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विकासशील देशों के लिए एआई बना लाइफलाइन, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में संस्थागत सुधारों पर जोर

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विकासशील देशों के लिए एआई बना लाइफलाइन, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में संस्थागत सुधारों पर जोर

सारांश

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट कह रही है कि एआई विकासशील देशों के लिए एक सदी का काम एक दशक में कर सकता है — लेकिन इसके लिए बिजली, कनेक्टिविटी और संस्थागत सुधार अनिवार्य हैं। विकासशील देशों में ऑटोमेशन का खतरा उच्च आय देशों के मुकाबले तीन गुना कम है, पर उत्पादकता लाभ की संभावना लगभग बराबर है।

मुख्य बातें

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, एआई विकासशील देशों को एक दशक में वह विकास दिला सकता है जो अन्यथा एक सदी में होता।
कम और मध्यम आय वाले देशों में केवल 4.5% नौकरियों पर ऑटोमेशन का खतरा, जबकि उच्च आय देशों में यह 14.2% है।
विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 16.2% नौकरियों की उत्पादकता एआई से बढ़ सकती है — उच्च आय देशों के 18.7% के करीब।
वर्ल्ड बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट इंद्रमित गिल ने कहा कि बड़े डेटा सेंटर के बिना भी छोटे एआई टूल्स से लाखों लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि सेवाएँ मिल सकती हैं।
बिना सुनियोजित नीति के एआई देशों के बीच असमानता और बाज़ार केंद्रीकरण को बढ़ा सकता है।
विकासशील अर्थव्यवस्थाएँ अभी तीन दशकों की सबसे कम विकास दर पर हैं।

विश्व बैंक (World Bank) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विकासशील देशों के लिए एक निर्णायक अवसर बनकर उभरा है — जिसके ज़रिये वे एक दशक में वह विकास हासिल कर सकते हैं जो इसके बिना एक सदी में संभव होता। हालाँकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह संभावना तभी साकार होगी जब इन देशों की सरकारें बिजली, डिजिटल संपर्क, कौशल और संस्थागत गुणवत्ता में मौजूद बुनियादी कमियों को तेज़ी से दूर करें।

ऑटोमेशन का खतरा: विकासशील देशों में कम, लेकिन तैयारी ज़रूरी

रिपोर्ट के आँकड़े बताते हैं कि कम और मध्यम आय वाले देशों में मौजूदा नौकरियों में से केवल 4.5 प्रतिशत पर जेनरेटिव एआई से ऑटोमेशन का खतरा है। इसके विपरीत, अधिक आय वाले देशों में यह आँकड़ा 14.2 प्रतिशत है — अर्थात् उच्च आय वाले देशों में यह जोखिम तीन गुना से अधिक है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर एआई और रोज़गार के बीच संबंध को लेकर गहरी बहस छिड़ी हुई है। विकासशील देशों के लिए यह आँकड़ा राहत देने वाला है, लेकिन रिपोर्ट चेताती है कि बिना तैयारी के यह राहत अल्पकालिक साबित हो सकती है।

उत्पादकता में बड़ी संभावना

रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 16.2 प्रतिशत नौकरियों की उत्पादकता में एआई के ज़रिये उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। गौरतलब है कि यह आँकड़ा अधिक आय वाले देशों के अनुमानित 18.7 प्रतिशत के काफी करीब है — जो दर्शाता है कि एआई की उत्पादकता क्षमता का लाभ उठाने में विकासशील देश पीछे नहीं हैं।

वर्ल्ड बैंक ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ इकोनॉमिस्ट इंद्रमित गिल ने कहा, 'एआई ने विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को एक नई उम्मीद दी है, और उन्हें इसका फायदा उठाना चाहिए। इसके फायदों के लिए उन्हें बड़े मॉडल या बड़े डेटा सेंटर की ज़रूरत नहीं है।'

स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार एआई टूल्स की भूमिका

गिल ने आगे कहा, 'छोटे और सस्ते एआई टूल्स को स्थानीय हालात के हिसाब से ढालकर, ये देश लाखों लोगों तक बेहतर मेडिकल केयर, शिक्षा, न्यायिक सेवाएँ और कृषि से जुड़ी मदद पहुँचा सकते हैं।' रिपोर्ट के अनुसार, 'वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026' यह भी दिखाती है कि विकासशील देश पहले से ही एआई को अपनाकर सफलता हासिल कर रहे हैं।

रिपोर्ट में इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया है कि एआई बिजली और इंटरनेट जैसी पूर्ववर्ती प्रौद्योगिकियों की तुलना में कहीं अधिक तेज़ी से फैल रहा है और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल ढलने में भी सक्षम है।

