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सीएम योगी का सपा पर प्रहार: 'पी' की परिभाषा एक दिन पाकिस्तान से जोड़ेंगे ये लोग

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सीएम योगी का सपा पर प्रहार: 'पी' की परिभाषा एक दिन पाकिस्तान से जोड़ेंगे ये लोग

सारांश

कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर योगी आदित्यनाथ ने सपा के पीडीए फॉर्मूले पर सीधा निशाना साधा — कहा कि 'पी' की परिभाषा पिछड़े से पंडित होते-होते एक दिन पाकिस्तान तक पहुँच जाएगी। 2027 चुनाव से पहले यह बयान भाजपा की हिंदू एकता बनाम सपा के गठबंधन राजनीति की लड़ाई को और तेज करता है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 21 अगस्त को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर सपा पर तीखा हमला बोला।
योगी ने कहा कि सपा के लोग 'पी' की परिभाषा पिछड़े से पंडित और आगे चलकर पाकिस्तान तक ले जाएँगे — सपा के पीडीए फॉर्मूले पर सीधा व्यंग्य।
कल्याण सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन में सत्ता गंवाकर भी रामभक्तों पर गोली चलाने से इनकार किया था।
प्रधानमंत्री मोदी कल्याण सिंह के निधन पर दिल्ली से सीधे लखनऊ आए थे; मायावती ने भी श्रद्धांजलि दी, लेकिन सपा नेतृत्व ने कोई संवेदना व्यक्त नहीं की।
योगी ने सपा की चुप्पी को जातीय और हिंदू गौरव का अपमान करार दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 अगस्त को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित पद्म विभूषण कल्याण सिंह की पुण्यतिथि कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग समय के साथ अपना रंग बदलते हैं, वे 'पी' की परिभाषा भी बदलते रहते हैं — पहले पिछड़े से, फिर पंडित से, और एक दिन पाकिस्तान से भी जोड़ देंगे। यह टिप्पणी सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फ़ॉर्मूले पर सीधा निशाना थी।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री योगी ने इकाना स्टेडियम में कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'बड़ा आदमी पद से नहीं, अपनी सोच और कर्मों से महान होता है।' उन्होंने सपा के पीडीए फ़ॉर्मूले पर व्यंग्य करते हुए कहा कि 'गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले' नेता समय-समय पर 'पी' को अलग-अलग अर्थ देते हैं। योगी ने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक अवसरवाद का उदाहरण है।

कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि

अतरौली के एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पाठशाला में प्रशिक्षण लेकर किसान, शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल के रूप में अनेक दायित्व निभाए। योगी ने उनके व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी, तप और संघर्ष का प्रतीक था। उन्होंने कल्याण सिंह का प्रसिद्ध कथन उद्धृत किया: 'कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता।'

राम जन्मभूमि आंदोलन में भूमिका

सीएम योगी ने राम जन्मभूमि आंदोलन में कल्याण सिंह की अहम भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह ने स्पष्ट घोषणा की थी कि संघर्ष और सत्ता का जाना स्वीकार है, लेकिन प्रभु श्रीराम का अपमान नहीं। उन्होंने रामभक्तों पर गोली चलाने से इनकार कर सत्ता गंवाना स्वीकार किया। योगी ने कहा कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर और रामलला के विराजमान होने पर कल्याण सिंह की स्मृति स्वाभाविक रूप से उभरती है। संतों के संघर्ष, RSS के मार्गदर्शन और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेतृत्व में चले आंदोलन में उनकी भूमिका अविस्मरणीय रही।

सपा पर श्रद्धांजलि न देने का आरोप

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उन्हें तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के निधन पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिला, जो तीनों अलग-अलग दलों से थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सभी कार्यक्रम छोड़कर दिल्ली से सीधे लखनऊ आए और कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी। SGPGI से उनके आवास, अलीगढ़ और नरोरा तक अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री और पूरी कैबिनेट उपस्थित रही। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी शिष्टाचारवश श्रद्धांजलि दी, किंतु सपा नेतृत्व ने न प्रत्यक्ष श्रद्धांजलि दी और न शब्दों में संवेदना व्यक्त की। योगी ने इसे 'कल्याण सिंह का व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि जातीय और हिंदू गौरव का अपमान' करार दिया।

आगे की राजनीतिक दिशा

यह कार्यक्रम 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और सपा के बीच बढ़ती राजनीतिक तनातनी का हिस्सा है। योगी का यह बयान सपा के पीडीए गठबंधन की काट के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें हिंदू एकता और राष्ट्रवाद के मुद्दों को केंद्र में रखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे सपा अपना मुख्य वोट बैंक मानती है। सपा की चुप्पी को 'अपमान' बताना एक पुराना राजनीतिक दाँव है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह बयानबाजी ज़मीनी समीकरण बदल सकती है — या यह केवल मीडिया चक्र तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने 'पी' की परिभाषा पाकिस्तान से जोड़ने वाला बयान क्यों दिया?
यह बयान सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर व्यंग्य के रूप में दिया गया। योगी ने कहा कि जो लोग समय के साथ रंग बदलते हैं, वे 'पी' को पिछड़े, फिर पंडित और आगे चलकर पाकिस्तान से भी जोड़ सकते हैं।
कल्याण सिंह की पुण्यतिथि कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?
यह कार्यक्रम 21 अगस्त को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राम जन्मभूमि आंदोलन में कल्याण सिंह की क्या भूमिका थी?
कल्याण सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन का खुलकर समर्थन किया और सत्ता जाना स्वीकार किया, लेकिन रामभक्तों पर गोली चलाने से इनकार किया। योगी ने उनके इस साहस को सनातन मूल्यों के प्रति अडिग प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
सपा ने कल्याण सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी?
सीएम योगी के अनुसार सपा नेतृत्व ने कल्याण सिंह के निधन पर न प्रत्यक्ष श्रद्धांजलि दी और न शब्दों में संवेदना व्यक्त की। योगी ने इसे जातीय और हिंदू गौरव का अपमान बताया; सपा की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस बयान का 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव पर क्या असर हो सकता है?
यह बयान 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और सपा के बीच पिछड़े वर्ग की राजनीतिक विरासत पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। सपा के पीडीए गठबंधन को 'राष्ट्र-विरोधी' रंग देने की कोशिश भाजपा की व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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