एआई चश्मों से TOEIC परीक्षा में नकल: दक्षिण कोरिया में पहला मामला, 4 साल का प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया में TOEIC अंग्रेजी भाषा परीक्षा के दौरान दो परीक्षार्थियों को एआई-सक्षम चश्मों की मदद से नकल करते हुए पकड़ा गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह देश में इस तरह की तकनीक का उपयोग कर परीक्षा में धोखाधड़ी का पहला दर्ज मामला है।
मुख्य घटनाक्रम
परीक्षा प्रशासन ने बताया कि दोनों व्यक्ति क्रमशः 10 मई और 31 मई को परीक्षा देते समय पकड़े गए। निगरानीकर्ताओं (प्रॉक्टर्स) को तब संदेह हुआ जब उन्होंने देखा कि परीक्षार्थी एआई चश्मे पहने हुए हैं। इसके बाद तत्काल जाँच शुरू की गई और दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
कोरिया TOEIC समिति ने दोनों परीक्षार्थियों के परिणाम रद्द करते हुए उन्हें अगले 4 वर्षों तक TOEIC परीक्षा में बैठने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
एआई चश्मे कैसे करते हैं काम
एआई चश्मे ऐसे उन्नत उपकरण हैं जिनमें कैमरा, माइक्रोफोन और जनरेटिव एआई तकनीक एकीकृत होती है। ये उपकरण सामने दिखाई देने वाले प्रश्नों या सामग्री का विश्लेषण कर उत्तर सीधे लेंस पर प्रदर्शित कर सकते हैं या अंदर लगे स्पीकर के ज़रिए उपयोगकर्ता को सुना सकते हैं। गौरतलब है कि कुछ नए मॉडल सामान्य चश्मों जैसे दिखते हैं, जिससे इन्हें पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और भविष्य की तैयारी
कोरिया TOEIC समिति ने कहा है कि निगरानीकर्ताओं को एआई चश्मों की पहचान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग ऐसे उपकरणों को परीक्षा केंद्रों में ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है — विशेषकर वार्षिक कॉलेज प्रवेश परीक्षा के दौरान, जो देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है।
यह ऐसे समय में आया है जब एआई-आधारित उपकरण वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक ईमानदारी के लिए नई चुनौतियाँ पेश कर रहे हैं।
दक्षिण कोरिया का एआई में बड़ा निवेश
इसी बीच, दक्षिण कोरिया की प्रमुख दूरसंचार कंपनी एसके टेलीकॉम ने जापान की एनटीटी और ताइवान की चूनघवा टेलीकॉम के साथ मिलकर नई पीढ़ी की एआई तकनीकों में निवेश के लिए एक संयुक्त कोष बनाने की घोषणा की है। इस कोष का नाम 'कैटलाइट कैपिटल' रखा गया है और इसका आकार लगभग 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताया गया है।
यह कोष उत्तर अमेरिका, एशिया और यूरोप में एआई स्टार्टअप्स में निवेश करेगा, जिसमें एआई चिप्स, कूलिंग सिस्टम और एआई सेवा अनुप्रयोग जैसी पूरी तकनीकी शृंखला शामिल होगी। एसके हाइनिक्स भी इस कोष में शामिल होने की तैयारी में है।
कंपनी के अनुसार, यह कोष एआई, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और नेटवर्क तकनीक को एकीकृत करने का अवसर है और पूर्वी एशिया की तकनीकी क्षमता को वैश्विक नवाचार प्रणाली से जोड़ने में सहायक होगा।
आगे क्या होगा
परीक्षा प्रशासन के सख्त कदमों के बाद अब सवाल यह है कि क्या अन्य देश भी इसी तरह के नियम लागू करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई-सक्षम उपकरणों की बढ़ती पहुँच के साथ, परीक्षा केंद्रों में तकनीकी निगरानी को और अधिक मज़बूत करना अब अनिवार्य हो गया है।