सरकारी सेवाओं में एआई का उपयोग

रिपोर्ट में बताया गया है कि एआई टूल्स डॉक्टरों को मरीज़ों की बीमारी का शीघ्र निदान करने, किसानों को फसल संबंधी बेहतर निर्णय लेने और व्यवसायों को अधिक उत्पादक बनने में सहायता कर सकते हैं। इसके अलावा, सरकारें टैक्स संग्रह, सामाजिक कार्यक्रमों, आपदा राहत, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए भी एआई का उपयोग कर सकती हैं।

जोखिम और चेतावनियाँ

वर्ल्ड बैंक ने यह भी रेखांकित किया कि विकासशील अर्थव्यवस्थाएँ अभी पिछले तीन दशकों की सबसे कम औसत विकास दर पर हैं। ऐसे में यदि सोच-समझकर कदम नहीं उठाए गए, तो एआई देशों के बीच की खाई को और चौड़ा कर सकता है, आंतरिक असमानता बढ़ा सकता है, बाज़ार की शक्ति को कुछ हाथों में केंद्रित कर सकता है और सरकारी संस्थाओं पर जनता का भरोसा कम कर सकता है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा, मानवाधिकार और सामाजिक एकता के लिए भी नए जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।

विशेषज्ञों की नज़र अब इस बात पर है कि विकासशील देश — विशेष रूप से दक्षिण एशिया और अफ्रीका के — इस रिपोर्ट की सिफारिशों को नीतिगत ढाँचे में कितनी तेज़ी से शामिल करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उत्पादकता का लाभ उठाने की क्षमता भी तभी बनेगी जब बुनियादी ढाँचे की खाई पाटी जाए। विडंबना यह है कि जिन देशों को एआई की सबसे अधिक ज़रूरत है, उनके पास इसे अपनाने के लिए बिजली और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी पर्याप्त नहीं हैं। रिपोर्ट 'संस्थागत गुणवत्ता' पर ज़ोर देती है, लेकिन यह नहीं बताती कि जिन देशों में भ्रष्टाचार और कमज़ोर शासन व्यवस्था है, वे इन सुधारों को किस गति से लागू कर सकते हैं। भारत जैसे देशों के लिए यह एक रणनीतिक अवसर है — लेकिन केवल तब, जब डिजिटल बुनियादी ढाँचे और कौशल विकास में निवेश नीतिगत प्राथमिकता बने, न कि महज़ घोषणा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ल्ड बैंक की एआई रिपोर्ट में विकासशील देशों के लिए क्या कहा गया है?
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, एआई विकासशील देशों को एक दशक में वह विकास हासिल करने में मदद कर सकता है जो अन्यथा एक सदी में संभव होता। लेकिन इसके लिए बिजली, डिजिटल संपर्क, कौशल और संस्थागत गुणवत्ता में कमियों को दूर करना अनिवार्य है।
विकासशील देशों में एआई से नौकरियों पर कितना खतरा है?
रिपोर्ट के अनुसार, कम और मध्यम आय वाले देशों में केवल 4.5% नौकरियों पर ऑटोमेशन का खतरा है, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह आँकड़ा 14.2% है — यानी तीन गुना से अधिक। यह विकासशील देशों के लिए अपेक्षाकृत राहत की बात है।
एआई विकासशील देशों में उत्पादकता कैसे बढ़ा सकता है?
रिपोर्ट के मुताबिक, विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 16.2% नौकरियों की उत्पादकता एआई से उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकती है। एआई टूल्स डॉक्टरों को बीमारी का शीघ्र निदान करने, किसानों को फसल संबंधी बेहतर निर्णय लेने और सरकारों को टैक्स संग्रह व स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर करने में मदद कर सकते हैं।
क्या एआई विकासशील देशों के लिए जोखिम भी पैदा कर सकता है?
हाँ, वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी है कि बिना सुनियोजित नीति के एआई देशों के बीच असमानता बढ़ा सकता है, बाज़ार की शक्ति कुछ हाथों में केंद्रित कर सकता है और सरकारी संस्थाओं पर जनता का भरोसा कम कर सकता है। सुरक्षा और सामाजिक एकता के लिए भी नए जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026 क्या है?
वर्ल्ड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026 वर्ल्ड बैंक की वार्षिक प्रमुख रिपोर्ट है जो इस वर्ष विकासशील देशों में एआई की भूमिका और उसके प्रभावों पर केंद्रित है। यह रिपोर्ट दिखाती है कि विकासशील देश एआई को अपनाकर किस तरह सफलता हासिल कर रहे हैं और उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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