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान स्वनिधि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विधवा भत्ता, बुढ़ापा भत्ता और विकलांगता भत्ते के लिए नए आवेदन फॉर्म भी वितरित किए जा रहे हैं। अन्नपूर्णा योजना और आयुष्मान कार्ड की स्थिति की जानकारी भी इन्हीं शिविरों में उपलब्ध कराई जा रही है।

हेल्पलाइन और आगे की राह

नागरिकों को उनके निकटतम शिविर तक पहुँचने में सहायता के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब राज्य में कल्याणकारी योजनाओं की अंतिम-मील डिलीवरी को लेकर चर्चा तेज़ है। आने वाले दो दिनों में शिविरों की संख्या बढ़ने के साथ पंजीकरण का आंकड़ा और ऊपर जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इनमें से कितने लाभार्थियों को वास्तव में योजनाओं का लाभ समयसीमा में मिलता है। बंगाल में सरकारी शिविरों में भारी भीड़ और वास्तविक लाभ-वितरण के बीच की खाई पहले भी चर्चा का विषय रही है। सिंगल-विंडो मॉडल की अवधारणा सही दिशा में है, किंतु दस्तावेज़ सत्यापन और एनरोलमेंट की गति को लेकर ज़मीनी सच्चाई शेष दो दिनों में सामने आएगी। यह अभियान राज्य की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखता है जिसमें चुनावी माहौल से पहले कल्याणकारी योजनाओं की दृश्यता बढ़ाई जाती है — नागरिक समाज को इसके क्रियान्वयन पर कड़ी नज़र रखनी होगी।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेवा सेतु अभियान क्या है?
सेवा सेतु अभियान पश्चिम बंगाल सरकार की एक तीन दिवसीय पहल है, जिसे गांधी जयंती 2 अक्टूबर 2026 से शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सिंगल-विंडो सिस्टम के ज़रिये आम लोगों तक पहुँचाना है।
पहले दिन सेवा सेतु शिविरों में कितने लोगों ने पंजीकरण कराया?
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार रात 8 बजे तक 10,68,033 लोगों ने पंजीकरण कराया। इनमें 5,47,965 पुरुष, 5,17,546 महिलाएँ और 2,522 अन्य जेंडर के व्यक्ति शामिल थे।
सेवा सेतु शिविरों में किन योजनाओं का लाभ मिलेगा?
इन शिविरों में अन्नपूर्णा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा श्री, जय जोहार, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान स्वनिधि जैसी प्रमुख योजनाओं का लाभ मिलेगा। विधवा भत्ता, बुढ़ापा भत्ता, विकलांगता भत्ता और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी जानकारी भी यहाँ उपलब्ध है।
पश्चिम बंगाल में कुल कितने सेवा सेतु शिविर लगाए जाएंगे?
तीन दिनों में कुल 3,251 सेवा सेतु अभियान शिविर लगाने का लक्ष्य है। पहले दिन 1,081 कैंप लगाए गए और शेष 2,170 शिविर शनिवार और रविवार को लगाए जाएंगे।
सबसे अधिक पंजीकरण किन जिलों से हुए?
राज्य सरकार के अनुसार सबसे अधिक पंजीकरण बर्दवान, मालदा, कूचबिहार और झारग्राम जिलों से दर्ज हुए। कोलकाता में हर दो वार्ड के लिए एक शिविर की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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