24 अक्टूबर 2026
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विश्व पोलियो दिवस 2026: गडकरी, योगी, मोहन यादव समेत कई नेताओं की अपील — हर बच्चे को मिलें 'दो बूंद जिंदगी की'

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विश्व पोलियो दिवस 2026: गडकरी, योगी, मोहन यादव समेत कई नेताओं की अपील — हर बच्चे को मिलें 'दो बूंद जिंदगी की'

सारांश

विश्व पोलियो दिवस 2026 पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लेकर योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव और नायब सैनी तक — सभी ने एक्स पर एकजुट होकर 'दो बूंद जिंदगी की' की अपील की। 2014 में पोलियो मुक्त घोषित हुए भारत को यह उपलब्धि बनाए रखने के लिए सामूहिक संकल्प ज़रूरी है।

मुख्य बातें

विश्व पोलियो दिवस ( 24 अक्टूबर 2026 ) पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कई मुख्यमंत्रियों ने पोलियो टीकाकरण की अपील की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , मध्य प्रदेश के मोहन यादव , हरियाणा के नायब सैनी , दिल्ली की रेखा गुप्ता और राजस्थान के भजनलाल शर्मा ने एक्स पर संदेश साझा किए।
सभी नेताओं ने 0 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को 'दो बूंद जिंदगी की' समय पर पिलाने की अपील की।
भारत को WHO ने 2014 में आधिकारिक रूप से पोलियो मुक्त घोषित किया था।
नेताओं ने पोलियो उन्मूलन अभियान में योगदान देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विश्व पोलियो दिवस पर 24 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक स्वर में अपील की कि हर बच्चे को पोलियो की 'दो बूंद जिंदगी की' समय पर अवश्य पिलाई जाएं। नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के संकल्प को दोहराया और स्वास्थ्य कर्मियों के अथक योगदान को नमन किया।

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की अपील

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'विश्व पोलियो दिवस पर आइए हम पोलियो मुक्त दुनिया बनाने के अपने संकल्प को और मजबूत करें। हर बच्चे को समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच के जरिए सुरक्षा पाने का हक है। हम सब मिलकर आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रख सकते हैं।'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, 'विश्व पोलियो दिवस प्रेरित करता है कि एक भी बच्चा पोलियो रोधी खुराक से वंचित न रहे। बच्चों को समय पर "दो बूंद जिंदगी की" अवश्य पिलाएं और उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में अपना योगदान दें।'

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भारत को पोलियो मुक्त बनाने के महाअभियान में समर्पित सभी स्वास्थ्यकर्मियों को नमन करते हुए कहा, 'आपके अथक प्रयासों, सेवाभाव और दृढ़ संकल्प ने देश को एक ऐतिहासिक उपलब्धि दिलाई है।'

योगी, रेखा गुप्ता और भजनलाल का संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर कहा, 'हम सभी को गर्व है कि आज भारत पोलियो मुक्त है। आइए, 'विश्व पोलियो दिवस' पर मिलकर संकल्प लें कि पोलियो जैसी बीमारी पुनः पनपने नहीं देंगे। हर बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं।' उन्होंने इस उपलब्धि में भूमिका निभाने वाले सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का हार्दिक अभिनंदन किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प दोहराया और कहा कि भारत को सदैव पोलियो मुक्त बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 'सुरक्षित और स्वस्थ कल की शुरुआत सुरक्षित बचपन से होती है' और हर पात्र बच्चे तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की।

पोलियो मुक्त भारत: ऐतिहासिक संदर्भ

गौरतलब है कि भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2014 में आधिकारिक रूप से पोलियो मुक्त घोषित किया था। यह उपलब्धि दशकों के सामूहिक प्रयास, नियमित पल्स पोलियो अभियानों और लाखों स्वास्थ्य कर्मियों की निष्ठा का परिणाम थी। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी एक्स पर लिखा, '0 से 5 वर्ष तक के हर बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएंगे — खुद जागरूक बनें, दूसरों को भी प्रेरित करें।'

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर पोलियो के कुछ मामले अभी भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में सामने आ रहे हैं, जिससे भारत की सतर्कता और टीकाकरण अभियान की निरंतरता और भी अहम हो जाती है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पोलियो उन्मूलन की स्थिति को बनाए रखने के लिए 0 से 5 वर्ष आयु के बच्चों में टीकाकरण की उच्च दर जरूरी है। नेताओं की इस अपील का उद्देश्य अभिभावकों को नियमित पल्स पोलियो अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर बच्चों को खुराक दिलाएं और इस संदेश को अपने समुदाय तक पहुंचाएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि सोशल मीडिया पोस्ट और ज़मीनी टीकाकरण कवरेज के बीच की खाई अभी भी बनी हुई है। भारत के पड़ोस में पोलियो के सक्रिय मामले होने के बावजूद, देश में 'हर्ड इम्युनिटी' बनाए रखने के लिए दूरदराज़ और वंचित इलाकों तक पहुंच सबसे बड़ी चुनौती है। राजनीतिक नेतृत्व का यह सामूहिक संदेश जागरूकता बढ़ाने में सहायक है, परंतु असली परीक्षा तब होगी जब राज्य सरकारें अपनी टीकाकरण दरों के पारदर्शी आँकड़े सार्वजनिक करें।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व पोलियो दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
विश्व पोलियो दिवस प्रत्येक वर्ष 24 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन पोलियो टीके के सह आविष्कारक जोनास साल्क के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है और इसका उद्देश्य पोलियो उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
भारत पोलियो मुक्त कब हुआ?
भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2014 में आधिकारिक रूप से पोलियो मुक्त घोषित किया था। यह उपलब्धि दशकों के पल्स पोलियो अभियान और स्वास्थ्य कर्मियों के अथक प्रयासों का परिणाम है।
पोलियो की दो बूंद किस उम्र के बच्चों को पिलानी चाहिए?
स्वास्थ्य दिशानिर्देशों के अनुसार, 0 से 5 वर्ष आयु के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद (ओरल पोलियो वैक्सीन) अवश्य पिलाई जानी चाहिए। नेताओं ने अभिभावकों से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर यह खुराक दिलाने की अपील की है।
2026 के विश्व पोलियो दिवस पर किन नेताओं ने अपील की?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अलावा योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), मोहन यादव (मध्य प्रदेश), नायब सैनी (हरियाणा), रेखा गुप्ता (दिल्ली) और भजनलाल शर्मा (राजस्थान) ने एक्स पर पोस्ट कर टीकाकरण की अपील की।
क्या भारत में अभी भी पोलियो का खतरा है?
भारत खुद पोलियो मुक्त है, लेकिन पड़ोसी देशों में पोलियो के मामले सामने आने के कारण सतर्कता जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित टीकाकरण अभियान जारी रखना इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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